कंधे के दर्द से राहत के लिए योगासन
आजकल लंबे समय तक लैपटॉप या मोबाइल के इस्तेमाल से कंधे का दर्द एक आम समस्या बन गया है। गलत पोश्चर, मानसिक तनाव और शारीरिक गतिविधि की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। एक ही स्थिति में लगातार बैठे रहने से कंधों में अकड़न और दर्द होने लगता है। योग इस समस्या का एक प्राकृतिक और प्रभावी समाधान है, जो बिना दवा के आराम दे सकता है।
योग का अभ्यास धीरे-धीरे और सावधानी से करना चाहिए। यदि दर्द अधिक हो तो डॉक्टर से परामर्श लें। सही तकनीक का पालन करना जरूरी है और अचानक झटके लगाने से बचें। योगासन शरीर को लचीला बनाते हैं और मांसपेशियों को मजबूत करते हैं। साथ ही ये मानसिक तनाव को भी कम करते हैं। आइए जानते हैं कंधे के दर्द में कौन से योगासन फायदेमंद हैं।
भुजंगासन
इस आसन को करने के लिए पेट के बल लेटकर हाथों के सहारे ऊपरी शरीर को ऊपर उठाएं। भुजंगासन के नियमित अभ्यास से कंधे और पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। यह आसन रीढ़ को लचीला बनाने में भी सहायक है।
गोमुखासन
इस आसन के लिए दोनों हाथों को पीठ के पीछे ले जाएं। एक हाथ कंधे के ऊपर से और दूसरा हाथ नीचे से ले जाकर दोनों हथेलियों को आपस में जोड़ लें। कुछ देर इसी स्थिति में रहें। गोमुखासन कंधों की जकड़न को दूर करने में मदद करता है और ऊपरी शरीर की मांसपेशियों को आराम देता है।
गरुड़ासन
गरुड़ासन करने के लिए सीधे खड़े होकर एक पैर को दूसरे पैर के ऊपर लपेटें। इसी तरह एक बांह को दूसरी बांह में फंसाते हुए नमस्कार की मुद्रा बनाएं और घुटनों से थोड़ा झुकें। यह आसन कंधे और गर्दन के दर्द को कम करता है। साथ ही यह शरीर का संतुलन सुधारने में भी सहायक है।
मार्जरीआसन (कैट-काऊ पोज)
इसे कैट-काऊ पोज के नाम से भी जाना जाता है। घुटनों के बल बैठकर दोनों हथेलियों को जमीन पर टिकाएं। अब बिल्ली की तरह पीठ को ऊपर और नीचे करें। मार्जरीआसन करने से रीढ़ और कंधों को काफी राहत मिलती है। यह आसन पीठ की मांसपेशियों को स्ट्रेच करता है और लचीलापन बढ़ाता है।
- योग का अभ्यास हमेशा खाली पेट या हल्का भोजन करने के बाद ही करें।
- शुरुआत में प्रत्येक आसन को कुछ सेकंड के लिए ही करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।
- सांस लेने की सामान्य गति बनाए रखें और किसी भी आसन में जोर न लगाएं।
- यदि किसी आसन में दर्द बढ़े तो तुरंत रुक जाएं और आराम करें।