UPSC ने मानी छात्रों की लंबित मांग, प्रारंभिक परीक्षा के तुरंत बाद जारी होगी प्रोविजनल आंसर की

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। आयोग ने अभ्यर्थियों की वर्षों पुरानी मांग को स्वीकार करते हुए पहली बार प्रारंभिक परीक्षा 2026 के तुरंत बाद प्रोविजनल आंसर की जारी करने का निर्णय लिया है। इस कदम से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ने की उम्मीद है।

UPSC ने सोमवार को नई दिल्ली में इस बदलाव की आधिकारिक घोषणा की। अब तक प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम घोषित होने या संपूर्ण चयन प्रक्रिया पूरी होने के काफी समय बाद आंसर की जारी की जाती थी। नई व्यवस्था के तहत 24 मई को आयोजित होने वाली प्रारंभिक परीक्षा के तुरंत बाद उम्मीदवार यह जान सकेंगे कि उनके उत्तर सही हैं या नहीं। आयोग के अध्यक्ष ने इसे एक नवीन और सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि इससे संस्थागत पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध संचार व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

लंबे समय से चली आ रही मांग हुई पूरी

UPSC सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक है, जिसके माध्यम से IAS, IPS, IFS जैसी शीर्ष संघीय सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। यह परीक्षा तीन चरणों – प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार – में आयोजित होती है। कई वर्षों से छात्र यह मांग कर रहे थे कि प्रारंभिक परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद उन्हें प्रश्नों के सही उत्तर उपलब्ध कराए जाएं, जिससे वे अपने प्रदर्शन का सटीक मूल्यांकन कर सकें। आयोग ने स्वीकार किया है कि इस सुधार के माध्यम से अभ्यर्थियों की यह लंबे समय से लंबित मांग अब पूरी हो गई है।

आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया और अंतिम तिथि

यदि किसी उम्मीदवार को लगता है कि जारी प्रोविजनल आंसर की में कोई उत्तर गलत है, तो वह अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है। इसके लिए अभ्यर्थियों को 31 मई शाम 6 बजे तक का समय दिया गया है। छात्र आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध विशेष ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी आपत्तियां प्रस्तुत कर सकते हैं। आपत्ति दर्ज करते समय उम्मीदवारों को अपने अनुसार सही उत्तर का संक्षिप्त विवरण और कम से कम तीन प्रामाणिक स्रोतों (जैसे मान्यता प्राप्त पुस्तकें या आधिकारिक दस्तावेज) के प्रमाण भी संलग्न करने होंगे।

विशेषज्ञ टीम करेगी आपत्तियों की गहन जांच

UPSC ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त सभी आपत्तियों की विस्तृत और सावधानीपूर्वक समीक्षा की जाएगी। इस उद्देश्य के लिए विषय विशेषज्ञों की एक विशेष टीम का गठन किया जाएगा, जो प्रत्येक आपत्ति और उसके साथ प्रस्तुत सहायक दस्तावेजों की बारीकी से जांच करेगी। विशेषज्ञ संबंधित प्रश्नों की उत्तर कुंजी की सटीकता पर अपनी राय देंगे। सभी अभ्यावेदनों पर उचित विचार करने के बाद ही उत्तर कुंजी को अंतिम रूप दिया जाएगा। यह कदम परीक्षा प्रणाली में छात्रों के विश्वास को और मजबूत करेगा।

  • प्रारंभिक परीक्षा की तारीख: 24 मई 2026
  • प्रोविजनल आंसर की जारी होने की तारीख: परीक्षा के तुरंत बाद
  • आपत्ति दर्ज करने की अंतिम तिथि: 31 मई 2026, शाम 6 बजे तक
  • आपत्ति दर्ज करने का माध्यम: ऑनलाइन पोर्टल
  • आवश्यक दस्तावेज: सही उत्तर का विवरण और तीन प्रामाणिक स्रोत