आजमगढ़ हत्याकांड में एक लाख के इनामी अपराधी का मुठभेड़ में अंत, STF और पुलिस को बड़ी कामयाबी
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में चर्चित दुधिया पृथ्वीराज यादव हत्याकांड में वांछित एक लाख रुपये के इनामी बदमाश को पुलिस और एसटीएफ (विशेष कार्य बल) की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ में मार गिराया। लंबे समय से फरार इस अपराधी के खिलाफ छह जिलों में तीन दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। उसके ढेर होने से पुलिस ने राहत की सांस ली है।
कौन था भानू प्रताप सिंह उर्फ बब्लू सिंह?
गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र के विधानापार गांव निवासी भानू प्रताप सिंह आजमगढ़ के मुबारकपुर थाने में दर्ज एक हाई-प्रोफाइल हत्या मामले में वांछित था। आरोप था कि उसने सुपारी लेकर पिपरापुर निवासी दुधिया कारोबारी पृथ्वीराज यादव की हत्या कराई थी। इस हत्याकांड ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। पुलिस लगातार उसकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही थी, लेकिन वह कानून की पकड़ से बचता रहा।
बढ़ता गया इनाम और आपराधिक रिकॉर्ड
इस अपराधी पर शुरू में आजमगढ़ पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। लेकिन उसके बढ़ते आपराधिक नेटवर्क और गिरफ्तारी में लगातार असफलता को देखते हुए इनाम राशि को बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया। इसके अलावा, अंबेडकरनगर और गोरखपुर पुलिस ने भी उस पर अलग-अलग इनाम घोषित किए हुए थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ आजमगढ़ में हत्या, लूट, अपहरण, हत्या के प्रयास, चोरी और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में कई मुकदमे दर्ज थे। वहीं, गोरखपुर, संतकबीरनगर, मऊ, अंबेडकरनगर और बस्ती जैसे जिलों में भी उसके खिलाफ आपराधिक मामले पंजीकृत थे।
मुठभेड़ की घटना
रविवार को अयोध्या जिले में एसटीएफ फील्ड यूनिट प्रयागराज और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने कुख्यात अपराधी भानू प्रताप सिंह को घेर लिया। पुलिस के अनुसार, जब टीम ने उसे घेरा तो उसने पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत एक सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के लिए बड़ी सफलता
इस मुठभेड़ को पुलिस और एसटीएफ के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। एसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि भानू प्रताप सिंह के मारे जाने से आजमगढ़ के चर्चित पृथ्वीराज यादव हत्याकांड की जांच को एक नई दिशा मिलेगी। इससे हत्याकांड से जुड़े आपराधिक नेटवर्क के कई अनछुए पहलुओं को उजागर करने में मदद मिलेगी। साथ ही, इस घटना ने जिले में सक्रिय अन्य अपराधियों के बीच एक सख्त संदेश भी भेजा है कि कानून को चुनौती देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
तीन दर्जन से अधिक FIR
भानू प्रताप सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद लंबा था। उसके खिलाफ आजमगढ़ समेत कई जिलों में तीन दर्जन से अधिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज थीं। ये मामले हत्या, लूट, डकैती और संगठित अपराध जैसे गंभीर धाराओं में दर्ज थे। लंबे समय से फरार चल रहा यह बदमाश पुलिस के लिए लगातार सिरदर्द बना हुआ था। अब इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने कई लंबित मामलों को बंद करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है।