अकेले रहने वालों के लिए वरदान साबित हो रहा है चीन का यह अनोखा एप्लिकेशन
बड़े शहरों की भागदौड़ और व्यस्त जीवनशैली में अकेले रहने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में एक सवाल हमेशा मन में कौंधता रहता है कि अगर किसी को अचानक कोई परेशानी हो जाए या वह बेहोश हो जाए, तो उसकी मदद तक कैसे पहुंचा जाए? इसी चिंता को दूर करने के लिए चीन में एक अनोखा एप्लिकेशन तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जिसका नाम है ‘सी-ले-मा’ (क्या आप मर गए?)। यह एप्लिकेशन खासतौर पर उन युवाओं के लिए बनाया गया है जो परिवार से दूर अकेले रहते हैं और अपनी सुरक्षा को लेकर हमेशा सचेत रहते हैं।
कैसे काम करता है यह सुरक्षा कवच?
इस एप्लिकेशन का संचालन तंत्र बेहद सरल लेकिन प्रभावी है। उपयोगकर्ता को हर 48 घंटे में एक बार एप्लिकेशन खोलकर एक विशेष बटन दबाना होता है। यह बटन इस बात की पुष्टि करता है कि वह व्यक्ति पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ है। यदि कोई उपयोगकर्ता लगातार दो दिनों तक इस बटन को नहीं दबाता, तो एप्लिकेशन स्वचालित रूप से उसके द्वारा पहले से चुने गए आपातकालीन संपर्कों, जैसे माता-पिता, जीवनसाथी या करीबी दोस्त को सूचित कर देता है कि उपयोगकर्ता संभावित खतरे में हो सकता है। इस तरह यह एप्लिकेशन अकेले रहने वालों के लिए एक डिजिटल सुरक्षा गार्ड की तरह काम करता है।
युवाओं के बीच बढ़ती लोकप्रियता के कारण
चीन में अकेले रहने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले वर्षों में यह आंकड़ा 20 करोड़ को पार कर सकता है। इस बढ़ते अकेलेपन ने लोगों को अपनी सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूक बना दिया है। यह एप्लिकेशन खासतौर पर उन लोगों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है जो ऑफिस में लंबे समय तक काम करते हैं, घर से दूर पढ़ाई करते हैं, या फिर स्वभाव से कम बोलने वाले और अकेले रहना पसंद करने वाले लोग हैं। इसके अलावा, डिप्रेशन या मानसिक स्वास्थ्य से जूझ रहे लोगों के लिए भी यह एप्लिकेशन काफी मददगार साबित हो रहा है।
नाम को लेकर छिड़ा विवाद
हालांकि यह एप्लिकेशन अपनी उपयोगिता के कारण काफी लोकप्रिय हो रहा है, लेकिन इसके नाम को लेकर विवाद भी खड़ा हो गया है। एप्लिकेशन का नाम चीन के एक प्रसिद्ध फूड डिलीवरी एप्लिकेशन की शैली पर रखा गया है, जिसका अर्थ है ‘क्या आप मर गए?’। कई लोग इस नाम को अशुभ और नकारात्मक मानते हैं। आलोचनाओं को देखते हुए एप्लिकेशन बनाने वाली कंपनी अब इसका नाम बदलकर ‘क्या आप ठीक हैं?’ या ‘आप कैसे हैं?’ जैसे सकारात्मक नाम रखने पर विचार कर रही है।
तीन युवाओं का छोटा सा प्रयास बना बड़ी सफलता
यह जानकर हैरानी होगी कि इस सुपरहिट एप्लिकेशन को जेन जेड पीढ़ी के तीन युवाओं की एक छोटी सी टीम ने विकसित किया है। इसे बनाने में महज 12,000 भारतीय रुपये के बराबर खर्च आया था। आज यह एप्लिकेशन चीन में सबसे ज्यादा डाउनलोड किए जाने वाले सशुल्क एप्लिकेशनों में से एक बन गया है और इसका मूल्यांकन लाखों रुपये में पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे ‘डेमुमु’ नाम से जाना जाता है और यह अमेरिका, सिंगापुर, हांगकांग, ऑस्ट्रेलिया और स्पेन जैसे देशों में भी काफी लोकप्रिय हो रहा है। इस एप्लिकेशन को डाउनलोड करने की कीमत मात्र एक डॉलर है।
बुजुर्गों के लिए भी आएगा विशेष संस्करण
युवाओं के बीच मिली जबरदस्त सफलता के बाद, अब कंपनी इस एप्लिकेशन का एक विशेष संस्करण बुजुर्गों के लिए भी लाने की योजना बना रही है। चीन की 20 प्रतिशत से अधिक आबादी 60 वर्ष से ऊपर की है, जिनमें से कई बुजुर्ग अकेले रहते हैं। कंपनी का मानना है कि समाज के इस वर्ग को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, और यह एप्लिकेशन उनकी सुरक्षा में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।
- एप्लिकेशन हर दो दिन में उपयोगकर्ता की खैरियत पूछता है
- जवाब न मिलने पर तुरंत परिवार या दोस्तों को सूचना भेजी जाती है
- यह एप्लिकेशन खासतौर पर अकेले रहने वाले युवाओं, छात्रों और बुजुर्गों के लिए उपयोगी है
- कंपनी जल्द ही बुजुर्गों के लिए एक अलग वर्जन लॉन्च करने वाली है