टिकटॉक का अमेरिकी समझौता अंतिम रूप से तय, नई कंपनी और नेतृत्व की घोषणा
अमेरिका में टिकटॉक के भविष्य को लेकर चल रही अनिश्चितता अब समाप्त हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आधिकारिक तौर पर एक नए संयुक्त उद्यम (जॉइंट वेंचर) की घोषणा की है, जिसके तहत यह लोकप्रिय शॉर्ट वीडियो एप्लिकेशन अब अमेरिकी नियंत्रण में संचालित होगा। इस समझौते से करोड़ों अमेरिकी उपयोगकर्ताओं के डेटा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को दूर करने का दावा किया गया है।
नई संरचना और स्वामित्व
इस संयुक्त उद्यम को ‘टिकटॉक यूएसडीएस जॉइंट वेंचर’ नाम दिया गया है, जो एक पूरी तरह से स्वतंत्र इकाई के रूप में काम करेगी। इसका नेतृत्व पूरी तरह से अमेरिकी हाथों में होगा, जबकि टिकटॉक की मूल कंपनी बाइटडांस का प्रभाव अब काफी हद तक सीमित हो गया है। समझौते के अनुसार, बाइटडांस के पास इस नए उद्यम में केवल 19.9 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी। शेष बड़ा हिस्सा सिल्वर लेक, ओरेकल और एमजीएक्स जैसे प्रमुख अमेरिकी निवेशकों के पास होगा।
नए सीईओ और बोर्ड की नियुक्ति
इस नई संरचना में अहम बदलाव करते हुए टिकटॉक में लंबे समय से कार्यरत एडम प्रेसर को इस वेंचर का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया है। वहीं, टिकटॉक के वैश्विक सीईओ शाउ च्यू बोर्ड के निदेशक के रूप में कार्य करेंगे। कंपनी के संचालन के लिए सात सदस्यों का एक बोर्ड गठित किया गया है, जिसमें अमेरिकी सदस्यों की बहुमत होगी। यह सुनिश्चित करेगा कि एप का वैश्विक अनुभव बरकरार रहे, लेकिन नियंत्रण अमेरिका के पास ही रहे। अमेरिकी कानून के अनुसार, बाइटडांस को अपनी हिस्सेदारी 20 प्रतिशत की सीमा से नीचे रखनी थी, जो अब पूरी हो गई है।
डेटा सुरक्षा और एल्गोरिदम पर बड़ा फैसला
इस समझौते का सबसे महत्वपूर्ण पहलू डेटा सुरक्षा से जुड़ा है। नई व्यवस्था के तहत टिकटॉक को अमेरिकी उपयोगकर्ताओं का सारा डेटा देश के भीतर ही संग्रहीत करना होगा। यह डेटा ओरेकल के डेटा सेंटरों में रखा जाएगा और इसे केवल अमेरिकी डेटा के आधार पर ही अपडेट और परीक्षण किया जाएगा। कंपनी का मानना है कि इस कदम से राष्ट्रीय सुरक्षा, डेटा संरक्षण और सामग्री निगरानी से जुड़ी सभी चिंताएं दूर हो जाएंगी। इससे न केवल टिकटॉक, बल्कि कैपकट और लेमन8 जैसे अन्य एप्लिकेशन भी अमेरिका में निर्बाध रूप से काम करते रहेंगे।
नियंत्रण और संचालन की बारीकियां
इस संयुक्त उद्यम में अमेरिकी कंपनियों के पास 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी होने के कारण टिकटॉक पर नियंत्रण की शक्ति पूरी तरह से अमेरिकी हाथों में आ गई है। अब अमेरिका के पास अपने उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षा नीतियां बनाने और सामग्री निगरानी पर निर्णय लेने का पूरा अधिकार होगा। वहीं, टिकटॉक की वैश्विक संस्थाएं ई-कॉमर्स, विज्ञापन और अंतरराष्ट्रीय सामग्री एकीकरण जैसी वाणिज्यिक गतिविधियों का प्रबंधन करेंगी।
राष्ट्रपति ट्रंप की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस डील को “महान अमेरिकी देशभक्तों और निवेशकों” की जीत बताते हुए इसका स्वागत किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भी आभार व्यक्त किया कि उन्होंने इस समझौते को अपनी मंजूरी दी। ट्रंप के अनुसार, यह डील पूरी तरह से अमेरिका के हित में है। गौरतलब है कि इससे पहले जो बाइडन प्रशासन के दौरान टिकटॉक को बेचने या प्रतिबंधित करने का कानून लाया गया था, जिसे ट्रंप ने अपने कार्यकारी आदेशों के माध्यम से रोक दिया था ताकि इस समझौते का मार्ग प्रशस्त हो सके।