स्नैपचैट की बड़ी छंटनी: एआई के बढ़ते दबदबे और खर्च कटौती के बीच 1,000 कर्मचारियों को नौकरी से हटाने की तैयारी
दुनिया भर की टेक कंपनियों में छंटनी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस सूची में स्नैपचैट की मूल कंपनी स्नैप इंक का नाम भी शामिल हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी अपने कुल कार्यबल के 16 प्रतिशत, यानी लगभग 1,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने जा रही है। इसके अलावा, कंपनी ने सैकड़ों रिक्त पदों के लिए होने वाली भर्तियों को भी रद्द करने का फैसला किया है।
छंटनी के पीछे की प्रमुख वजहें
इस बड़े फैसले के पीछे दो मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। पहला और सबसे अहम कारण है, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल्स का तेजी से बढ़ता उपयोग। दूसरा कारण है, कंपनी के खर्चों में भारी कटौती करने की मजबूरी। स्नैप अब बड़ी टीमों की बजाय छोटी और अधिक केंद्रित टीमों के साथ काम करने की योजना बना रही है। कंपनी के भीतर कई महत्वपूर्ण कार्य, जो पहले मानव संसाधनों से होते थे, अब एआई टूल्स की मदद से पूरे किए जा रहे हैं।
इस बदलाव का सीधा मतलब यह है कि जो काम पहले कई लोग मिलकर करते थे, अब उसे कुछ ही कर्मचारी एआई की सहायता से आसानी से पूरा कर सकते हैं। यही वजह है कि कंपनी नई भर्तियां करने के बजाय अपने काम करने के पूरे तरीके को ही बदल रही है और कई पदों को स्थायी रूप से बंद किया जा रहा है।
निवेशकों का दबाव और एआर ग्लास का घाटा
सिर्फ एआई ही इस छंटनी का एकमात्र कारण नहीं है। कंपनी के कामकाज को लेकर निवेशकों का भी काफी दबाव है। निवेशक लगातार मांग कर रहे हैं कि कंपनी अपने अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखे और मुनाफा बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करे।
इसके अलावा, स्नैप ने अपने ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) स्मार्ट ग्लास जैसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स पर भारी निवेश किया था। हालांकि, बाजार में इन उत्पादों को वह सफलता नहीं मिली जिसकी उम्मीद की जा रही थी। भारी निवेश के बावजूद उचित रिटर्न न मिलने और निवेशकों के बढ़ते दबाव के कारण कंपनी को अपने संचालन को सख्त करने और खर्चों में कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
स्नैप का भविष्य का रोडमैप
इस पूरी छंटनी और पुनर्गठन प्रक्रिया के जरिए कंपनी अपने भविष्य को मजबूत बनाने की तैयारी कर रही है। स्नैप का अनुमान है कि इन कड़े बदलावों के पूरी तरह लागू होने के बाद, वह हर साल लगभग 4,100 करोड़ रुपये से अधिक की बचत कर पाएगी।
कंपनी अब एक नए कार्य मॉडल की ओर बढ़ रही है, जहां पूरा ध्यान एक ‘तेज और अधिक कुशल’ सिस्टम बनाने पर है। इस नए मॉडल में छोटी टीमें एआई टूल्स का उपयोग करके पहले से कहीं अधिक और बेहतर काम कर सकेंगी। कंपनी ने खुद स्वीकार किया है कि इतने सारे कर्मचारियों को एक साथ निकालने के बाद कामकाज में यह बदलाव आसान नहीं होगा, लेकिन यह एक जरूरी कदम है।
टेक इंडस्ट्री का बढ़ता रुझान
स्नैपचैट का यह कदम टेक इंडस्ट्री में चल रहे एक बड़े ट्रेंड का हिस्सा है। इस साल अमेजन, मेटा, ब्लॉक, पिंटरेस्ट और एटलासियन जैसी कई बड़ी कंपनियों ने सामूहिक रूप से हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है। इन सभी कंपनियों के अधिकारियों के बयानों में एक समानता देखने को मिलती है। एआई टूल्स के बढ़ते उपयोग के कारण अब कंपनियों को कोडिंग या अन्य तकनीकी कामों के लिए पहले जितने कर्मचारियों की जरूरत नहीं रह गई है।
इसके अलावा, एआई तकनीक के विकास और उसमें अरबों डॉलर के निवेश के लिए कंपनियों को अपने अन्य विभागों में खर्च कम करना पड़ रहा है, जिसका सीधा असर कर्मचारियों की नौकरियों पर पड़ रहा है। एक्स के पूर्व प्रमुख और ब्लॉक के मौजूदा सीईओ जैक डोर्सी ने भी इस बदलते माहौल को लेकर चेतावनी दी है। उनका कहना है कि एआई टूल्स ने कंपनियों को बनाने और चलाने का तरीका पूरी तरह से बदल दिया है। उन्होंने यह भी आशंका जताई है कि आने वाले समय में टेक इंडस्ट्री में इस तरह की और भी छंटनियां देखने को मिल सकती हैं।