यूपी बोर्ड परीक्षा 2026: नकल पकड़े जाने पर छात्रों को आपराधिक मुकदमे से राहत, जानें किन पर होगी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए एक महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किया है। इस नए आदेश के अनुसार, यदि कोई विद्यार्थी परीक्षा के दौरान नकल या किसी अनुचित साधन का उपयोग करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा। बोर्ड का यह कदम छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
पूरा मामला क्या है?
परिषद ने स्पष्ट किया है कि वह 2026 की बोर्ड परीक्षाओं को पूरी तरह से नकलविहीन और शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए ‘उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024’ के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, इस कानून के दंडात्मक प्रावधान सीधे तौर पर परीक्षा देने वाले छात्रों पर लागू नहीं होंगे। बोर्ड ने 15 फरवरी 2026 को प्रयागराज स्थित अपने मुख्यालय से यह पत्र जारी करते हुए यह सुनिश्चित किया है कि परीक्षा की गरिमा बनाए रखने के साथ-साथ छात्रों के करियर को भी नुकसान न पहुंचे।
छात्रों को क्यों दी गई यह छूट?
परिषद ने अपने पूर्व आदेश (दिनांक 29 जनवरी 2026) का हवाला देते हुए बताया कि इस अधिनियम की प्रस्तावना और धारा-3 में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि परीक्षा में शामिल हो रहे विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए आपराधिक दायित्व से मुक्त रखा जाएगा। इसका मतलब यह है कि यदि कोई छात्र नकल करते हुए पकड़ा भी जाता है, तो उसे जेल जाने या आपराधिक केस का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह फैसला छात्रों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है, क्योंकि पहले ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई का डर बना रहता था।
नकल पकड़े जाने पर क्या होगी कार्रवाई?
हालांकि छात्रों को आपराधिक मुकदमे से छूट दी गई है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि नकल को बर्दाश्त किया जाएगा। बोर्ड ने साफ किया है कि यदि कोई परीक्षार्थी किसी प्रश्नपत्र के उत्तर लिखने के दौरान अनुचित साधनों का प्रयोग करता पाया जाता है, तो उस विशेष विषय की उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा। ऐसे छात्र का परिणाम परीक्षा प्राधिकारी द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार ही घोषित किया जाएगा। इसका सीधा असर उस विषय के अंकों पर पड़ेगा, जिससे छात्र का समग्र प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है। इस प्रकार, बोर्ड ने नकल पर अंकुश लगाने के लिए शैक्षणिक दंड का प्रावधान बनाए रखा है।
किन लोगों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई?
परिषद का मुख्य ध्यान उन बाहरी तत्वों और गिरोहों पर है जो परीक्षा की शुचिता को भंग करने का प्रयास करते हैं। बोर्ड ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नकल या अन्य अनियमितताओं में शामिल पाए जाने वाले निम्नलिखित लोगों के खिलाफ अधिनियम की धारा-8 के तहत कठोर कार्रवाई की जाए:
- पेपर लीक कराने वाले व्यक्ति या गिरोह
- नकल माफिया से जुड़े लोग
- परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था में बाधा डालने वाले
- बाहर से छात्रों को नकल कराने में सहायता करने वाले
बोर्ड का यह कदम यह सुनिश्चित करता है कि छात्रों को आपराधिक मामलों से बचाकर उनके भविष्य की रक्षा की जाए, जबकि परीक्षा प्रणाली को बिगाड़ने वाले असली दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। इस फैसले से एक ओर जहां नकल पर रोक लगेगी, वहीं दूसरी ओर छात्रों को न्यायिक प्रक्रिया के तनाव से मुक्ति मिलेगी।