बरसात के मौसम में सेहतमंद रहने के लिए योगासन

मानसून का मौसम जहां एक ओर भीषण गर्मी से राहत देता है, वहीं दूसरी ओर कई स्वास्थ्य समस्याओं को भी जन्म देता है। इस दौरान वातावरण में नमी अधिक होने के कारण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से पनपते हैं। इसी कारण पेट खराब होना, गैस, एसिडिटी, अपच, त्वचा पर खुजली, रैशेज और फंगल इंफेक्शन जैसी परेशानियां आम हो जाती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश के मौसम में पाचन शक्ति कमजोर पड़ सकती है। बार-बार भीगने और नमी के संपर्क में रहने से त्वचा संबंधी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। ऐसे में सिर्फ खानपान का ध्यान रखना काफी नहीं है, बल्कि शरीर को अंदर से मजबूत बनाना भी जरूरी है। योग एक प्राकृतिक उपाय है जो पाचन तंत्र को दुरुस्त करने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है।

नियमित योगाभ्यास से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है, तनाव कम होता है और संक्रमण से लड़ने की ताकत मिलती है। कुछ विशेष योगासन मानसून में होने वाली पेट और त्वचा की समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही प्रभावी योगासनों के बारे में।

पवनमुक्तासन

पवनमुक्तासन पेट में जमा गैस को बाहर निकालने और पाचन तंत्र को सक्रिय करने में मदद करता है। मानसून में पाचन संबंधी समस्याएं सबसे अधिक देखी जाती हैं। यह आसन कब्ज, ब्लोटिंग और अपच जैसी समस्याओं को कम करने में लाभकारी माना जाता है। रोजाना पांच से दस मिनट इसका अभ्यास करने से पेट हल्का और स्वस्थ महसूस होता है।

वज्रासन

वज्रासन एकमात्र ऐसा योगासन है जिसे भोजन करने के तुरंत बाद किया जा सकता है। यह पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाता है और एसिडिटी तथा गैस की समस्या को कम करने में सहायक है। मानसून में जब पेट की गड़बड़ियां बढ़ जाती हैं, तब वज्रासन का नियमित अभ्यास काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

भुजंगासन

भुजंगासन शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाता है और पेट के अंगों को मजबूत करता है। इसके नियमित अभ्यास से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जिससे मानसून में होने वाले संक्रमणों का खतरा कम हो सकता है। यह योगासन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने और शरीर में ऊर्जा का संचार करने में भी सहायक है।

त्रिकोणासन

त्रिकोणासन शरीर में रक्त प्रवाह को बढ़ाने में मदद करता है। बेहतर ब्लड सर्कुलेशन के कारण त्वचा तक पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचते हैं, जिससे त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनी रहती है। मानसून में होने वाली त्वचा संबंधी समस्याओं से बचाव के लिए यह योगासन लाभकारी माना जाता है।

इन योगासनों के अलावा प्राणायाम का अभ्यास भी मानसून में फायदेमंद होता है। नियमित योगाभ्यास न केवल पाचन और त्वचा को स्वस्थ रखता है, बल्कि शरीर को संक्रमणों से लड़ने की क्षमता भी प्रदान करता है। बरसात के मौसम में इन आसनों को अपनी दिनचर्या में शामिल करके आप कई बीमारियों से बच सकते हैं।