मोबाइल के अधिक उपयोग से गर्दन का दर्द? ये पांच योगासन करेंगे मदद
आज के समय में मोबाइल फोन हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है। ऑफिस का काम हो, ऑनलाइन पढ़ाई, सोशल मीडिया पर समय बिताना या वीडियो देखना, हम दिन का अधिकांश हिस्सा स्क्रीन पर ही बिताते हैं। लेकिन लगातार गर्दन झुकाकर मोबाइल देखने की यह आदत धीरे-धीरे एक गंभीर समस्या का रूप ले रही है, जिसे विशेषज्ञ टेक्स्ट नेक सिंड्रोम के नाम से जानते हैं।
जब हम लंबे समय तक नीचे देखकर मोबाइल चलाते हैं, तो गर्दन पर सामान्य से कई गुना अधिक दबाव पड़ता है। इससे गर्दन की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं और दर्द, अकड़न, सिरदर्द और कंधों में जकड़न जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। कई लोगों को सुबह उठते समय गर्दन घुमाने में भी कठिनाई होती है।
योग के माध्यम से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। योग न केवल गर्दन और कंधों की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, बल्कि शरीर की गलत मुद्रा को भी सुधारता है। नियमित योगाभ्यास से रक्त संचार बेहतर होता है और मांसपेशियों का तनाव कम होता है।
अगर आप भी दिनभर मोबाइल या लैपटॉप पर काम करते हैं और गर्दन दर्द से परेशान हैं, तो निम्नलिखित योगासन आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकते हैं।
भुजंगासन (कोबरा पोज़)
भुजंगासन गर्दन, कंधों और रीढ़ की हड्डी को मजबूती प्रदान करता है। यह आसन लंबे समय तक झुकी हुई गर्दन के प्रभाव को कम करने में सहायक है।
- पेट के बल लेटकर धीरे-धीरे ऊपरी शरीर को ऊपर उठाएं और सामने की ओर देखें।
- 15 से 20 सेकंड तक इस स्थिति में रहें।
- नियमित अभ्यास से गर्दन की अकड़न में कमी आ सकती है।
मार्जरी-व्याघ्रासन (कैट-काउ पोज़)
यह योगासन रीढ़ और गर्दन की लचक बढ़ाने के लिए बेहद प्रभावी माना जाता है।
- सांस लेते हुए पीठ को नीचे झुकाएं और गर्दन ऊपर उठाएं।
- सांस छोड़ते हुए पीठ को गोल करें और ठुड्डी को अंदर की ओर लाएं।
- 8 से 10 बार दोहराने से गर्दन और पीठ का तनाव कम होता है।
बालासन (चाइल्ड पोज़)
बालासन शरीर को गहरी विश्रांति प्रदान करता है। यह गर्दन और कंधों की मांसपेशियों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद करता है।
- दिनभर मोबाइल इस्तेमाल करने के बाद बालासन करने से तनाव और थकान में राहत महसूस होती है।
- यह आसन मानसिक शांति भी प्रदान करता है।
ताड़ासन (माउंटेन पोज़)
ताड़ासन शरीर की मुद्रा सुधारने के लिए सबसे सरल और प्रभावी योगासन है। यह रीढ़ को सीधा रखता है और गर्दन पर अनावश्यक दबाव को कम करता है।
- अगर आपकी गर्दन मोबाइल देखने की वजह से आगे की ओर झुकने लगी है, तो ताड़ासन का नियमित अभ्यास लाभदायक हो सकता है।
- यह आसन शरीर के संतुलन को भी बेहतर बनाता है।
गर्दन स्ट्रेचिंग (नेक स्ट्रेच)
यह एक सरल लेकिन प्रभावी व्यायाम है जिसे कहीं भी किया जा सकता है।
- सीधे बैठकर धीरे-धीरे गर्दन को दाएं और बाएं घुमाएं।
- फिर गर्दन को आगे और पीछे की ओर झुकाएं।
- प्रत्येक स्थिति में 10 से 15 सेकंड तक रुकें।
- इससे गर्दन की मांसपेशियों में लचीलापन आता है और दर्द से राहत मिलती है।