दूरसंचार क्षेत्र में बड़ा बदलाव: DoT ने पुरानी लाइसेंसिंग प्रणाली को किया खत्म

भारत के दूरसंचार क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने पुरानी लाइसेंसिंग व्यवस्था को समाप्त करते हुए एक नई और आधुनिक मंजूरी-आधारित प्रणाली लागू कर दी है। यह कदम नए दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत उठाया गया है, जिसका उद्देश्य इस क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों के लिए नियमों को सरल और पारदर्शी बनाना है।

नई प्रणाली के तहत, कोई भी कंपनी जो दूरसंचार सेवाएं शुरू करना चाहती है या अपने मौजूदा लाइसेंस को अपग्रेड करना चाहती है, वह अब पूरी तरह से ऑनलाइन आवेदन कर सकती है। इसके लिए सरकार ने एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया है, जहां सारी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी होगी।

पुरानी व्यवस्था को अलविदा

सरकार ने हाल ही में पारंपरिक लाइसेंसिंग ढांचे को हटाकर एक नया मंजूरी-आधारित ढांचा लागू किया है। यह बदलाव दूरसंचार अधिनियम, 2023 के प्रावधानों के अनुसार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य दूरसंचार सेवाओं के लिए मंजूरी लेने की प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक और त्वरित बनाना है। पहले जहां कंपनियों को कागजी कार्रवाई और कई चरणों से गुजरना पड़ता था, वहीं अब यह पूरी प्रक्रिया सरल हो गई है।

पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया

नई प्रणाली ‘डिजिटल बाय डिज़ाइन’ के सिद्धांत पर आधारित है। इसका मतलब है कि अब किसी भी तरह के कागजी दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं होगी। चाहे नई सेवा शुरू करने के लिए मंजूरी लेनी हो या पुराने लाइसेंस को नए नियमों में बदलवाना हो, सभी कार्य ऑनलाइन ही होंगे। यह कदम न केवल समय बचाएगा बल्कि पारदर्शिता को भी बढ़ावा देगा।

आवेदन की प्रक्रिया

आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए दूरसंचार विभाग ने एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। दूरसंचार सेवाएं प्रदान करने में रुचि रखने वाली कोई भी कंपनी इस पोर्टल पर जाकर सीधे अपना आवेदन जमा कर सकती है। यह पोर्टल पूरी तरह से पेपरलेस है और 100 प्रतिशत डिजिटल अनुभव प्रदान करता है।

पहले क्यों लगी थी रोक?

गौरतलब है कि इस नई प्रणाली को लागू करने की तैयारी के कारण, दूरसंचार विभाग ने पिछले साल नवंबर में नए लाइसेंस, पंजीकरण और एनओसी के आवेदनों पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी थी। यह रोक इसलिए लगाई गई थी ताकि नए डिजिटल सिस्टम को बिना किसी बाधा के तैयार किया जा सके। अब जब यह सिस्टम पूरी तरह से चालू हो गया है, तो आवेदनों की प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी गई है।

इस बदलाव के फायदे

  • सरल प्रक्रिया: नई प्रणाली से मंजूरी लेने की प्रक्रिया काफी सरल और तेज हो गई है।
  • पारदर्शिता: पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से इसमें पारदर्शिता बढ़ेगी और किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना कम होगी।
  • समय की बचत: कागजी कार्रवाई खत्म होने से कंपनियों का समय और संसाधन दोनों बचेंगे।
  • नई कंपनियों के लिए आसान: नई दूरसंचार कंपनियों के लिए बाजार में प्रवेश करना अब अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।
  • मौजूदा कंपनियों को लाभ: पहले से काम कर रही कंपनियां भी अपने पुराने लाइसेंस को आसानी से नए नियमों में बदल सकती हैं।

यह बदलाव भारत के दूरसंचार क्षेत्र को और अधिक डिजिटल, पारदर्शी और कुशल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल उद्योग को बल्कि आम उपभोक्ताओं को भी बेहतर सेवाएं मिलने की उम्मीद है।