व्हाट्सएप का नया फीचर: माता-पिता संभालेंगे बच्चों के अकाउंट की कमान

डिजिटल दुनिया में बच्चों की सुरक्षा को लेकर माता-पिता की चिंता लगातार बढ़ रही है। इसी समस्या के समाधान के लिए व्हाट्सएप एक विशेष सुविधा विकसित कर रहा है। इस सुविधा के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे सीमित क्षमताओं वाला अकाउंट बना सकेंगे, जिसकी पूरी निगरानी माता-पिता कर सकेंगे।

क्यों जरूरी है पैरेंटल कंट्रोल?

आज के समय में बच्चे कम उम्र में ही स्मार्टफोन और मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल करने लगते हैं। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए व्हाट्सएप कम उम्र के उपयोगकर्ताओं के लिए प्रतिबंधित अकाउंट की सुविधा ला रहा है। इससे बच्चों की निजता सुरक्षित रहेगी, माता-पिता को जरूरी गतिविधियों की जानकारी मिलती रहेगी और बच्चे अनजान या अनुपयुक्त सामग्री से सुरक्षित रहेंगे।

कैसे काम करेगा नया सिस्टम?

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस नई प्रणाली में माता-पिता को छह अंकों का एक प्राइमरी पिन सेट करना होगा। जब भी बच्चे के अकाउंट में कोई महत्वपूर्ण बदलाव करना होगा, तो इस पिन की आवश्यकता होगी। सेटअप के समय, माता-पिता को अपने फोन से बच्चे के डिवाइस का क्यूआर कोड स्कैन करना होगा। इसके बाद बच्चा अपनी इच्छा से सेटिंग्स नहीं बदल पाएगा और अकाउंट पूरी तरह माता-पिता की निगरानी में रहेगा।

सेकेंडरी अकाउंट में क्या होंगी पाबंदियां?

सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए व्हाट्सएप ने सेकेंडरी अकाउंट्स में कुछ फीचर्स को पूरी तरह बंद कर दिया है। आइए जानते हैं इन पाबंदियों के बारे में:

  • अपडेट्स टैब नहीं होगा: बच्चों को चैनल्स या ब्रॉडकास्ट कंटेंट नहीं दिखेगा। इससे वे किसी अनजान या अनुपयुक्त जानकारी के संपर्क में नहीं आएंगे।
  • चैट लॉक नहीं कर सकेंगे: बच्चे किसी भी चैट को छिपा या लॉक नहीं कर सकेंगे। इससे माता-पिता डिवाइस स्तर पर समीक्षा कर सकेंगे कि बच्चा किससे बात कर रहा है।
  • सीमित संपर्क: बच्चा केवल उन्हीं लोगों से बात कर सकेगा जो उसकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव हैं। यानी बच्चा किसी अनजान व्यक्ति से बात नहीं कर पाएगा।

माता-पिता क्या देख पाएंगे?

अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या माता-पिता बच्चों के मैसेज पढ़ सकेंगे। व्हाट्सएप ने स्पष्ट किया है कि मैसेज और कॉल्स पूरी तरह निजी रहेंगे। कंपनी का एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन बरकरार रहेगा। माता-पिता केवल यह देख सकेंगे कि बच्चा कौन सा नया कॉन्टैक्ट जोड़ रहा है या उसकी गतिविधि क्या है। वे मैसेज के अंदर की बातें नहीं पढ़ सकेंगे और न ही कॉल्स सुन सकेंगे। यह सुविधा सुरक्षा और बच्चे की निजता के बीच एक संतुलन बनाती है।

सेकेंडरी अकाउंट कब तक रहेगा?

यह सेकेंडरी अकाउंट तब तक लिंक रहेगा जब तक माता-पिता इसे खुद नहीं हटाते या बच्चा व्हाट्सएप की आधिकारिक उम्र सीमा तक नहीं पहुंच जाता। उम्र पूरी होने पर, इस अकाउंट को सभी फीचर्स वाले सामान्य व्हाट्सएप प्रोफाइल में बदला जा सकेगा। फिलहाल यह सुविधा विकास के चरण में है और जल्द ही वैश्विक स्तर पर उपलब्ध होने की उम्मीद है।