नई सिम लगने के बाद बैंक OTP और UPI क्यों हो जाते हैं बंद? जानिए इसके पीछे का सरकारी नियम
अक्सर जब हम अपना सिम कार्ड बदलते हैं, पुरानी खराब सिम को रिप्लेस कराते हैं या फिर फिजिकल सिम से ई-सिम पर स्विच करते हैं, तो एक आम समस्या सामने आती है। बैंकिंग अलर्ट, यूपीआई ऐप का वेरिफिकेशन और नेट बैंकिंग के लिए आने वाले ओटीपी (One Time Password) अचानक बंद हो जाते हैं। ज्यादातर लोग इसे नेटवर्क की खराबी या सिम के ठीक से एक्टिवेट न होने का कारण मानकर परेशान हो जाते हैं। कुछ लोग तो तुरंत कस्टमर केयर पर शिकायत भी कर देते हैं। लेकिन असल में यह कोई तकनीकी खामी नहीं है, बल्कि एक सुरक्षा उपाय है जो आपके बैंक खाते को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए बनाया गया है।
क्या है 24 घंटे का एसएमएस ब्लॉक नियम?
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के एक अनिवार्य नियम के अनुसार, जब भी कोई उपभोक्ता सिम रिप्लेसमेंट, सिम स्वैप या ई-सिम ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी करता है, तो टेलीकॉम ऑपरेटरों को उस नंबर पर अगले 24 घंटों के लिए सभी इनकमिंग और आउटगोइंग एसएमएस सेवाओं को ब्लॉक करना होता है। इस नियम का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को सिम स्वैप फ्रॉड नामक एक गंभीर साइबर अपराध से बचाना है।
सिम स्वैप फ्रॉड क्या है और यह कैसे काम करता है?
इस तरह की धोखाधड़ी में साइबर अपराधी किसी व्यक्ति के पहचान पत्रों का दुरुपयोग करके या दूरसंचार कंपनी को गुमराह करके उसके मोबाइल नंबर का डुप्लिकेट सिम कार्ड निकलवा लेते हैं। जैसे ही यह नकली सिम एक्टिवेट होती है, असली उपयोगकर्ता के फोन का नेटवर्क पूरी तरह से बंद हो जाता है। इसके बाद अपराधी उस नंबर पर आने वाले बैंक ओटीपी और अन्य अलर्ट को आसानी से प्राप्त कर लेता है। इस जानकारी का उपयोग करके वह बैंकिंग ऑथेंटिकेशन को बायपास कर सकता है और पीड़ित के बैंक खाते को खाली कर सकता है।
ट्राई का 24 घंटे का एसएमएस ब्लॉक नियम इसी खतरे को बेअसर करने के लिए बनाया गया है। भले ही कोई हैकर आपकी डुप्लिकेट सिम निकलवाने में सफल हो जाए, लेकिन वह अगले 24 घंटों तक उस पर कोई भी एसएमएस या ओटीपी प्राप्त नहीं कर पाएगा। इस दौरान असली उपयोगकर्ता को धोखाधड़ी का पता लगाने और अपने बैंक खाते या नंबर को ब्लॉक कराने का पर्याप्त समय मिल जाता है। 24 घंटे पूरे होने के बाद आपकी एसएमएस सेवाएं अपने आप बहाल हो जाती हैं।
इस दौरान कौन सी सेवाएं काम नहीं करेंगी?
जब आपके नंबर पर यह एसएमएस ब्लॉक सक्रिय रहता है, तो कई डिजिटल और बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होती हैं:
- UPI ऐप्स: गूगल पे, फोनपे, पेटीएम जैसे सभी डिजिटल पेमेंट ऐप लॉगिन या री-एक्टिवेशन के समय एक गुप्त एसएमएस के जरिए वेरिफिकेशन करते हैं। ब्लॉक अवधि में आप इन ऐप्स में लॉगिन नहीं कर पाएंगे और न ही इन्हें दोबारा एक्टिवेट कर पाएंगे।
- इंटरनेट बैंकिंग: कोई भी ऑनलाइन लेन-देन जो मोबाइल ओटीपी पर निर्भर है, इस दौरान पूरा नहीं हो सकेगा।
- बैंक अलर्ट: खाते से पैसे कटने या जमा होने पर आने वाले रूटीन टेक्स्ट मैसेज भी इस अवधि में नहीं मिलेंगे।
ब्लॉक हटने के बाद क्या करना चाहिए?
जैसे ही सिम एक्टिवेशन के 24 घंटे पूरे हो जाएं, आपको कोई अलग कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है। बस अपने यूपीआई ऐप को दोबारा खोलें और सामान्य तरीके से वेरिफिकेशन प्रक्रिया शुरू करें। ऐप आपके डिवाइस से एक ऑटोमैटिक एसएमएस भेजकर नंबर की पुष्टि कर लेगा और आपकी सभी डिजिटल पेमेंट सेवाएं पहले की तरह बहाल हो जाएंगी।
नया मोबाइल नंबर लेने पर क्या प्रक्रिया होगी?
यह ध्यान रखना जरूरी है कि ऊपर बताए गए नियम केवल सिम बदलने या स्वैप करने की स्थिति में लागू होते हैं। यदि आपने बिल्कुल नया मोबाइल नंबर खरीदा है और उसे अपने बैंक खाते से जोड़ना चाहते हैं, तो प्रक्रिया थोड़ी अलग होगी:
- सबसे पहले आपको अपने बैंक की शाखा में जाकर केवाईसी फॉर्म के माध्यम से अपना नया मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड या अपडेट करवाना होगा।
- बैंक में नंबर अपडेट हो जाने के बाद, आपको अपने नए नंबर से यूपीआई आईडी को दोबारा रजिस्टर करना होगा।
- जैसे ही नया नंबर एक्टिवेट होगा, आपका पुराना यूपीआई आईडी पुराने नंबर के साथ स्थायी रूप से काम करना बंद कर देगा।