यूपीएससी प्रीलिम्स 2026: चेयरमैन ने दी सफाई, बताया किन स्रोतों से पूछे गए प्रश्न

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 को लेकर छात्रों में व्याप्त असमंजस और असहमति के बीच आयोग के चेयरमैन डॉ. अजय कुमार ने स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की प्रीलिम्स परीक्षा में पूछे गए प्रश्न पूरी तरह से मानक पाठ्यक्रम और प्रतिष्ठित स्रोतों पर आधारित थे।

प्रश्नों के स्रोतों पर चेयरमैन का बयान

डॉ. अजय कुमार ने अपने आधिकारिक लिंक्डइन पोस्ट के माध्यम से जानकारी दी कि परीक्षा में शामिल अधिकांश प्रश्न सरकारी वेबसाइटों, सरकारी प्रेस विज्ञप्तियों, प्रमुख समाचार पत्रों और मानक पाठ्यपुस्तकों से लिए गए थे। उन्होंने कहा कि जो उम्मीदवार गंभीरता से तैयारी करते हैं, वे इन्हीं स्रोतों का अध्ययन करते हैं, और इस बार भी प्रश्न उसी दायरे में रखे गए।

चेयरमैन ने यह भी कहा कि वे इस बात को समझते हैं कि कई अभ्यर्थियों को यह पेपर पिछले वर्षों की तुलना में अधिक कठिन लगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि अस्थायी उत्तर कुंजी जारी कर दी गई है, जो उम्मीदवारों को आवश्यक स्पष्टता प्रदान करेगी।

सोशल मीडिया पर छात्रों की प्रतिक्रिया

24 मई 2026 को परीक्षा समाप्त होने के बाद सोशल मीडिया पर छात्रों और शिक्षकों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा को ‘अब तक का सबसे कठिन पेपर’ बताया। कई उम्मीदवारों ने इसे ‘अप्रत्याशित’, ‘लंबा’ और ‘भाग्य पर निर्भर’ करार दिया।

इन प्रतिक्रियाओं के बीच, डॉ. अजय कुमार ने स्पष्ट किया कि परीक्षा का स्तर किसी को अनुचित लाभ देने के लिए नहीं बनाया गया था, बल्कि यह विभिन्न पृष्ठभूमियों से आने वाले उम्मीदवारों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था।

प्रश्नपत्र कैसे तैयार किए जाते हैं?

आयोग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यूपीएससी के प्रश्नपत्र देशभर के विषय विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा तैयार किए जाते हैं। ये विशेषज्ञ परीक्षा के उद्देश्यों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रश्नों का चयन करते हैं। इस प्रक्रिया का उद्देश्य विभिन्न शैक्षणिक, सामाजिक और क्षेत्रीय पृष्ठभूमि से आने वाले सभी उम्मीदवारों के लिए एक निष्पक्ष और पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली सुनिश्चित करना है।

आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया

यूपीएससी ने 27 मई 2026 को प्रारंभिक परीक्षा की अस्थायी उत्तर कुंजी जारी कर दी थी। जो उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल हुए थे, वे 31 मई 2026 शाम 6 बजे तक अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए आयोग ने एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध कराया है।

आपत्ति दर्ज कराते समय उम्मीदवारों को निम्नलिखित जानकारी प्रस्तुत करनी होगी:

  • अपने अनुसार सही उत्तर
  • उत्तर का संक्षिप्त स्पष्टीकरण
  • तीन प्रामाणिक स्रोतों से संबंधित दस्तावेज

परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार

इस वर्ष सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में लगभग 5.49 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। यह परीक्षा सिविल सेवा के 933 पदों और भारतीय वन सेवा के 80 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित की गई थी। उल्लेखनीय है कि यूपीएससी की परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, जिसमें हर वर्ष लाखों युवा भाग लेते हैं।