संसद में उठा विजयनगर का मुद्दा: सीमावर्ती गांव में जल्द बहाल होगी डिजिटल कनेक्टिविटी
अरुणाचल प्रदेश के सुदूर पूर्वी क्षेत्र में बसे विजयनगर की डिजिटल दिक्कतें जल्द ही दूर होने वाली हैं। लोकसभा में एक महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने साफ किया कि सरकार सीमावर्ती गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत हर गांव तक इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं पहुंचाने की बात दोहराई।
सांसद ने उठाई संचार सेवाओं की कमी की बात
अरुणाचल पूर्व से भाजपा सांसद तापिर गाओ ने संसद में विजयनगर में खराब टेलीकॉम सेवाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में स्थानीय निवासियों के साथ-साथ भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट की सुविधा न मिलने से गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संचार के साधनों के अभाव में रोजमर्रा के कामकाज और सुरक्षा से जुड़े पहलू प्रभावित हो रहे हैं।
‘भारत का पहला गांव’ और उसकी अनूठी चुनौतियां
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने विजयनगर के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि इस गांव की स्थापना 1965 में मेजर जनरल अजीत सिंह गुरया ने की थी और इसे ‘भारत का पहला गांव’ माना जाता है। हालांकि, चांगलांग जिले का यह प्रशासनिक केंद्र वर्तमान में ‘डिजिटल अंधेरे’ में डूबा हुआ है। इस वजह से ऑनलाइन शिक्षा, बैंकिंग और अन्य डिजिटल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
सिंधिया ने यह भी स्पष्ट किया कि इस क्षेत्र में ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) बिछाने में कई व्यावहारिक बाधाएं हैं। विजयनगर का एक बड़ा हिस्सा ईटानगर वन्यजीव अभयारण्य के दायरे में आता है, जहां बुनियादी ढांचा विकसित करने पर पर्यावरणीय प्रतिबंध लागू हैं। उन्होंने बताया कि यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, जिसके चलते परियोजना को आगे बढ़ाने में देरी हो रही है।
प्रशासनिक केंद्र फिर भी डिजिटल रूप से अलग-थलग
विजयनगर एक प्रशासनिक सर्कल के रूप में कार्य करता है, लेकिन इसके बावजूद यहां के लोग वर्षों से भरोसेमंद मोबाइल नेटवर्क और हाई-स्पीड इंटरनेट से वंचित हैं। स्थानीय निवासियों और अधिकारियों के अनुसार, यह क्षेत्र अब भी स्थिर संचार सेवाओं से दूर है। कमजोर कनेक्टिविटी के कारण यहां ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल बैंकिंग, सरकारी सेवाओं और अन्य जरूरी ऑनलाइन सुविधाओं तक पहुंच बेहद सीमित है।
सेना और नागरिकों की मुश्किलें
सांसद तापिर गाओ ने चर्चा के दौरान बताया कि विजयनगर में तैनात भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी संचार संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से इस दिशा में जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की। उनके अनुसार, राज्य सरकार ने डिजिटल भारत निधि योजना के तहत कई सीमावर्ती गांवों तक 4G कनेक्टिविटी पहुंचाई है, लेकिन विजयनगर जैसे बेहद दुर्गम इलाकों को अभी भी इन पहलों का पूरा लाभ नहीं मिल सका है।
‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना से बदलेगी तस्वीर
दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भरोसा दिलाया कि केंद्र की ‘वाइब्रेंट विलेज योजना’ के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों के जीवन स्तर को सुधारने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘डिजिटल भारत निधि’ के तहत 4G नेटवर्क का विस्तार कर रही है, लेकिन अब विजयनगर जैसे दुर्गम इलाकों को प्राथमिकता पर रखा जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द हर गांव तक डिजिटल सेवाएं पहुंचाकर लोगों को मुख्यधारा से जोड़ा जाए।