व्हाट्सएप में जुड़ने जा रहा है नया मेटा एआई टैब, चैट के दौरान ही कर सकेंगे एआई का उपयोग
इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप जल्द ही अपने यूजर्स के लिए एक नया एआई-आधारित फीचर लाने की तैयारी में है। हाल ही में सामने आई जानकारी के अनुसार, ऐप में ‘मेटा एआई टैब’ नामक एक नया सेक्शन जोड़ा जा रहा है, जिसके जरिए यूजर्स सीधे तौर पर एआई टूल्स तक पहुंच सकेंगे।
यह नया टैब यूजर्स को टेक्स्ट और वॉयस कमांड दोनों के माध्यम से एआई से बातचीत करने की सुविधा प्रदान करेगा। इसके अलावा, इस सेक्शन में एआई की मदद से एनिमेटेड इमेज और अन्य क्रिएटिव कंटेंट भी तैयार किया जा सकेगा। इस तरह, व्हाट्सएप के अंदर ही कई एआई टूल्स का इस्तेमाल करना पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगा।
कैसे काम करेगा नया एआई टैब?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फीचर फिलहाल एंड्रॉयड के बीटा वर्जन में देखा गया है। खासतौर पर व्हाट्सएप बीटा 2.26.6.5 में इस नए एआई टैब की झलक मिली है। बताया जा रहा है कि यह एक केंद्रीकृत एआई हब की तरह काम करेगा, जहां से यूजर्स अलग-अलग एआई फीचर्स को एक्सेस कर सकेंगे।
इस नए सेक्शन को जोड़ने के लिए ऐप के मुख्य इंटरफेस से कम्युनिटीज टैब को हटाया गया है। पहले भी संकेत मिले थे कि व्हाट्सएप में एआई-पावर्ड चैट्स के लिए एक अलग सेक्शन तैयार किया जा रहा है।
टेस्टिंग और रोलआउट की प्रक्रिया
कंपनी ने फिलहाल सीमित एंड्रॉयड बीटा यूजर्स के साथ इस फीचर की टेस्टिंग शुरू की है। कुछ यूजर्स को ऐप के बॉटम नेविगेशन बार में मेटा एआई का नया टैब दिखाई दे रहा है। अगर यह टेस्टिंग सफल रहती है, तो आने वाले समय में इस फीचर को सभी यूजर्स के लिए रोलआउट किया जा सकता है।
- यह फीचर यूजर्स को टेक्स्ट या वॉयस कमांड के जरिए एआई से बातचीत करने की सुविधा देगा।
- इस सेक्शन में एआई की मदद से एनिमेटेड इमेज और अन्य क्रिएटिव कंटेंट तैयार किया जा सकेगा।
- यह एक केंद्रीकृत एआई हब की तरह काम करेगा, जहां से यूजर्स अलग-अलग एआई फीचर्स को एक्सेस कर सकेंगे।
- फिलहाल यह फीचर एंड्रॉयड बीटा यूजर्स के लिए टेस्ट किया जा रहा है।
क्या होगा खास?
इस नए टैब की मदद से यूजर्स ऐप के अंदर ही टेक्स्ट और वॉयस के जरिए एआई से बातचीत कर सकेंगे और इमेज भी बना पाएंगे। इस तरह व्हाट्सएप के अंदर ही कई एआई टूल्स का इस्तेमाल करना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा। यह फीचर खासतौर पर उन यूजर्स के लिए उपयोगी होगा जो रोजाना एआई टूल्स का इस्तेमाल करते हैं और चाहते हैं कि यह सुविधा उन्हें एक ही प्लेटफॉर्म पर मिल जाए।