फरवरी 2026 में तकनीकी संकट: यूट्यूब, एक्स और इंस्टाग्राम हुए ठप, लाखों उपयोगकर्ता प्रभावित
बुधवार, 18 फरवरी 2026 की सुबह, दुनिया भर के लाखों इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के लिए एक अप्रिय आश्चर्य लेकर आई। दुनिया के सबसे लोकप्रिय वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म, यूट्यूब ने अचानक काम करना बंद कर दिया। यह आउटेज केवल कुछ मिनटों का नहीं था, बल्कि इसने भारत सहित कई देशों में उपयोगकर्ताओं को काफी देर तक परेशान किया। खास बात यह है कि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब इसी महीने एक्स (पूर्व में ट्विटर) और इंस्टाग्राम जैसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी कई घंटों तक डाउन रह चुके हैं। इस लगातार हो रहे तकनीकी व्यवधान ने एक बार फिर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की विश्वसनीयता और वैश्विक क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमारी बढ़ती निर्भरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यूट्यूब आउटेज: कब और कैसे शुरू हुई समस्या?
मंगलवार, 17 फरवरी की देर रात से ही उपयोगकर्ताओं को यूट्यूब तक पहुंचने में दिक्कतें आनी शुरू हो गई थीं। शुरुआती रिपोर्ट्स अमेरिका से आईं, लेकिन जल्द ही भारत और दुनिया के अन्य हिस्सों से भी प्लेटफॉर्म के डाउन होने की शिकायतें सामने आने लगीं। आउटेज ट्रैक करने वाली वेबसाइट डाउनडिटेक्टर के अनुसार, सुबह 8 बजे तक 3.5 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं ने इस समस्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
यूट्यूब की मूल कंपनी गूगल ने सुबह करीब 7.30 बजे एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जानकारी दी कि रिकमंडेशन सिस्टम में एक खराबी के कारण यूट्यूब के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स, जैसे होमपेज, यूट्यूब एप, यूट्यूब म्यूजिक और यूट्यूब किड्स पर वीडियो दिखाई नहीं दे रहे थे। कंपनी ने यह भी बताया कि होमपेज को अस्थायी रूप से ठीक कर लिया गया है, लेकिन पूरी तरह से गड़बड़ी दूर करने के लिए टीम लगातार काम कर रही है। 18 फरवरी की सुबह तक गूगल ने एक और पोस्ट के जरिए सेवाओं के सामान्य होने की पुष्टि कर दी थी।
इस महीने एक्स और इंस्टाग्राम भी रहे डाउन
फरवरी 2026 का महीना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए काफी बुरा साबित हुआ है। केवल यूट्यूब ही नहीं, बल्कि एलन मस्क के स्वामित्व वाला प्लेटफॉर्म एक्स भी इस महीने दो बार पूरी तरह से ठप हो चुका है। 5 और 16 फरवरी को एक्स पर बड़े पैमाने पर आउटेज देखा गया। इन दिनों उपयोगकर्ता एप या वेबसाइट पर अपनी फीड रिफ्रेश नहीं कर पा रहे थे और उन्हें एरर मैसेज दिखाई देने लगता था। पोस्ट करने और शेयर करने की सुविधाएं भी पूरी तरह से बंद हो गई थीं।
वहीं, 5 फरवरी को ही मेटा के स्वामित्व वाले प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम ने भी हजारों उपयोगकर्ताओं को निराश किया। इस दिन उपयोगकर्ता पोस्ट, स्टोरी या मैसेज भेजने में असमर्थ थे। इस तरह से फरवरी के पहले ही पखवाड़े में तीन प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर व्यापक व्यवधान देखने को मिला, जिसने डिजिटल दुनिया की कमजोरियों को उजागर किया।
