यूपी पुलिस भर्ती में निगेटिव मार्किंग खत्म: नई अंकन योजना का अभ्यर्थियों पर प्रभाव

उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस आरक्षी, मुख्य आरक्षी और जेल वार्डर भर्ती परीक्षाओं में निगेटिव मार्किंग की व्यवस्था को समाप्त करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब लाखों अभ्यर्थियों के लिए यह एक बड़ी राहत साबित होगी। आइए समझते हैं कि पहले की अंकन योजना क्या थी और इस बदलाव से उम्मीदवारों को किस तरह के लाभ होंगे।

पहले क्या थी मार्किंग स्कीम?

अब तक यूपी पुलिस की लिखित परीक्षा में एक विशेष अंकन प्रणाली लागू थी। इस प्रणाली के तहत प्रत्येक सही उत्तर के लिए अभ्यर्थियों को 2 अंक दिए जाते थे। वहीं, गलत उत्तर देने पर 0.50 अंक काट लिए जाते थे, यानी एक चौथाई निगेटिव मार्किंग लागू थी। हालांकि, जिन प्रश्नों को छोड़ दिया जाता था या जिनका उत्तर नहीं दिया जाता था, उनके लिए कोई अंक नहीं काटा जाता था। इस व्यवस्था में अक्सर अभ्यर्थी सही जवाब जानने के बावजूद गलती के डर से प्रश्नों को हल करने से बचते थे।

किन विषयों से पूछे जाते हैं प्रश्न?

यूपी पुलिस आरक्षी, मुख्य आरक्षी और जेल वार्डर की भर्ती परीक्षा में मुख्य रूप से चार विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं। इनमें सामान्य हिंदी, सामान्य ज्ञान, संख्यात्मक एवं मानसिक योग्यता परीक्षण और तार्किक क्षमता या बुद्धिमत्ता परीक्षण शामिल हैं। इन विषयों में सामान्य ज्ञान और करंट अफेयर्स जैसे सेक्शन में अक्सर अनिश्चितता बनी रहती है, जहां पहले अभ्यर्थी गलत उत्तर देने के डर से कई प्रश्न छोड़ देते थे।

निगेटिव मार्किंग खत्म होने के प्रमुख लाभ

निगेटिव मार्किंग हटने से अभ्यर्थियों की परीक्षा देने की रणनीति में पूरी तरह बदलाव आएगा। इसके कई महत्वपूर्ण लाभ सामने आएंगे:

  • समय प्रबंधन में सुधार: अब अभ्यर्थियों को कठिन प्रश्नों पर बार-बार विचार करने या उन्हें बाद के लिए टालने की आवश्यकता नहीं होगी। वे बिना समय गंवाए अधिक से अधिक प्रश्न हल कर सकेंगे, जिससे पूरे प्रश्नपत्र का समय प्रबंधन बेहतर होगा।
  • कटऑफ तक पहुंचना होगा आसान: पहले अधिक प्रश्न हल करने पर गलत उत्तर बढ़ने का जोखिम रहता था, जिससे कुल स्कोर प्रभावित होता था। निगेटिव मार्किंग समाप्त होने से यह समस्या दूर हो गई है। हालांकि इससे मेरिट में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, लेकिन न्यूनतम कटऑफ अंक तक पहुंचना अपेक्षाकृत सरल हो सकता है।
  • अनिश्चित प्रश्नों में जोखिम लेने की छूट: सामान्य ज्ञान और समसामयिक घटनाओं जैसे विषयों में कई बार उत्तर के प्रति पूर्ण निश्चितता नहीं होती। पहले गलत उत्तर पर अंक कटने का भय रहता था, लेकिन अब अभ्यर्थी पूरी तरह याद न होने पर भी अपने अनुमान के आधार पर उत्तर चुन सकते हैं।
  • अधिक प्रश्न हल करने का अवसर: निगेटिव मार्किंग के खत्म होने से उम्मीदवारों पर गलत उत्तर का दबाव नहीं रहेगा। वे पूरे प्रश्नपत्र में अधिकतम सवाल हल करने का प्रयास कर सकेंगे, जिससे उनके कुल अंकों में वृद्धि की संभावना बनेगी।

नियमावली में संशोधन और आधिकारिक प्रक्रिया

नई व्यवस्था को लागू करने के लिए उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने बाई सर्कुलेशन के माध्यम से दो महत्वपूर्ण नियमावलियों को मंजूरी दी है। इनमें उप्र पुलिस आरक्षी तथा मुख्य आरक्षी सेवा (चतुर्थ संशोधन) नियमावली 2025 और उप्र कारागार प्रशासन व सुधार विभाग जेल वार्डर संवर्ग सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली 2025 शामिल हैं। निगेटिव मार्किंग समाप्त होने और नियमावली में किए गए संशोधनों को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड जल्द ही एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगा।

यह बदलाव न केवल अभ्यर्थियों के मानसिक बोझ को कम करेगा, बल्कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित होगा। अब उम्मीदवार बिना किसी संकोच के अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन कर सकेंगे और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।