स्मार्टफोन की कीमतों में बढ़ोतरी: चिप संकट के बाद अब इन पुर्जों ने बढ़ाई चिंता
अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो जल्दी करना ही बेहतर होगा। पिछले कुछ महीनों से मोबाइल फोन की कीमतों में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है, और आने वाले समय में यह और बढ़ सकता है। बाजार में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भारत में बिकने वाले लगभग 80 स्मार्टफोन मॉडलों की कीमतों में हाल ही में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ग्राहकों को उम्मीद थी कि यह महंगाई का दौर जल्द थम जाएगा, लेकिन मौजूदा परिस्थितियां इसके विपरीत संकेत दे रही हैं।
चिप के बाद अब किन पुर्जों ने बढ़ाई मुसीबत?
अब तक स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतों का सबसे बड़ा कारण मेमोरी चिप्स की कमी को माना जाता था। हालांकि, अब मोबाइल निर्माता कंपनियों के सामने एक नया संकट खड़ा हो गया है। फोन में इस्तेमाल होने वाले कई अन्य जरूरी पुर्जों की कीमतों में भी तेजी से उछाल आया है।
- प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB)
- कॉपर थिन फिल्म्स
- ग्लास और फोल्डेबल स्क्रीन में लगने वाले विशेष मटेरियल
इन सभी पुर्जों की लागत में बढ़ोतरी ने कंपनियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। जिन कंपनियों के पास इन पुर्जों का पर्याप्त स्टॉक नहीं है, उन पर इसका सीधा और गंभीर असर पड़ने वाला है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल के बाकी महीनों और अगले साल की शुरुआत तक मोबाइल फोन की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल सकता है।
क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने बढ़ाई चिप की कमी?
बाजार में अचानक पैदा हुई चिप की कमी के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बड़ा हाथ है। दुनियाभर में AI तकनीक की बढ़ती मांग के कारण, चिप निर्माता कंपनियों ने अपना ध्यान AI डेटा सेंटर्स की जरूरतों को पूरा करने पर केंद्रित कर दिया है।
इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं के बाजार पर पड़ा है। स्मार्टफोन, स्मार्ट टीवी और लैपटॉप जैसे रोजमर्रा के गैजेट्स के लिए चिप्स की भारी कमी हो गई है। सैमसंग जैसी बड़ी कंपनियों ने इसी चिप संकट का हवाला देते हुए अपने कई मॉडलों की कीमतें बढ़ा दी हैं। अब अन्य पुर्जों की बढ़ती कीमतों ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है।
लॉन्च प्राइस से भी महंगे क्यों हो रहे हैं पुराने फोन?
इस पूरे घटनाक्रम के बीच मोबाइल बाजार में एक नया और चौंकाने वाला ट्रेंड देखने को मिल रहा है। आमतौर पर पुराने होने पर फोन सस्ते हो जाते हैं, लेकिन अब महीनों पहले लॉन्च हो चुके मॉडल भी महंगे किए जा रहे हैं।
नए फोन तो ऊंचे दामों पर बाजार में आ ही रहे हैं, साथ ही वनप्लस, सैमसंग और वीवो जैसी कंपनियों ने अपने पुराने मॉडलों की कीमतों में भी चुपचाप हजारों रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। इसका सबसे बड़ा नुकसान ग्राहकों को उठाना पड़ रहा है, जिन्हें अब एक पुराना मॉडल खरीदने के लिए भी उसकी शुरुआती लॉन्च कीमत से कहीं ज्यादा पैसे चुकाने पड़ रहे हैं।