स्मार्टवॉच: सेहत का साथी या निजता का चोर?
आपकी कलाई पर बंधी स्मार्टवॉच सिर्फ कदम गिनने और दिल की धड़कन मापने का उपकरण नहीं रह गई है। यह एक ऐसा उपकरण बन गया है जो आपकी सबसे निजी जानकारियों को इकट्ठा कर रहा है, और कई बार आपकी जानकारी के बिना ही उन्हें दूसरों तक पहुंचा सकता है। गूगल और एपल जैसी बड़ी टेक कंपनियों के ये वियरेबल डिवाइस फिटनेस के लिए तो बेहतरीन हैं, लेकिन इनकी गोपनीयता नीतियों की गहराई में जाने पर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आते हैं।
गूगल की फिटबिट नीति: कितनी सुरक्षित?
गूगल की फिटबिट प्राइवेसी पॉलिसी में कहा गया है कि उपयोगकर्ता खुद तय करता है कि उसका कौन सा डेटा साझा होगा और कंपनी इसे विज्ञापनों के लिए नहीं बेचती। लेकिन इसी नीति में यह भी जिक्र है कि कानूनी आवश्यकताओं या सहमति के आधार पर डेटा साझा किया जा सकता है। इसका सीधा मतलब यह है कि अदालत के आदेश पर आपकी स्मार्टवॉच का पूरा डेटा, जिसमें आपकी नींद का पैटर्न, हृदय गति और यहां तक कि आपकी लोकेशन भी शामिल है, किसी तीसरे पक्ष को सौंपा जा सकता है। यह स्थिति कई लोगों के लिए चिंता का विषय हो सकती है।
एपल की गोपनीयता का असली चेहरा
एपल हमेशा खुद को गोपनीयता का संरक्षक बताता है, लेकिन उसकी नीतियों में भी कमियां हैं। कंपनी की पॉलिसी के अनुसार, वह आवश्यक होने पर अपने सहयोगियों और सेवा प्रदाताओं के साथ आपका स्वास्थ्य डेटा साझा कर सकती है। इसका अर्थ यह है कि आपकी सबसे संवेदनशील जानकारी, जैसे कि आपका मासिक धर्म चक्र या हृदय संबंधी डेटा, तीसरी कंपनियों की पहुंच में आ सकता है। ये कंपनियां इस डेटा का उपयोग अपने लाभ के लिए कर सकती हैं, जिसमें बीमा प्रीमियम तय करना या लक्षित विज्ञापन देना शामिल हो सकता है।
डेटा लीक के चौंकाने वाले उदाहरण
- सैनिकों की लोकेशन हुई सार्वजनिक: 2018 में स्ट्रावा नामक फिटनेस एप के जरिए अमेरिकी सैनिकों के वर्कआउट रूट सार्वजनिक हो गए थे। इस घटना से गुप्त सैन्य ठिकानों और उनके गश्ती मार्गों का खुलासा हो गया, जो सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा था।
- लोकेशन ट्रैकिंग का बड़ा घोटाला: 2022 में गूगल को 400 मिलियन डॉलर का जुर्माना देना पड़ा था। इसका कारण यह था कि कंपनी ने उपयोगकर्ताओं द्वारा लोकेशन सेवा बंद करने के बावजूद उनकी लोकेशन ट्रैक करना जारी रखा था।
क्या आपका स्वास्थ्य डेटा तीसरे पक्ष के हाथों में है?
2025 में नेचर जर्नल में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, एपल और गूगल जैसी बड़ी टेक कंपनियां यह स्पष्ट रूप से नहीं बता पाती हैं कि वे तीसरे पक्षों के साथ डेटा क्यों और कितना साझा कर रही हैं। आपकी नींद का पैटर्न, हृदय गति और मासिक धर्म चक्र जैसी जानकारियों का उपयोग बीमा कंपनियां आपके प्रीमियम को बढ़ाने या विज्ञापन एजेंसियां आपको लक्षित विज्ञापन दिखाने के लिए कर सकती हैं। यह आपकी निजता के लिए एक गंभीर खतरा है।
अपनी सुरक्षा कैसे करें?
- सेटिंग्स की नियमित जांच करें: अपनी स्मार्टवॉच की प्राइवेसी सेटिंग्स में जाकर डेटा शेयरिंग और लोकेशन ट्रैकिंग के विकल्पों को नियमित रूप से देखें। अगर कुछ भी संदिग्ध लगे, तो तुरंत उसे बदल दें।
- पुराना डेटा हटाएं: समय-समय पर अपने क्लाउड स्टोरेज से पुराने स्वास्थ्य डेटा को हटाने की आदत डालें। इससे आपकी जानकारी कंपनियों के पास लंबे समय तक नहीं रहेगी और आपकी निजता सुरक्षित रहेगी।
- केवल जरूरी अनुमतियां दें: अक्सर लोग सेटअप के दौरान बिना पढ़े सभी अनुमतियां दे देते हैं। हमेशा ध्यान रखें कि किसी एप को केवल उन्हीं सेंसर्स तक पहुंच दें, जो उसके उपयोग के लिए अनिवार्य हैं। बाकी सभी अनुमतियों को अस्वीकार कर दें।