शेरवानी खरीदने से पहले ध्यान रखें ये ज़रूरी बातें

शादी का दिन हर दूल्हे के लिए सबसे खास होता है। आज के समय में दूल्हे भी अपने लुक को लेकर उतने ही सजग रहते हैं जितनी दुल्हनें। ऐसे में शेरवानी का चुनाव बेहद सोच-समझकर करना जरूरी हो जाता है। एक छोटी सी गलती आपके पूरे लुक को बेजान बना सकती है और आप अपनी ही बारात में अजीब नजर आ सकते हैं। इसलिए शेरवानी खरीदते समय कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए।

फिटिंग पर दें सबसे ज्यादा ध्यान

शेरवानी की फिटिंग आपके पूरे लुक का आधार होती है। बहुत ढीली या बहुत टाइट शेरवानी दोनों ही आपको बेढंगा दिखा सकती हैं। सही फिटिंग वाली शेरवानी ही आपको स्टाइलिश और आरामदायक दोनों महसूस कराएगी। ध्यान रखें कि टाइट शेरवानी पहनने पर आपको लंबे समय तक बैठने या चलने-फिरने में दिक्कत हो सकती है। शादी के दिन आपको कई रस्मों में शामिल होना होता है, इसलिए फिटिंग ऐसी होनी चाहिए जिसमें आप सहज रहें।

रंग का चुनाव करें सोच-समझकर

शेरवानी का रंग चुनते समय सिर्फ चलन या किसी और को देखकर फैसला न लें। आपकी स्किन टोन और शादी की थीम के अनुसार ही रंग का चयन करना चाहिए। गोल्डन, क्रीम और सफेद जैसे रंग शेरवानी में हमेशा क्लासिक माने जाते हैं। वहीं, आजकल पेस्टल शेड्स भी दूल्हों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। हल्का गुलाबी, पुदीना हरा या लैवेंडर जैसे रंग आपको यूनिक और आकर्षक लुक दे सकते हैं। हालांकि, रंग चुनते समय यह भी ध्यान रखें कि वह आपके व्यक्तित्व के अनुरूप हो।

कपड़े की गुणवत्ता को न करें नजरअंदाज

शेरवानी सिर्फ एक कपड़ा नहीं, बल्कि आपकी शादी की यादों का हिस्सा होती है। कई लोग इसे जीवनभर संभालकर रखते हैं। इसलिए कभी भी सस्ते या घटिया क्वालिटी के कपड़े से बनी शेरवानी न खरीदें। अच्छे मटेरियल से बनी शेरवानी न सिर्फ लंबे समय तक टिकती है, बल्कि पहनने पर भी बेहतर लगती है। रेशम, ब्रोकेड या शिफॉन जैसे कपड़े शेरवानी के लिए बेहतरीन विकल्प माने जाते हैं। कपड़ा खरीदते समय उसकी बुनाई और फिनिशिंग पर भी गौर करें।

डिजाइन और कढ़ाई की बारीकी देखें

शेरवानी पर कढ़ाई और वर्क का चुनाव शादी के मौके के अनुसार ही करना चाहिए। अगर आपको भारी कढ़ाई पसंद नहीं, तो हल्के वर्क वाली शेरवानी चुन सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि कढ़ाई इतनी हल्की भी न हो कि आप बाकी लोगों के बीच फीके पड़ जाएं। जरदोजी, मोती का काम या थ्रेड एम्ब्रॉयडरी जैसे विकल्पों में से अपने बजट और पसंद के अनुसार चुनाव करें। संतुलित वर्क वाली शेरवानी आपको शाही लुक देगी और साथ ही आपको भारीपन का अहसास भी नहीं होगा।

शेरवानी के साथ एक्सेसरीज का मेल

शेरवानी के साथ सही एक्सेसरीज का चुनाव भी उतना ही जरूरी है। मोजड़ी, साफा या पगड़ी, और गले में हार या माला का चयन शेरवानी के डिजाइन और रंग से मेल खाता होना चाहिए। बहुत ज्यादा एक्सेसरीज पहनने से बचें, क्योंकि इससे आपका लुक ओवरलोडेड लग सकता है। सादगी और संतुलन ही आपको सबसे अलग और खास दिखाएगा।

समय पर खरीदारी करें

शादी से ठीक पहले शेरवानी खरीदने की जल्दबाजी न करें। कम से कम एक महीना पहले शेरवानी का चुनाव और फिटिंग करा लें। इससे आपको किसी भी तरह के बदलाव या अल्टरेशन के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा। जल्दबाजी में लिया गया फैसला अक्सर गलत साबित होता है और आपको पछताना पड़ सकता है।