एलन मस्क का पुराना ईमेल: जब जेनसन हुआंग से मांगी गई थी पहली AI सुपरकंप्यूटर यूनिट
एलन मस्क और सैम ऑल्टमैन के बीच चल रहे कानूनी विवाद के बीच एक पुराना ईमेल वायरल हुआ है। यह ईमेल 13 अप्रैल 2016 का है, जब मस्क ने एनवीडिया के सीईओ जेनसन हुआंग से ओपनएआई के लिए दुनिया के पहले AI-केंद्रित सुपरकंप्यूटर DGX-1 की शुरुआती यूनिट मांगी थी। यह ईमेल 2026 में होने वाले ट्रायल की सार्वजनिक फाइलिंग में सामने आया है।
उस समय AI इंडस्ट्री अपने शुरुआती दौर में थी और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग संसाधन बेहद सीमित थे। मस्क ने ईमेल में स्पष्ट किया था कि ओपनएआई, टेस्ला से अलग एक स्वतंत्र गैर-लाभकारी संस्था है, जिसका उद्देश्य सुरक्षित आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) विकसित करना है।
हुआंग का जवाब और DGX-1 की डिलीवरी
छह दिन बाद जेनसन हुआंग ने मस्क को जवाब दिया कि उन्होंने अनुरोध को नहीं भुलाया है। हुआंग ने बताया कि यह पहला सुपरकंप्यूटर है जो वेब पर बिक रहा है और हर तरफ से मांग आ रही है। उन्होंने कहा कि पहली शिपमेंट अगले महीने के अंत में शुरू होगी और सितंबर में डिलीवरी के लिए पहले से ऑर्डर लिए जा रहे हैं। हुआंग ने वादा किया कि ओपनएआई को पहली यूनिट्स में से एक मिलेगी।
उसी साल बाद में, हुआंग ने व्यक्तिगत रूप से सैन फ्रांसिस्को स्थित ओपनएआई कार्यालय में पहला DGX-1 पहुंचाया। उस पल की तस्वीर टेक्नोलॉजी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण छवि बन गई।
DGX-1 क्यों था इतना खास?
DGX-1 को उस समय ‘AI इन अ बॉक्स’ कहा गया था। यह सुपरकंप्यूटर करीब 250 पारंपरिक सर्वरों के बराबर कंप्यूटिंग क्षमता रखता था। इसे विशेष रूप से डीप लर्निंग मॉडल को ट्रेन करने के लिए डिजाइन किया गया था। यह जीपीयू-आधारित हाई-परफॉर्मेंस आर्किटेक्चर पर काम करता था।
इस कंप्यूटिंग पावर ने शुरुआती बड़े भाषा मॉडल्स को ट्रेन करना संभव बनाया, जो आगे चलकर ChatGPT जैसी तकनीकों की नींव बने। बिना इस हार्डवेयर के, AI के विकास की गति इतनी तेज नहीं होती।
टेक इतिहास में इस ईमेल का महत्व
यह ईमेल सिर्फ एक हार्डवेयर अनुरोध नहीं था, बल्कि AI रेस की शुरुआत का प्रतीक माना जा रहा है। आज जब AI मॉडल मल्टी-बिलियन पैरामीटर स्केल पर ट्रेन होते हैं, तो यह समझना जरूरी है कि शुरुआत सीमित संसाधनों और व्यक्तिगत नेटवर्किंग से हुई थी।
मस्क ने हाल ही में एक पोस्ट में हुआंग की सराहना करते हुए कहा कि वह सहयोग का शुरुआती और महत्वपूर्ण क्षण था। इस ईमेल ने दिखाया कि कैसे तकनीकी उद्योग में व्यक्तिगत संबंध और समय पर संसाधन जुटाना बड़े बदलाव ला सकता है।
यह ईमेल अब क्यों चर्चा में है?
27 अप्रैल 2026 से एलन मस्क और सैम ऑल्टमैन के बीच अदालती लड़ाई शुरू होने वाली है। मस्क का आरोप है कि उन्होंने ओपनएआई को खुला और सुरक्षित रखने के लिए पैसा और संसाधन लगाए थे। इन्हीं संसाधनों में यह DGX-1 सुपरकंप्यूटर भी शामिल था।
मस्क का कहना है कि अब ओपनएआई सिर्फ मुनाफे के पीछे भाग रही है और माइक्रोसॉफ्ट के हाथों की कठपुतली बन गई है। यह ईमेल इस बात का सबूत है कि मस्क ने शुरुआत में ओपनएआई को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई थी।
यह पूरा मामला AI उद्योग की दिशा और उसके मूल उद्देश्यों पर बहस छेड़ता है। क्या AI को खुला और सुरक्षित रखा जाना चाहिए, या इसे व्यावसायिक हितों के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए? यह ईमेल उस बहस को और गहरा करता है।