डिजिटल इंडिया में स्पैम कॉल का बढ़ता संकट: तीन साल में 128% की वृद्धि
भारत में डिजिटल सेवाओं के तेजी से विस्तार के साथ ही स्पैम कॉल और अनचाहे संदेशों की समस्या भी विकराल रूप धारण कर रही है। हाल ही में भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) द्वारा जारी आंकड़े बताते हैं कि सख्त नियमों और तकनीकी उपायों के बावजूद, इस समस्या पर पूरी तरह से अंकुश नहीं लग पाया है। यह स्थिति न केवल उपयोगकर्ताओं की निजता के लिए खतरा है, बल्कि डिजिटल लेनदेन में विश्वास को भी कमजोर कर रही है।
शिकायतों का बढ़ता आंकड़ा
ट्राई की रिपोर्ट के अनुसार, स्पैम कॉल से संबंधित शिकायतों में पिछले तीन वर्षों में भारी उछाल आया है। वर्ष 2023 में जहां लगभग 13.62 लाख शिकायतें दर्ज की गई थीं, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 19.38 लाख हो गई। सबसे चिंताजनक बात यह है कि 2025 में यह आंकड़ा 31.09 लाख तक पहुंच गया, जो तीन वर्षों में 128 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाता है। यह लगातार बढ़ता ग्राफ दूरसंचार उद्योग और नियामक तंत्र के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
रोजाना दो से तीन धोखाधड़ी वाली कॉल
धोखेबाज अब पारंपरिक तरीकों के बजाय आधुनिक तकनीकों का सहारा ले रहे हैं। वे रोबोटिक कॉलिंग और ऑटो-डायलर सिस्टम का उपयोग कर रहे हैं, जिससे एक साथ हजारों लोगों को निशाना बनाया जा सकता है। फर्जी लोन ऑफर, क्रेडिट कार्ड प्रचार, लॉटरी जीतने का झांसा और निवेश योजनाओं के नाम पर लोगों को फंसाया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, देश के लगभग 60 प्रतिशत मोबाइल उपयोगकर्ताओं को प्रतिदिन औसतन दो से तीन स्पैम कॉल या संदेश प्राप्त होते हैं। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि ये कॉल अक्सर सामान्य मोबाइल नंबरों से आती हैं, जिससे लोगों के लिए उन्हें पहचानना मुश्किल हो जाता है।
एआई से रोकथाम के प्रयास और चुनौतियां
इस बढ़ते खतरे से निपटने के लिए सरकार और दूरसंचार कंपनियां कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग का सहारा ले रही हैं। वर्तमान में, हर दिन लगभग 75 करोड़ स्पैम कॉल और संदेशों को उपयोगकर्ताओं तक पहुंचने से पहले ही ब्लॉक कर दिया जाता है। मई 2025 में लागू किए गए सख्त नियमों के तहत अब तक 2.27 लाख से अधिक मोबाइल हैंडसेट को ब्लॉक किया जा चुका है और 51 लाख से अधिक कार्रवाइयां की गई हैं। इसके अलावा, हजारों एसएमएस हेडर, टेम्पलेट और व्हाट्सएप अकाउंट को भी निष्क्रिय किया गया है। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद, स्पैम कॉल की संख्या में कमी नहीं आ रही है, जो इस समस्या की जटिलता को दर्शाता है।
उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षा उपाय
तकनीकी उपायों के साथ-साथ उपयोगकर्ताओं की सतर्कता भी बेहद जरूरी है। किसी भी अनजान कॉल पर बैंक खाता विवरण, ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। स्पैम कॉल की स्थिति में उपयोगकर्ता राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1909 पर कॉल या संदेश के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा, अपने फोन पर ‘डू नॉट डिस्टर्ब’ (डीएनडी) सेवा को सक्रिय करना भी एक प्रभावी उपाय है। नियमों के अनुसार, दूरसंचार कंपनियों को शिकायत मिलने के सात दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई करनी होती है।
- अनजान नंबरों से आने वाली कॉल पर तुरंत उत्तर न दें।
- किसी भी प्रकार की वित्तीय जानकारी फोन पर साझा करने से बचें।
- फोन में स्पैम डिटेक्शन एप का उपयोग करें।
- नियमित रूप से अपने मोबाइल पर डीएनडी सेवा की स्थिति जांचते रहें।