यूपी बोर्ड परीक्षा 2026: 18 मार्च से कॉपियों का मूल्यांकन शुरू, पिछले साल कब आया था परिणाम?
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं सफलतापूर्वक संपन्न करा ली हैं। अब परीक्षा देने वाले लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की निगाहें परिणाम पर टिकी हैं। बोर्ड ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की तैयारियां शुरू कर दी हैं, जो 18 मार्च 2026 से आरंभ होंगी। इसके बाद रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।
कब जारी हो सकता है परिणाम?
हालांकि बोर्ड की ओर से अभी रिजल्ट की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन पिछले रुझानों को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार भी नतीजे अप्रैल 2026 के आखिरी सप्ताह में घोषित किए जा सकते हैं। बीते वर्ष यूपी बोर्ड ने 10वीं और 12वीं कक्षाओं का परिणाम 25 अप्रैल 2025 को जारी किया था। इसी पैटर्न को देखते हुए इस वर्ष भी अप्रैल के अंतिम सप्ताह में रिजल्ट आने की संभावना है।
मूल्यांकन कार्य 18 मार्च से, 250 केंद्रों पर होगी जांच
सूत्रों के अनुसार, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया 18 मार्च 2026 से शुरू हो जाएगी। इस कार्य के लिए प्रदेश भर में कुल 250 मूल्यांकन केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर परीक्षकों की तैनाती कर दी गई है और मूल्यांकन के दौरान नए दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। इस बार बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया में कुछ बदलाव किए हैं, जिससे छात्रों के उत्तीर्ण होने की संभावना बढ़ सकती है।
स्टेप मार्किंग सिस्टम से मिलेगा लाभ
इस वर्ष बोर्ड ने परीक्षकों को स्टेप मार्किंग सिस्टम अपनाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इस व्यवस्था के तहत यदि कोई छात्र किसी प्रश्न को हल करते समय सही विधि या फॉर्मूला लिखता है, लेकिन अंतिम उत्तर में छोटी सी गलती हो जाती है, तब भी उसे उस प्रश्न के लिए आंशिक अंक प्रदान किए जाएंगे।
उदाहरण के लिए, यदि किसी प्रश्न के कुल पांच अंक हैं और छात्र तीन चरण सही ढंग से हल करता है, तो उसे तीन अंक मिलेंगे, भले ही अंतिम उत्तर गलत क्यों न हो। यह नियम विशेष रूप से गणित और विज्ञान जैसे विषयों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।
उदार मूल्यांकन नीति और भाषा की छूट
बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया में उदार दृष्टिकोण अपनाने के भी निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य छात्रों का आत्मविश्वास बनाए रखना है, ताकि छोटी-मोटी गलतियों के कारण उन्हें नुकसान न उठाना पड़े। परीक्षकों को कहा गया है कि वे उत्तरों का मूल्यांकन करते समय छात्रों द्वारा दिखाए गए चरणों को प्राथमिकता दें। गैर-भाषाई विषयों में वर्तनी या भाषा की छोटी त्रुटियों को नजरअंदाज किया जाएगा। वहीं, वर्तनी और मात्रा संबंधी गलतियों की जांच केवल हिंदी, अंग्रेजी और अन्य भाषा विषयों तक ही सीमित रखी जाएगी।
मूल्यांकन के लिए 1.53 लाख शिक्षकों की तैनाती
इतनी बड़ी संख्या में उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए बोर्ड ने बड़े पैमाने पर शिक्षकों की तैनाती की है। इस वर्ष कुल 1,53,530 शिक्षक मूल्यांकन कार्य में लगाए गए हैं। इनकी संख्या इस प्रकार है:
- हाईस्कूल (कक्षा 10): कुल 96,650 शिक्षक
- परीक्षक: 83,800
- उप मुख्य परीक्षक: 8,550
- ऑडिटर: 4,300
- इंटरमीडिएट (कक्षा 12): कुल 56,880 शिक्षक
- परीक्षक: 48,990
- उप मुख्य परीक्षक: 5,300
- ऑडिटर: 2,590
ऐसे देख सकेंगे अपना परिणाम
रिजल्ट जारी होने के बाद विद्यार्थी आधिकारिक वेबसाइट के अलावा अन्य पोर्टल्स पर भी अपना स्कोरकार्ड देख सकेंगे। परिणाम देखने की प्रक्रिया बेहद सरल है। सबसे पहले रिजल्ट पेज पर जाएं, जहां विभिन्न बोर्डों की सूची में से यूपी बोर्ड का विकल्प चुनना होगा। इसके बाद अपनी कक्षा (10वीं या 12वीं) के लिंक पर क्लिक करें और मांगी गई जानकारी दर्ज करें। आपका परिणाम तुरंत स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा। भविष्य में उपयोग के लिए रिजल्ट डाउनलोड करके उसका प्रिंटआउट अवश्य सुरक्षित रखें।