ईरान का डिजिटल भुगतान तंत्र: शेताब प्रणाली और स्थानीय ऐप्स
भारत में डिजिटल लेन-देन की चर्चा होते ही यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) का नाम सबसे पहले आता है। पेटीएम, फोनपे और गूगलपे जैसे प्लेटफॉर्म इस सिस्टम को संचालित करते हैं, जिससे सेकंडों में राशि स्थानांतरित की जा सकती है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बीच ईरान ने अपनी एक अलग डिजिटल भुगतान व्यवस्था विकसित की है। आइए समझते हैं कि ईरान में लोग किस तकनीक और ऐप का उपयोग करते हैं।
शेताब: ईरान का केंद्रीय भुगतान नेटवर्क
ईरान में डिजिटल बैंकिंग और कार्ड आधारित लेन-देन के लिए ‘शेताब’ (Shetab) नेटवर्क काम करता है। यह देश का इंटरबैंक भुगतान तंत्र है, जिससे सभी स्थानीय बैंक जुड़े हुए हैं। इसे मोटे तौर पर भारत की UPI जैसी केंद्रीय व्यवस्था समझा जा सकता है, जहां विभिन्न बैंक एक ही नेटवर्क के माध्यम से लेन-देन पूरा करते हैं। ईरान में कार्ड स्वाइप, एटीएम से निकासी और ऑनलाइन भुगतान सभी इसी नेटवर्क के जरिए होते हैं।
लोकप्रिय डिजिटल भुगतान ऐप्स
भारत की तरह ईरान में भी डिजिटल लेन-देन के लिए कुछ विशेष ऐप्स उपलब्ध हैं। इनमें प्रमुख हैं:
- हमराह कार्ड (Hamrah Card): यह ऐप कार्ड-टू-कार्ड मनी ट्रांसफर की सुविधा देता है।
- बैले (Bale): इसके जरिए बिजली, पानी और गैस जैसे बिलों का भुगतान किया जा सकता है।
- टॉप (Top): यह ऐप QR कोड के माध्यम से भुगतान की सुविधा प्रदान करता है।
ये ऐप्स स्थानीय बैंकिंग प्रणाली से जुड़कर दैनिक लेन-देन को आसान बनाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का प्रभाव
ईरान पर अमेरिका और अन्य देशों के लगाए प्रतिबंधों के कारण वीज़ा, मास्टरकार्ड और पेपाल जैसी वैश्विक भुगतान सेवाएं वहां उपलब्ध नहीं हैं। यही कारण है कि ईरान में विदेशी पर्यटकों के लिए एक विशेष डिजिटल समाधान विकसित किया गया है। ‘न्यूकैश’ (NewCash) नाम का यह प्लेटफॉर्म टूरिस्ट वॉलेट की सुविधा देता है, जिससे विदेशी नागरिक देश के अंदर डिजिटल भुगतान कर सकते हैं। यह व्यवस्था इसलिए आवश्यक है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कार्ड नेटवर्क और ग्लोबल वॉलेट सेवाएं वहां काम नहीं करतीं।
भू-राजनीतिक तनाव और डिजिटल बुनियादी ढांचा
हाल के अमेरिका-इज़राइल तनाव और युद्ध के माहौल के बीच ईरान के डिजिटल बुनियादी ढांचे पर साइबर हमलों और इंटरनेट शटडाउन की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं ने ऑनलाइन लेन-देन को प्रभावित किया है। ईरान का डिजिटल भुगतान तंत्र भले ही आत्मनिर्भर हो, लेकिन भू-राजनीतिक चुनौतियां इसकी स्थिरता के लिए बड़ी बाधा बनी हुई हैं।
कुल मिलाकर, ईरान ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद शेताब जैसी कुशल प्रणाली और स्थानीय ऐप्स के जरिए डिजिटल भुगतान को सुगम बनाया है। हालांकि, वैश्विक कार्ड नेटवर्क और वॉलेट सेवाओं की अनुपलब्धता विदेशियों के लिए एक चुनौती बनी हुई है।