लिक्विड मेटल: वह अद्भुत पदार्थ जो Apple के पहले फोल्डेबल iPhone की रीढ़ बन सकता है
टेक्नोलॉजी की दुनिया में इन दिनों Apple के पहले फोल्डेबल फोन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। लगातार सामने आ रही लीक रिपोर्ट्स से पता चल रहा है कि यह डिवाइस सिर्फ एक नए डिजाइन के साथ नहीं आएगा, बल्कि इसमें एक क्रांतिकारी सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस सामग्री का नाम है लिक्विड मेटल, जो अपनी अनोखी भौतिक संरचना के कारण साधारण धातुओं से कई गुना बेहतर माना जाता है। आइए समझते हैं कि आखिर यह लिक्विड मेटल क्या है और यह Apple के फोल्डेबल फोन के लिए इतना खास क्यों है।
क्या है लिक्विड मेटल?
लिक्विड मेटल कोई तरल पदार्थ नहीं है, बल्कि यह एक विशेष प्रकार का असंरचित (एमॉर्फस) धातु मिश्रण है। इसे कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की एक शोध टीम ने विकसित किया था। परंपरागत धातुएं जैसे स्टेनलेस स्टील या एल्युमिनियम, परमाणु स्तर पर एक क्रिस्टलीय संरचना में व्यवस्थित होती हैं। इसके विपरीत, लिक्विड मेटल में परमाणु बेतरतीब ढंग से व्यवस्थित होते हैं, जो इसे अद्वितीय गुण प्रदान करता है। यह असंरचित संरचना ही इसे अत्यधिक मजबूती, बार-बार मुड़ने और खुलने पर स्थायित्व, और लगातार यांत्रिक दबाव झेलने की क्षमता देती है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह हल्का होने के बावजूद असाधारण ताकत प्रदान करता है, जो इसे फोल्डेबल डिवाइस के हिंज (काज) के लिए एक आदर्श विकल्प बनाता है।
Apple क्यों करना चाहता है लिक्विड मेटल का उपयोग?
फोल्डेबल स्मार्टफोन की सबसे बड़ी चुनौती उसका हिंज होता है, जो डिवाइस का सबसे नाजुक हिस्सा माना जाता है। पारंपरिक स्टेनलेस स्टील के हिंज मजबूत तो होते हैं, लेकिन वे फोन के वजन और मोटाई में इजाफा कर देते हैं। लिक्विड मेटल इस समस्या का समाधान पेश करता है। यह न केवल हल्का होता है, बल्कि इसे बेहद पतला और मजबूत आकार दिया जा सकता है। लीक रिपोर्ट्स के अनुसार, Apple एक अल्ट्रा-स्लिम iPhone Fold पर काम कर रहा है, जिसकी मोटाई खोलने पर लगभग 5.6 मिलीमीटर या उससे भी कम हो सकती है। इतने पतले डिजाइन को संभव बनाने के लिए लिक्विड मेटल से बना हिंज अहम भूमिका निभा सकता है।
पहली बार बड़े पैमाने पर होगा इस्तेमाल
यह पहली बार नहीं है जब Apple लिक्विड मेटल के साथ काम कर रहा है। कंपनी ने 2010 में ही लिक्विडमेटल टेक्नोलॉजीज के साथ एक समझौता किया था, जिसके तहत उसे उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स में इस असंरचित धातु के इस्तेमाल का विशेष और स्थायी लाइसेंस मिला था। हालांकि, अब तक Apple ने इस सामग्री का प्रयोग केवल छोटे घटकों जैसे सिम इजेक्टर टूल तक ही सीमित रखा था। बड़े हिस्सों में इसका उपयोग करना तकनीकी रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है। अब माना जा रहा है कि आगामी iPhone Fold वह पहला डिवाइस होगा, जहां कंपनी इस तकनीक को बड़े पैमाने पर अपनाएगी।
iPhone Fold से जुड़ी अन्य संभावित जानकारियां
कोरियाई प्लेटफॉर्म नेवर पर सक्रिय एक प्रसिद्ध टिप्स्टर के अनुसार, iPhone Fold के हिंज मैकेनिज्म में लिक्विड मेटल का इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि फोन का मुख्य फ्रेम टाइटेनियम से बना हो सकता है। यह डिवाइस बुक-स्टाइल फोल्डिंग डिजाइन के साथ आएगा, जो सैमसंग गैलेक्सी जेड फोल्ड सीरीज की तरह होगा, लेकिन Apple अपनी डिजाइन और इंजीनियरिंग में कुछ अलग करने की तैयारी में है।
लीक रिपोर्ट्स में सामने आई अन्य जानकारियों के अनुसार, iPhone Fold में 5.5 इंच का बाहरी डिस्प्ले और 7.8 इंच की अंदरूनी फोल्डेबल OLED स्क्रीन हो सकती है। दोनों डिस्प्ले पर हाई रिफ्रेश रेट मिलने की उम्मीद है। फेस आईडी की जगह साइड-माउंटेड टच आईडी दिया जा सकता है। फोन में अब तक अनाउंस न किया गया A20 Pro चिपसेट होगा, जो iPhone 17 Pro में इस्तेमाल A19 Pro से भी अधिक शक्तिशाली बताया जा रहा है। कैमरा सेटअप की बात करें तो इसमें दो सेल्फी कैमरे और डुअल रियर कैमरा सिस्टम देखने को मिल सकता है।
लॉन्च और कीमत
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple अपना पहला फोल्डेबल iPhone सितंबर 2026 में iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के साथ लॉन्च कर सकता है। कीमत के मोर्चे पर यह फोन सस्ता होने की संभावना नहीं है। लीक जानकारी के अनुसार, अमेरिका में इसकी कीमत लगभग 2400 डॉलर हो सकती है, जो भारतीय बाजार में करीब 2.15 लाख रुपये के आसपास बैठती है।