गर्मियों में वजन घटाने के लिए 7 कारगर योगासन

गर्मी का मौसम आते ही फिट और स्लिम दिखने की चाहत बढ़ जाती है, लेकिन चिलचिलाती धूप और उमस में जिम जाकर भारी वर्कआउट करना मुश्किल लगता है। अच्छी बात यह है कि बिना जिम जाए, घर की ठंडक में सिर्फ 20-30 मिनट योगासन करके आप अपने जिद्दी बेली फैट को आसानी से पिघला सकते हैं। योग न केवल शरीर को लचीला बनाता है, बल्कि गर्मियों में मेटाबॉलिज्म को बूस्ट कर वजन घटाने की प्रक्रिया को तेज कर देता है।

अक्सर लोग योग को सिर्फ शांति और ध्यान से जोड़कर देखते हैं, लेकिन सूर्य नमस्कार, फलकासन और त्रिकोणासन जैसे आसन सीधे कोर और फैट बर्निंग सेल्स पर काम करते हैं। अगर आप गर्मियों में वजन कम करने के प्रभावी तरीके ढूंढ रहे हैं, तो यहां बताए गए योगासन और ब्रीदिंग एक्सरसाइज आपकी कैलोरी बर्न करने के साथ-साथ शरीर को अंदर से ठंडा और ऊर्जावान भी रखेंगे।

सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार 12 आसनों का एक क्रम है, जो पूरे शरीर का संपूर्ण वर्कआउट प्रदान करता है। यह तेजी से कैलोरी बर्न करने में मदद करता है। इसका नियमित अभ्यास करने के लिए रोज 10 से 15 राउंड करें।

पवनमुक्तासन

पवनमुक्तासन को पेट की गैस और कब्ज से राहत दिलाने वाला सबसे प्रभावी योगासन माना जाता है। इसे करने के लिए पीठ के बल सीधे लेट जाएं। अब अपने घुटनों को धीरे-धीरे उठाकर सीने की ओर लाएं और हाथों से उन्हें पकड़ लें। इस स्थिति में गहरी सांस लें और 20-30 सेकंड तक बने रहें। फिर धीरे-धीरे पैरों को जमीन पर वापस लाएं। यह आसन पेट और आंत की मांसपेशियों पर हल्का दबाव डालकर गैस, अपच और कब्ज को कम करने में सहायक है। नियमित अभ्यास से पाचन तंत्र मजबूत होता है और पेट की सूजन भी कम होती है।

भुजंगासन

भुजंगासन रीढ़ और पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने वाला एक प्रभावी योगासन है। इसे करने के लिए पेट के बल लेट जाएं, हाथों को कंधों के पास रखें और हथेलियों को जमीन पर टिकाएं। अब धीरे-धीरे शरीर के ऊपरी हिस्से को उठाएं और सिर को पीछे की ओर झुकाएं। सांस को कुछ समय रोकें और महसूस करें कि पेट और रीढ़ की मांसपेशियां खिंच रही हैं। फिर धीरे-धीरे शरीर को नीचे लाएं। भुजंगासन पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करता है, पाचन सुधारता है और कमर दर्द को भी कम करता है।

कपालभाति

कपालभाति एक प्राणायाम है जो शरीर को कई लाभ प्रदान करता है। यह मेटाबॉलिज्म को तेज करता है और वजन कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके नियमित अभ्यास से पेट की चर्बी कम होती है और शरीर डिटॉक्स होता है।

नौकासन

यह आसन पेट की जिद्दी चर्बी घटाने के लिए बेहद प्रभावी है। नौकासन के अभ्यास से एब्स और कोर मजबूत होते हैं। जिन लोगों का पेट निकला हुआ है, वे रोजाना इस आसन का अभ्यास कर सकते हैं। यह पेट की मांसपेशियों को टोन करता है और पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है।

धनुरासन

यह आसन पूरे बैक एरिया को एक्टिव करता है और फैट बर्न करने में मदद करता है। इसके अभ्यास के लिए पेट के बल लेटकर घुटनों को मोड़ें। हाथों से टखने पकड़ें और शरीर को धनुष की तरह ऊपर उठाएं। इससे बैक फैट तेजी से कम होता है। धनुरासन से शरीर की शेप सुधरती है और मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है।

उत्कटासन

इस आसन का नाम भले ही साधारण लगे, लेकिन इसका असर गहरा होता है। उत्कटासन के अभ्यास से थाई और ग्लूट्स को ताकत मिलती है। यह घुटनों को सपोर्ट प्रदान करता है और पैरों की थकान को कम करता है। इसे करने के लिए घुटनों को मोड़ते हुए ऐसे बैठें जैसे कुर्सी पर बैठ रहे हों। इस दौरान हाथों को ऊपर रखें।

यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योग गुरु से संपर्क किया जा सकता है। गर्भावस्था में योग को लेकर डॉक्टर से सलाह जरूर लें।