2025: बड़े प्लेटफॉर्म्स के लिए उथल-पुथल भरा साल
साल 2025 इंटरनेट और क्लाउड सेवाओं के लिए काफी अशांत रहा था। इस दौरान कई बड़े टेक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बार-बार आउटेज का शिकार हुए। यहां कुछ प्रमुख घटनाओं का उल्लेख किया गया है:
- अक्टूबर 2025: 20 अक्टूबर को अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS) में एक बड़ी खराबी आई, जिसे साल का सबसे बड़ा आउटेज माना गया। इसके चलते नेटफ्लिक्स, स्नैपचैट और कई ई-कॉमर्स वेबसाइटें लगभग 15 से 18 घंटे तक बाधित रहीं।
- नवंबर 2025: 18 नवंबर को क्लाउडफ्लेयर में हुई तकनीकी गड़बड़ी ने हजारों वेबसाइटों और एप को अचानक बंद कर दिया। इसका सबसे बड़ा असर चैटजीपीटी, परप्लेक्सिटी और एक्स जैसे एआई प्लेटफॉर्म्स पर पड़ा, जो पूरी तरह से डाउन हो गए।
- गेमिंग क्षेत्र: 7 फरवरी 2025 को सोनी का प्लेस्टेशन नेटवर्क 24 घंटे से अधिक समय तक बंद रहा, जिससे दुनिया भर के लाखों गेमर्स को परेशानी हुई।
- जून 2025: 12 जून को गूगल क्लाउड में आई समस्या के कारण स्पॉटिफाई, डिस्कॉर्ड और ट्विच जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म कई घंटों तक ठप रहे।
- माइक्रोसॉफ्ट एज़्योर: माइक्रोसॉफ्ट के क्लाउड प्लेटफॉर्म एज़्योर में सर्वर की गड़बड़ी के चलते 9 और 29 अक्टूबर को दो बड़े आउटेज हुए, जिनका असर दुनिया भर की एयरलाइंस और व्यावसायिक सेवाओं पर पड़ा।
- अन्य घटनाएं: 10 मार्च 2025 को एक्स पर एक बड़ा आउटेज दर्ज किया गया, जिससे भारत में 6 लाख से अधिक उपयोगकर्ता प्रभावित हुए। इसके अलावा, 15 अक्टूबर को यूट्यूब वैश्विक स्तर पर ठप रहा। स्नैपचैट, व्हाट्सएप, स्लैक और स्पॉटिफाई जैसी सेवाएं भी पूरे साल तकनीकी समस्याओं से जूझती रहीं।
यूट्यूब का सफर: 2005 से आज तक
यूट्यूब को 14 फरवरी 2005 को लॉन्च किया गया था। इसके डोमेन को कैलिफोर्निया के सैन मैटो में रजिस्टर किया गया था। इस प्लेटफॉर्म को पेपैल के तीन पूर्व कर्मचारियों—चाड हर्ली, स्टीव चेन और जावेद करीम ने बनाया था। दिलचस्प बात यह है कि यूट्यूब बनाने का विचार तब आया जब एक डिनर पार्टी के वीडियो को ऑनलाइन साझा करने में उन्हें काफी तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।
यूट्यूब की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए गूगल ने अक्टूबर 2006 में इसे 1.65 अरब डॉलर में खरीदने का प्रस्ताव रखा। यह सौदा 13 नवंबर 2006 को पूरा हुआ और तब से यह प्लेटफॉर्म गूगल का हिस्सा है। गूगल ने अपना खुद का गूगल वीडियो प्लेटफॉर्म भी शुरू किया था, लेकिन वह यूट्यूब जैसी सफलता हासिल नहीं कर सका।
भारत में यूट्यूब का आधिकारिक सफर 7 मई 2008 को शुरू हुआ। गूगल ने भारतीय सामग्री को बढ़ावा देने के लिए राजश्री ग्रुप, यूटीवी और जूम चैनल जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी की। आज भारत यूट्यूब के लिए दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक है। 2025 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में यूट्यूब के 50 करोड़ से अधिक मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता हैं, जो इस प्लेटफॉर्म के वैश्विक महत्व को दर्शाता है।