यूपी बोर्ड परिणाम 2026: कृषि वर्ग के छात्रों का शानदार प्रदर्शन, 93.55% उत्तीर्ण
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने वर्ष 2026 की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष 12वीं कक्षा में कृषि वर्ग के विद्यार्थियों ने विशेष रूप से बेहतरीन प्रदर्शन किया है। कृषि के दूसरे भाग (एग्रीकल्चर पार्ट-2) में 93.55 प्रतिशत छात्र सफल रहे, जो सभी वर्गों में सबसे अधिक उत्तीर्ण प्रतिशत है। वहीं विज्ञान वर्ग की छात्रा शिखा वर्मा ने 97.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर टॉप किया है। आइए, सभी वर्गों के आंकड़ों पर एक नज़र डालते हैं।
मानविकी वर्ग (ह्यूमैनिटीज़)
मानविकी वर्ग में कुल 8,46,561 छात्र पंजीकृत थे, जिनमें से 8,05,691 ने परीक्षा दी। इनमें से 6,13,748 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए, जिससे कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 76.18% रहा। लड़कियों का प्रदर्शन 81.06% के साथ लड़कों (67.11%) से बेहतर रहा।
विज्ञान वर्ग (साइंस)
विज्ञान वर्ग में सबसे अधिक 16,14,797 छात्र पंजीकृत थे। परीक्षा में शामिल 15,69,645 में से 12,89,470 छात्र सफल हुए, जो 82.15% की सफलता दर दर्शाता है। इस वर्ग में भी लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 90.44% रहा, जबकि लड़के 76.79% पर रहे।
वाणिज्य वर्ग (कॉमर्स)
वाणिज्य वर्ग में कुल 59,189 पंजीकृत छात्रों में से 57,356 ने परीक्षा दी। इनमें से 51,856 छात्र उत्तीर्ण हुए, जिससे 90.41% का उच्च उत्तीर्ण प्रतिशत दर्ज किया गया। लड़कियों ने 96.25% अंकों के साथ लड़कों (87.16%) को पीछे छोड़ दिया।
कृषि भाग-1 (एग्रीकल्चर पार्ट-1)
कृषि के पहले भाग में 12,049 छात्र पंजीकृत थे। परीक्षा में 11,504 छात्र शामिल हुए, जिनमें से 7,997 सफल रहे। इस वर्ग की कुल उत्तीर्ण दर 69.51% रही, जिसमें लड़कियों का प्रदर्शन 84.69% और लड़कों का 68.09% रहा।
कृषि भाग-2 (एग्रीकल्चर पार्ट-2)
कृषि के दूसरे भाग ने सबसे अधिक ध्यान आकर्षित किया। यहां 10,313 पंजीकृत छात्रों में से 10,166 ने परीक्षा दी और 9,510 उत्तीर्ण हुए। 93.55% की सफलता दर के साथ यह वर्ग सबसे आगे रहा। लड़कियों ने 96.27% और लड़कों ने 93.29% अंक प्राप्त किए।
व्यावसायिक वर्ग (वोकेशनल)
व्यावसायिक वर्ग में 32,551 छात्र पंजीकृत थे। परीक्षा में शामिल 31,710 में से 25,736 छात्र सफल रहे, जिससे 81.16% की उत्तीर्ण दर रही। लड़कियों का प्रदर्शन 86.47% और लड़कों का 76.86% रहा।
यूपी बोर्ड के इस परिणाम में साफ देखा जा सकता है कि कृषि और वाणिज्य वर्ग के छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। खासकर कृषि के दूसरे भाग में 93% से अधिक उत्तीर्ण प्रतिशत एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। सभी वर्गों में लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों से बेहतर रहा है, जो शिक्षा के क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश करता है।