हार्दिक पांड्या की संगिनी माहिका शर्मा का फिटनेस मंत्र: ये योगासन हैं उनकी सेहत का राज
हार्दिक पांड्या का निजी जीवन अक्सर चर्चा का विषय बना रहता है। इन दिनों उनकी संगिनी माहिका शर्मा भी खूब सुर्खियों में हैं। माहिका शर्मा अपनी दमकती त्वचा और शानदार फिटनेस के लिए जानी जाती हैं। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें अक्सर वायरल होती रहती हैं।
आजकल हर व्यक्ति फिट और स्वस्थ रहने की चाहत रखता है, लेकिन हर किसी के पास जिम जाने का समय या प्रेरणा नहीं होती। ऐसे में योग एक बेहतरीन विकल्प के रूप में उभरता है। माहिका शर्मा भी अपनी फिटनेस बनाए रखने के लिए योग पर गहरा भरोसा रखती हैं।
अगर आप भी बिना अधिक खर्च और मेहनत के खुद को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो माहिका शर्मा के ये योगासन आपके लिए बहुत लाभदायक साबित हो सकते हैं। ये आसन न केवल वजन को नियंत्रित करते हैं बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करते हैं।
यहां उनके कुछ विशेष योगासनों के बारे में बताया जा रहा है, जिन्हें माहिका शर्मा ने अपनी दिनचर्या में शामिल किया है। इन आसनों को अपनाकर आप भी चुस्त और सक्रिय रह सकते हैं।
सूर्य नमस्कार
माहिका शर्मा नियमित रूप से सूर्य नमस्कार और प्राणायाम का अभ्यास करती हैं। सूर्य नमस्कार एक ऐसा योग है जो पूरे शरीर को सक्रिय करता है। इसे रोजाना करने से वजन नियंत्रण में रहता है और शरीर की टोनिंग होती है।
वहीं प्राणायाम के अभ्यास से मानसिक तनाव घटता है और फेफड़ों की क्षमता में वृद्धि होती है। माहिका शर्मा इसे अपनी फिटनेस दिनचर्या का अहम हिस्सा मानती हैं।
चक्रासन और एक पाद ऊर्ध्व धनुरासन
माहिका शर्मा एक तस्वीर में चक्रासन की मुद्रा में दिखती हैं, वहीं वह एक पाद ऊर्ध्व धनुरासन का भी अभ्यास करती हैं। चक्रासन के नियमित अभ्यास से भुजाएं और पैर मजबूत होते हैं। साथ ही फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आता है।
एक पाद ऊर्ध्व धनुरासन कंधों और छाती को खोलने के साथ-साथ कूल्हों की मजबूती और लचीलापन बढ़ाने में सहायक है। यह आसन शरीर के ऊपरी हिस्से को लचीला बनाता है।
हनुमानासन
माहिका शर्मा हनुमानासन का भी अभ्यास करती हैं। यह आसन पैरों, कूल्हों और हैमस्ट्रिंग को गहरा खिंचाव देकर शरीर को लचीला बनाता है। हनुमानासन पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करता है, रक्त संचार में सुधार लाता है और पेट के अंगों को उत्तेजित करता है।
इस आसन से मानसिक एकाग्रता और धैर्य में वृद्धि होती है। मंकी पोज के नाम से मशहूर यह आसन साइटिका से राहत दिलाने और रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ रखने में भी मददगार है।
त्रिकोणासन और उत्थित पार्श्वकोणासन
शरीर के लचीलेपन के लिए ये दोनों आसन बेहद प्रभावी हैं। त्रिकोणासन करने से शरीर में लचीलापन आता है और कमर की चर्बी कम होती है। यह आसन शरीर को आकार में रखने में सहायता करता है।
उत्थित पार्श्वकोणासन पैरों, कूल्हों और बगल के हिस्से में गहरा खिंचाव लाता है। यह आसन शारीरिक शक्ति, संतुलन और लचीलेपन को बढ़ाने में सहायक है। नियमित अभ्यास से शरीर में ऊर्जा का संचार बना रहता है।