विश्व साइकिल दिवस 2026: ‘साइकिल चलाओ, देश बचाओ’ का संदेश लखनऊ से श्रीनगर तक गूंजा
पूरे देश में 3 जून 2026 को विश्व साइकिल दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न शहरों में साइकिल रैलियों, जागरूकता अभियानों और साइक्लोथॉन का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य और सतत विकास के प्रति जागरूक करना था। इस वर्ष की थीम ‘एक हरित भविष्य के लिए साइकिल चलाना’ रही, जिसे देशभर में प्रचारित किया गया।
केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की युवाओं से अपील
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने विश्व साइकिल दिवस पर देश के युवाओं से एक विशेष आह्वान किया। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से साइकिलिंग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आग्रह किया। मंत्री ने कहा कि साइकिल चलाना सिर्फ एक व्यायाम या शौक नहीं है, बल्कि यह एक सशक्त और स्वस्थ जीवनशैली की पहचान है। यह शरीर को फिट और ऊर्जावान रखने के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है।
डॉ. मांडविया ने साइकिलिंग को पर्यावरण संरक्षण का सबसे सस्ता, सुंदर और टिकाऊ माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि इसे रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाने से प्रदूषण कम होगा और पेट्रोल-डीजल की बचत होगी, जिससे देश को भी लाभ होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि साइकिल पेट्रोल-डीजल वाहनों पर निर्भरता कम करने का एक प्रभावी समाधान है।
मंत्री ने ‘फिट इंडिया’ आंदोलन के तहत चलाए जा रहे ‘संडे ऑन साइकिल’ अभियान की सराहना की। उन्होंने बताया कि देशभर के लाखों युवा इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और इसे जन आंदोलन का रूप दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले रविवार को ‘संडे ऑन साइकिल’ का आयोजन विश्व साइकिल दिवस को समर्पित होगा। उन्होंने सभी युवाओं से उत्साहपूर्वक इसमें भाग लेने और फिट इंडिया ऐप पर पंजीकरण कराने का आग्रह किया। मंत्री ने संकल्प दिलाया कि हम सभी साइकिल को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर एक फिट, स्वस्थ और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देंगे।
श्रीनगर में साइक्लोथॉन और ‘नशे को ना, खेलों को हां’ का संदेश
जम्मू-कश्मीर में भी विश्व साइकिल दिवस धूमधाम से मनाया गया। श्रीनगर में आयोजित साइक्लोथॉन के जरिए युवाओं को फिटनेस, खेल और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया गया। जम्मू-कश्मीर के खेल मंत्री सतीश शर्मा ने इस अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्होंने भी खुद साइकिल चलाई। उन्होंने युवाओं से ‘नशे को ना और खेलों को हां’ की थीम अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में खेलों को बढ़ावा देने के लिए और बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जम्मू-कश्मीर खेल परिषद की सचिव नुज़हत गुल ने कहा कि यह साइक्लोथॉन लोगों को आलस्य छोड़कर फिटनेस अपनाने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से पूरे देश को यह संदेश दिया जा रहा है कि प्रदेश ‘फिट इंडिया’ अभियान के साथ मजबूती से खड़ा है। इस अवसर पर जम्मू साइक्लोथॉन का लोगो और शुभंकर भी लॉन्च किया गया। उन्होंने बताया कि कश्मीर साइक्लोथॉन की भी शुरुआत कर दी गई है और जल्द ही उसके लिए पंजीकरण शुरू होंगे।
खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की पहल
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में लगातार खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले गोल्फ प्रतियोगिता और मैराथन का आयोजन किया गया था और अब साइक्लोथॉन का आयोजन किया जा रहा है। जम्मू और कश्मीर दोनों क्षेत्रों में साइक्लोथॉन आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों का उद्देश्य युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करना है। साथ ही, ऐसे कार्यक्रम जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
लखनऊ विश्वविद्यालय में भव्य साइकिल रैली
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लखनऊ विश्वविद्यालय में एक भव्य साइकिल रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। लखनऊ विश्वविद्यालय की छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. अमिता कनौजिया ने कहा कि आज का संदेश है, ‘ऊर्जा बचाएं और हरित जीवनशैली अपनाएं।’ उन्होंने कहा कि देश में डीजल और पेट्रोल की बढ़ती खपत चिंता का विषय है। यदि बच्चे और युवा छोटी दूरी की यात्रा के लिए साइकिल का उपयोग करें, तो ईंधन की बचत के साथ-साथ पर्यावरण प्रदूषण को भी कम किया जा सकता है।
विश्व साइकिल दिवस का महत्व और इतिहास
हर वर्ष 3 जून को विश्व साइकिल दिवस मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2018 में इस दिवस को आधिकारिक मान्यता दी थी। इसका उद्देश्य साइकिल को एक सरल, सस्ती, विश्वसनीय और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन साधन के रूप में बढ़ावा देना है। संयुक्त राष्ट्र ने अप्रैल 2018 में एक प्रस्ताव पारित कर 3 जून को विश्व साइकिल दिवस घोषित किया था। इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों को साइकिल के सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय लाभों के प्रति जागरूक करना था। साइकिल को सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक माना जाता है।
विश्व साइकिल दिवस का महत्व केवल परिवहन तक सीमित नहीं है। साइकिल चलाने से शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम होता है, प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है, ईंधन की बचत होती है, यातायात का दबाव कम होता है और सतत तथा हरित विकास को बढ़ावा मिलता है।
विश्व साइकिल दिवस 2026 की थीम
इस वर्ष विश्व साइकिल दिवस का प्रमुख संदेश ‘एक हरित भविष्य के लिए साइकिल चलाना’ है। विभिन्न देशों में ‘फिटर, हेल्दीयर और ग्रीनर फ्यूचर’ के उद्देश्य के साथ साइकिलिंग को जन-आंदोलन बनाने पर जोर दिया जा रहा है।