बदलते मौसम में सुरक्षित रहने का आसान तरीका: मौसम एप की अहम सेटिंग
इन दिनों मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कभी तेज धूप तो कभी अचानक बारिश या तूफान, ऐसे में सटीक जानकारी होना बेहद जरूरी हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का आधिकारिक मोबाइल एप आपको हर पल के हालात से अवगत करा सकता है। यह एप खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो हीटवेव, भारी बारिश या आंधी-तूफान जैसी चरम मौसमी घटनाओं से बचना चाहते हैं। फिलहाल देश के 17 से अधिक राज्यों में लू और बारिश का डबल अलर्ट जारी किया गया है, ऐसे में इस टूल का इस्तेमाल काफी कारगर साबित हो सकता है।
क्या है खासियत?
यह एप सिर्फ तापमान दिखाने तक सीमित नहीं है। इसमें कई ऐसे फीचर दिए गए हैं जो आपकी दिनचर्या को बेहतर ढंग से प्लान करने में मदद करते हैं। आप अपने शहर का रीयल-टाइम मौसम जान सकते हैं, साथ ही अगर कोई खतरनाक स्थिति आने वाली है तो एप तुरंत सूचना भेजता है। साप्ताहिक पूर्वानुमान की सुविधा भी है, जिससे आप यात्रा या किसी बाहरी कार्यक्रम की योजना पहले से बना सकते हैं। एक और दिलचस्प फीचर है ‘फील्स लाइक’ तापमान, जो बताता है कि असल में मौसम कैसा महसूस हो रहा है। उदाहरण के लिए, भले ही तापमान 40 डिग्री हो, लेकिन उमस के कारण यह 45 डिग्री जैसा लग सकता है।
एंड्रॉइड और आईफोन पर डाउनलोड करने का तरीका
यह एप एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। एंड्रॉइड यूजर्स के लिए सबसे पहले प्ले स्टोर खोलें और सर्च बार में ‘मौसम आईएमडी’ टाइप करें। भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी आधिकारिक एप को चुनकर इंस्टॉल करें। वहीं, आईफोन यूजर्स को एप स्टोर पर जाकर ‘मौसम आईएमडी’ सर्च करना होगा और आधिकारिक एप को डाउनलोड करना होगा।
अलर्ट कैसे चालू करें?
एप डाउनलोड करने के बाद कुछ जरूरी सेटिंग्स करनी होती हैं ताकि आपको समय पर सूचना मिलती रहे। एप खोलते ही लोकेशन और नोटिफिकेशन की अनुमति दें। इसके बाद एप की सेटिंग में जाएं और रेन अलर्ट तथा अन्य मौसम संबंधी सूचनाओं को चालू कर दें। एक बार यह सेटिंग हो जाने के बाद, जैसे ही आपके क्षेत्र के लिए कोई चेतावनी जारी होगी, आपके फोन पर तुरंत नोटिफिकेशन आ जाएगा। इस तरह आप समय रहते सुरक्षित कदम उठा सकते हैं और मौसम की मार से बच सकते हैं।
- एप खोलते ही लोकेशन और नोटिफिकेशन की अनुमति देना न भूलें।
- सेटिंग में जाकर सभी मौसम अलर्ट को सक्रिय करें।
- हीटवेव, भारी बारिश और तूफान के लिए अलग-अलग नोटिफिकेशन चालू किए जा सकते हैं।
- साप्ताहिक पूर्वानुमान की जांच करते रहें ताकि किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रह सकें।