यूट्यूब ला रहा है नया चैट फीचर, अब ऐप के अंदर ही कर सकेंगे बातचीत

दुनिया के सबसे बड़े वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब ने अपने उपयोगकर्ताओं के लिए एक बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। कंपनी एक बार फिर अपने ऐप में डायरेक्ट मैसेजिंग (डीएम) फीचर को शामिल करने जा रही है। यह वही सुविधा है जिसे 2019 में बंद कर दिया गया था। अब इसके वापस आने से यूजर्स सीधे यूट्यूब ऐप के अंदर वीडियो शेयर कर सकेंगे, दोस्तों से चैट कर सकेंगे और ग्रुप में भी बातचीत कर पाएंगे।

2019 में बंद हुआ था यह फीचर

यह जानकर शायद आपको हैरानी हो, लेकिन यूट्यूब पर मैसेजिंग की सुविधा कोई नई नहीं है। कंपनी ने इसे सालों पहले शुरू किया था, लेकिन 2019 में इसे बंद कर दिया गया। उस समय यूट्यूब का मानना था कि लोग वीडियो शेयर करने के लिए व्हाट्सएप और अन्य प्लेटफॉर्म का ज्यादा उपयोग कर रहे हैं। इस वजह से इन-ऐप मैसेजिंग को ज्यादा सफलता नहीं मिल पाई थी। लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल गए हैं।

क्यों वापस लाया जा रहा है यूट्यूब डीएम?

आज के डिजिटल युग में हर प्लेटफॉर्म यह चाहता है कि यूजर उसके ऐप के अंदर ही ज्यादा से ज्यादा समय बिताए। इंस्टाग्राम, फेसबुक और स्नैपचैट जैसे ऐप पहले से ही मैसेजिंग पर जोर दे रहे हैं। यूट्यूब भी अब इस प्रतिस्पर्धा में पीछे नहीं रहना चाहता। कंपनी की कोशिश है कि वीडियो देखने, उस पर चर्चा करने और उसे शेयर करने के लिए यूजर्स को यूट्यूब से बाहर न जाना पड़े।

नए फीचर की खास बातें

लीक और रिपोर्ट्स के अनुसार, यूट्यूब का यह नया डीएम फीचर पुराने वर्जन से कहीं ज्यादा उन्नत होगा। इसमें उपयोगकर्ताओं को कई शानदार सुविधाएं मिलेंगी:

  • डायरेक्ट वीडियो शेयरिंग: कोई मजेदार या जानकारीपूर्ण वीडियो देखने के बाद उसे सीधे यूट्यूब चैट में अपने दोस्तों को भेज सकते हैं।
  • पर्सनल और ग्रुप चैट: आप दोस्तों के साथ एक-एक करके बात कर सकते हैं या ग्रुप बनाकर वीडियो पर चर्चा कर सकते हैं।
  • बेहतर अनुभव: वीडियो शेयर करने के लिए लिंक कॉपी करके दूसरे ऐप पर जाने की जरूरत नहीं होगी। इससे समय की बचत होगी और उपयोगकर्ता का अनुभव बेहतर बनेगा।

व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के लिए चुनौती

यूट्यूब का यह इन-ऐप चैट फीचर सीधे तौर पर व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म को टक्कर दे सकता है। जब लोग यूट्यूब पर ही वीडियो देखने, शेयर करने और चैट करने में सक्षम होंगे, तो उन्हें अन्य ऐप पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

रोलआउट और उपलब्धता

यह फीचर एक साथ सभी देशों में नहीं आएगा। शुरुआत में इसे कुछ चुनिंदा देशों में परीक्षण के तौर पर लॉन्च किया जा रहा है। अगर यह परीक्षण सफल रहता है और उपयोगकर्ताओं को पसंद आता है, तो जल्द ही इसे दुनिया भर में उपलब्ध करा दिया जाएगा। यूट्यूब की यह पहल प्लेटफॉर्म को और अधिक सामाजिक और इंटरैक्टिव बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।