उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा कदम: मदरसा बोर्ड के मेधावी छात्र होंगे सम्मानित
उत्तर प्रदेश सरकार ने मदरसा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल शुरू की है। इस योजना के तहत मदरसा बोर्ड की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य मदरसा शिक्षा को आधुनिक बनाना और छात्रों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ना है। इसके लिए टॉप तीन छात्रों को टैबलेट देने की भी घोषणा की गई है, जिससे वे अपनी पढ़ाई को और बेहतर तरीके से आगे बढ़ा सकें।
लखनऊ में होगा सम्मान समारोह
सरकार के अनुसार, 2026 की मदरसा बोर्ड परीक्षाओं में सफलता पाने वाले मेधावी छात्रों को लखनऊ में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में बुलाया जाएगा। यह कार्यक्रम जून के पहले सप्ताह में आयोजित किया जाएगा। मुंशी/मौलवी (माध्यमिक) और आलिम (उच्च माध्यमिक) दोनों श्रेणियों के टॉप 10 छात्रों को इस समारोह में आमंत्रित किया जाएगा। प्रत्येक श्रेणी के टॉप तीन छात्रों को प्रशस्ति पत्र और टैबलेट प्रदान किए जाएंगे, जबकि अन्य मेधावी छात्रों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
परीक्षा परिणाम और मेरिट सूची
उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड परीक्षा 2026 में कुल 80,933 छात्रों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 63,211 छात्र परीक्षा में शामिल हुए और 55,788 छात्र सफल घोषित हुए। मुंशी/मौलवी और आलिम दोनों श्रेणियों की मेरिट सूची में टॉप 10 स्थानों पर पांच लड़के और पांच लड़कियां शामिल हैं। यह विविधता यह दर्शाती है कि मदरसा शिक्षा में लड़कियां भी बराबरी से आगे बढ़ रही हैं।
टॉपर्स की सूची
- मुंशी/मौलवी श्रेणी: पहले स्थान पर चंदौली के मोहम्मद वसीम, दूसरे स्थान पर मिर्जापुर के मोहम्मद कासिम अली और तीसरे स्थान पर गोरखपुर की शैमा परवीन रहीं।
- आलिम श्रेणी: शीर्ष तीनों स्थान छात्राओं ने प्राप्त किए। वाराणसी की जुमी फरीन और शाइस्ता परवीन तथा अमरोहा की उम्मुल खैर ने इस श्रेणी में बाजी मारी।
डिजिटल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि मदरसों में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं, इसलिए उन्हें आधुनिक शिक्षा के संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। टैबलेट देने का उद्देश्य इन छात्रों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ना और उनकी आगे की पढ़ाई को सुगम बनाना है।
परीक्षा का आयोजन
मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं 9 से 14 फरवरी के बीच दो चरणों में आयोजित की गई थीं। पहले चरण में मुंशी और मौलवी की परीक्षा हुई, जबकि दूसरे चरण में आलिम, अरबी और फारसी विषय शामिल थे। पूरे राज्य में कुल 277 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां परीक्षाएं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुईं। सरकार का मानना है कि इस तरह के प्रयासों से मदरसा शिक्षा को मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा और छात्रों को बेहतर अवसर मिलेंगे।