विश्व डेंगू दिवस 2026: क्यों कुछ लोगों को मच्छर अधिक काटते हैं? जानिए इसके पीछे का विज्ञान
हर साल विश्व डेंगू दिवस मनाने का उद्देश्य मच्छरों से फैलने वाली इस खतरनाक बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाना है। डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां हर साल हजारों लोगों को प्रभावित करती हैं, खासकर मानसून के मौसम में। विशेषज्ञों के अनुसार, पानी जमा न होने देना, पूरी बाजू के कपड़े पहनना और मच्छरदानी का उपयोग करना बचाव के प्रमुख उपाय हैं। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि एक ही जगह पर बैठे कुछ लोगों को मच्छर अधिक काटते हैं, जबकि कुछ लोगों को बिल्कुल नहीं? यह सिर्फ एक संयोग नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरे वैज्ञानिक कारण हैं।
मच्छरों को क्यों पसंद हैं कुछ खास लोग?
वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चलता है कि मच्छर अपने शिकार का चयन करने के लिए कई तरह के संकेतों का उपयोग करते हैं। इनमें शरीर की गंध, त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया, शरीर का तापमान और यहां तक कि ब्लड ग्रुप भी शामिल है। आइए विस्तार से समझते हैं कि कौन से कारक आपको मच्छरों का पसंदीदा शिकार बनाते हैं।
त्वचा की गंध और बैक्टीरिया का खेल
हमारी त्वचा पर लाखों बैक्टीरिया रहते हैं जो पसीने में मौजूद तत्वों को तोड़कर अलग-अलग प्रकार की गंध पैदा करते हैं। एक अध्ययन के अनुसार, जिन लोगों की त्वचा से ‘कार्बोक्सिलिक एसिड’ नामक रसायन अधिक मात्रा में निकलता है, वे मच्छरों के लिए अधिक आकर्षक होते हैं। यह रसायन त्वचा की प्राकृतिक गंध का हिस्सा है और मच्छर इसे दूर से ही भांप लेते हैं। इसलिए, जिन लोगों के शरीर से इस रसायन की मात्रा अधिक होती है, उन्हें मच्छर अधिक काटते हैं।
ब्लड ग्रुप भी है मायने रखता है
जापान में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है कि मच्छर कुछ ब्लड ग्रुप वाले लोगों को दूसरों की तुलना में अधिक पसंद करते हैं। इस अध्ययन के अनुसार, ‘ओ’ ब्लड ग्रुप वाले लोगों को मच्छर सबसे अधिक काटते हैं। इसके पीछे कारण यह है कि मच्छर त्वचा से निकलने वाले रासायनिक संकेतों के आधार पर ब्लड ग्रुप का पता लगा लेते हैं। ‘ओ’ ब्लड ग्रुप वाले लोगों की त्वचा से ऐसे रसायन निकलते हैं जो मच्छरों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं।
कार्बन डाइऑक्साइड: मच्छरों का मुख्य आकर्षण
जब हम सांस छोड़ते हैं तो कार्बन डाइऑक्साइड गैस निकलती है, और मच्छर इस गैस को दूर से ही महसूस कर सकते हैं। यही कारण है कि जो लोग अधिक कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं, वे मच्छरों के लिए अधिक आकर्षक बन जाते हैं। गर्भवती महिलाएं और जो लोग नियमित रूप से भारी व्यायाम करते हैं, वे सामान्य लोगों की तुलना में अधिक कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं। यही वजह है कि इन लोगों को मच्छर अक्सर अधिक काटते हैं।
शरीर का तापमान और पसीना
मच्छर गर्मी की ओर आकर्षित होते हैं। जिन लोगों के शरीर का तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक होता है या जिन्हें अधिक पसीना आता है, वे मच्छरों के निशाने पर आ जाते हैं। पसीने में मौजूद लैक्टिक एसिड, अमोनिया और अन्य रासायनिक यौगिक मच्छरों को अपनी ओर खींचते हैं। इसलिए गर्मी के मौसम में या कसरत करने के बाद मच्छरों का हमला अधिक होता है।
गर्भावस्था और मच्छरों का आकर्षण
गर्भवती महिलाओं को मच्छर अधिक काटते हैं, इसके दो मुख्य कारण हैं। पहला, गर्भावस्था के दौरान शरीर का तापमान थोड़ा बढ़ जाता है, जो मच्छरों को आकर्षित करता है। दूसरा, गर्भवती महिलाएं सामान्य महिलाओं की तुलना में लगभग 21% अधिक कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ती हैं। ये दोनों कारण मिलकर गर्भवती महिलाओं को मच्छरों का आसान शिकार बना देते हैं।
आनुवंशिकी का प्रभाव
शोध से यह भी पता चलता है कि मच्छरों के प्रति आकर्षण का एक बड़ा हिस्सा आनुवंशिक होता है। यानी, यह आपके जीन्स पर निर्भर करता है कि आपकी त्वचा से किस तरह के रसायन निकलते हैं और आपके शरीर की गंध कैसी है। कुछ लोग स्वाभाविक रूप से ऐसे रसायन अधिक उत्पन्न करते हैं जो मच्छरों को पसंद होते हैं, जबकि कुछ लोगों के शरीर से प्राकृतिक रूप से मच्छर प्रतिरोधी गंध निकलती है।
मच्छरों से बचाव के उपाय
भले ही आप मच्छरों के पसंदीदा शिकार हों, लेकिन कुछ सावधानियां बरतकर आप अपनी रक्षा कर सकते हैं:
- पूरी बाजू के कपड़े और फुल पैंट पहनें, खासकर शाम के समय
- मच्छरदानी का उपयोग करें, खासकर सोते समय
- घर के आसपास पानी जमा न होने दें
- मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का उपयोग करें
- खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगवाएं
- शरीर को साफ और सूखा रखें, अधिक पसीना आने पर नहाएं
डेंगू जैसी गंभीर बीमारियों से बचने के लिए मच्छरों से सुरक्षा सबसे प्रभावी उपाय है। यदि आपको तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द या त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर पहचान और उपचार से डेंगू को गंभीर होने से रोका जा सकता है।