यूट्यूब का नया AI फीचर: प्रॉम्प्ट से बदलेगा शॉर्ट्स का फ्रेम

वीडियो एडिटिंग के लिए अब किसी भारी-भरकम सॉफ्टवेयर या महंगे एप की जरूरत नहीं रहेगी। गूगल के स्वामित्व वाला प्लेटफॉर्म यूट्यूब अपने शॉर्ट्स क्रिएटर्स के लिए एक एआई-पावर्ड रिमिक्स फीचर ला रहा है। इस सुविधा के जरिए आप सिर्फ एक प्रॉम्प्ट (टेक्स्ट कमांड) देकर अपने वीडियो का पूरा रूप बदल सकेंगे। फिलहाल यह फीचर अंग्रेजी भाषा के क्रिएटर्स के लिए टेस्टिंग चरण में है।

एड ऑब्जेक्ट: वीडियो में जोड़ें कोई भी चीज

यूट्यूब की रिमिक्स गैलरी में दो नए टूल जोड़े जा रहे हैं। पहला टूल है ‘एड ऑब्जेक्ट’, जो आपको 8 सेकंड की शॉर्ट्स क्लिप में एआई-जनरेटेड वस्तुएं डालने की अनुमति देगा। उदाहरण के लिए, यदि आप पार्क में टहल रहे हैं, तो एआई की मदद से अपने पीछे एक डायनासोर या आसमान में उड़ती कार जोड़ सकते हैं। इस प्रक्रिया में किसी तीसरे पक्ष के एप की आवश्यकता नहीं होगी।

रिइमेजिन: एक फ्रेम से पूरा नया वीडियो

दूसरा टूल ‘रिइमेजिन’ है, जो शॉर्ट्स के एक साधारण फ्रेम को पूरी तरह से नए एआई वीडियो में बदल सकता है। इसका उपयोग बेहद सरल है। आपको बस एक प्रॉम्प्ट लिखना होगा, जैसे ‘इसे मंगल ग्रह पर दिखाओ’। साथ ही, रेफरेंस के लिए दो फोटो भी अपलोड की जा सकती हैं। यूट्यूब आपको सुझाए गए प्रॉम्प्ट भी देगा, जिससे यह प्रक्रिया और भी आसान हो जाएगी।

क्रिएटर्स के अधिकारों का ध्यान

यूट्यूब ने इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि मूल कंटेंट बनाने वालों को कोई नुकसान न हो। इसके लिए दो प्रमुख उपाय किए गए हैं:

  • क्रेडिट लिंकिंग: एआई से बने रिमिक्स वीडियो हमेशा मूल वीडियो से लिंक रहेंगे। इससे असली क्रिएटर को पहचान और ट्रैफिक मिलता रहेगा।
  • कंट्रोल आपके हाथ में: यदि कोई क्रिएटर नहीं चाहता कि उसके वीडियो का एआई रिमिक्स बने, तो वह सेटिंग्स में जाकर स्टैंडर्ड रिमिक्सिंग को बंद कर सकता है।

भारत में कब होगा उपलब्ध?

फिलहाल यह फीचर केवल अंग्रेजी भाषा के क्रिएटर्स के साथ टेस्ट किया जा रहा है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो 2026 के अंत तक इसे हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं के लिए भी रोल आउट कर दिया जाएगा। यह कदम यूट्यूब शॉर्ट्स को इंस्टाग्राम रील्स और टिकटॉक के मुकाबले काफी आगे ले जा सकता है। कंटेंट क्रिएटर्स के लिए यह एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है, जिससे वीडियो एडिटिंग का पूरा तरीका ही बदल जाएगा।