तमिलनाडु में शुरू हुई ई-याचिका प्रणाली, क्यूआर कोड से करें शिकायत दर्ज

तमिलनाडु सरकार ने जनता की शिकायतों को सुनने और उनका त्वरित निपटारा करने के लिए एक डिजिटल पहल शुरू की है। अब नागरिक क्यूआर कोड स्कैन करके अपनी समस्याएं और सुझाव ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था से कागजी कार्रवाई में कमी आएगी और शिकायत निवारण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

कैसे काम करेगी नई ई-याचिका सेवा?

इस प्रणाली के तहत, लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। वे सीधे अपने मोबाइल फोन से क्यूआर कोड स्कैन करेंगे, जो मंत्री कार्यालयों और अन्य सरकारी स्थानों पर लगाए जाएंगे। स्कैन करने पर एक ऑनलाइन पोर्टल खुलेगा, जहां आवेदक अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरकर शिकायत दर्ज कर सकेंगे। साथ ही, यदि कोई कागजी दस्तावेज हैं, तो उन्हें भी स्कैन करके पोर्टल पर अपलोड किया जा सकेगा।

वॉयस रिकॉर्डिंग और वैकल्पिक सुविधाएं

यह प्रणाली उन लोगों के लिए भी सुविधाजनक बनाई गई है जो लिखने में सक्षम नहीं हैं। आवेदक चाहें तो अपनी समस्या का संक्षिप्त विवरण टाइप कर सकते हैं या फिर अपनी बात को समझाने के लिए वॉयस रिकॉर्डिंग भी अपलोड कर सकते हैं। यह सुविधा पूरी तरह वैकल्पिक है, जिसका उद्देश्य शिकायत को अधिक स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने में मदद करना है। इससे अधिकारियों को समस्या की गंभीरता समझने और त्वरित कार्रवाई करने में आसानी होगी।

ऑनलाइन टोकन और अपॉइंटमेंट की सुविधा

इस डिजिटल व्यवस्था का एक बड़ा लाभ यह है कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा करने वाले लोगों को स्वचालित रूप से एक टोकन नंबर और मिलने का समय मिल जाएगा। इससे मंत्री कार्यालयों के बाहर लंबी कतारें और भीड़ कम होगी। लोगों को घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि निर्धारित समय पर सीधे अपनी बात रखने का मौका मिलेगा।

नई व्यवस्था का उद्देश्य और प्रभाव

तमिलनाडु के स्कूल शिक्षा मंत्री अनबिल माहेश पोय्यामोझी ने क्यूआर कोड आधारित यह शिकायत प्रणाली शुरू की है। वे राज्य के उन शुरुआती मंत्रियों में शामिल हैं जिन्होंने इस तरह की डिजिटल पहल को अपनाया है। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रणाली न केवल शिकायतों के त्वरित निपटारे में मदद करेगी, बल्कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता भी लाएगी।

  • कागजी आवेदनों की जरूरत खत्म होगी, जिससे पर्यावरण को भी लाभ होगा।
  • लोगों को अपनी समस्या बताने के लिए बार-बार सरकारी कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा।
  • शिकायतों की डिजिटल रिकॉर्डिंग से उनकी ट्रैकिंग आसान होगी।
  • यह प्रणाली अन्य सरकारी विभागों के लिए एक मॉडल बन सकती है।

मंत्री कार्यालय के बाहर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से जुड़ी पूरी जानकारी और निर्देश प्रदर्शित किए गए हैं, ताकि लोग नई व्यवस्था को आसानी से समझ सकें। यह डिजिटल पहल सरकारी सेवाओं को अधिक आधुनिक, सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।