यूजीसी का नया निर्देश: विदेशी छात्रों के दाखिले की सूचना 24 घंटे में देना अनिवार्य
उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण नियम लागू किया गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को निर्देश दिया है कि वे किसी भी विदेशी छात्र के प्रवेश की जानकारी 24 घंटे के भीतर साझा करना सुनिश्चित करें। यह नियम सख्ती से लागू होगा और इसका पालन न करने पर संस्थानों को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
नियम का उद्देश्य और कानूनी आधार
यूजीसी ने यह कदम केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नए आव्रजन और विदेशी अधिनियम, 2025 के तहत उठाया है। इस अधिनियम के तहत, सभी शैक्षणिक संस्थानों को विदेशी छात्रों के पंजीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाना होगा। संस्थानों को फॉर्म-II में सभी आवश्यक जानकारी भरकर संबंधित पंजीकरण अधिकारी को उपलब्ध करानी होगी। यह नियम न केवल नए दाखिलों पर लागू होगा, बल्कि ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड धारकों पर भी समान रूप से लागू होगा।
क्या-क्या जानकारी देनी होगी?
नए नियमों के अनुसार, संस्थानों को विदेशी छात्रों की निम्नलिखित जानकारी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से साझा करनी होगी:
- छात्र का नाम, पासपोर्ट और वीजा विवरण
- दाखिले की तिथि और पाठ्यक्रम की जानकारी
- कैंपस और हॉस्टल में उपस्थिति का रिकॉर्ड
- सेमेस्टर-वार शैक्षणिक प्रदर्शन (पास/फेल की स्थिति)
- उपस्थिति प्रतिशत और आचरण संबंधी रिपोर्ट
सरकार चाहती है कि हर विदेशी छात्र की शैक्षणिक यात्रा पर पूरी निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को तुरंत पकड़ा जा सके।
पत्र के माध्यम से दिए गए निर्देश
यूजीसी के सचिव प्रोफेसर मनीष जोशी ने सभी राज्यों और उच्च शिक्षण संस्थानों को पत्र लिखकर इस नियम के बारे में अवगत कराया है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने 19 दिसंबर, 2025 को एक मेमोरेंडम जारी किया था, जिसमें आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम, 2025 के नियमों को अधिसूचित किया गया। इस अधिनियम की धारा 9 के तहत, यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी विदेशी छात्र को दाखिला देने के 24 घंटे के भीतर पंजीकरण अधिकारी को सूचित करना अनिवार्य है।
नियम का पालन न करने पर कार्रवाई
यदि कोई संस्थान इस नियम का पालन करने में विफल रहता है, तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। यह कदम सरकार द्वारा विदेशी छात्रों के प्रवेश और ठहरने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए उठाया गया है। इससे न केवल छात्रों की जानकारी केंद्रीय डेटाबेस में उपलब्ध होगी, बल्कि उनकी शैक्षणिक प्रगति पर भी नजर रखी जा सकेगी।