स्वयं ऑनलाइन कोर्स की गुणवत्ता में सुधार के लिए बड़ा कदम, विश्वविद्यालयों से मांगी गई जानकारी

देशभर के छात्रों और पेशेवरों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। सरकार द्वारा संचालित स्वयं (SWAYAM) प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध 18 हजार से अधिक मुफ्त ऑनलाइन पाठ्यक्रमों की व्यापक समीक्षा की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य पाठ्यक्रमों की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और उन्हें विद्यार्थियों की वर्तमान जरूरतों के अनुरूप ढालना है।

शिक्षा मंत्रालय ने इस समीक्षा प्रक्रिया के लिए सभी राज्यों और विश्वविद्यालयों को 10 मार्च 2026 तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सचिव प्रो. मनीष जोशी ने इस संबंध में सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को पत्र लिखकर आवश्यक जानकारी साझा करने का अनुरोध किया है।

समीक्षा के दायरे में कौन से विषय होंगे शामिल?

इस समीक्षा में इंजीनियरिंग, मानविकी, सामाजिक विज्ञान, कृषि, प्रबंधन, कौशल विकास और बहुविषयक जैसे विभिन्न क्षेत्रों के पाठ्यक्रमों को शामिल किया जाएगा। इन पाठ्यक्रमों की वर्तमान संरचना और सामग्री का गहन विश्लेषण किया जाएगा, जिसके आधार पर पाठ्यक्रम में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।

नए कोर्स और क्रेडिट ट्रांसफर की व्यवस्था

समीक्षा के साथ-साथ छात्रों को रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से नए पाठ्यक्रम भी जोड़े जाएंगे। विश्वविद्यालयों को जनवरी 2026 सेमेस्टर के लिए अपने शैक्षणिक पाठ्यक्रमों को स्वयं के मुफ्त ऑनलाइन कोर्स से जोड़ने और क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे छात्रों को अपने नियमित पाठ्यक्रम के अलावा ऑनलाइन पढ़ाई का लाभ उठाने में मदद मिलेगी।

भाषा और पाठ्यक्रम स्तर पर विशेष ध्यान

समीक्षा के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इनमें पाठ्यक्रम के लिए उपयुक्त भाषा का चयन, पाठ्यक्रम का स्तर (स्नातक या स्नातकोत्तर), राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क (एनसीआरएफ) के साथ संरेखण और विभिन्न विषयों की सूची शामिल है। साथ ही, अगले सेमेस्टर में शामिल किए जाने वाले कोर्स और किसी विशेष संस्थान की विशिष्ट आवश्यकताओं पर भी विचार किया जाएगा।

विश्वविद्यालयों की भूमिका

सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को 10 मार्च तक अपनी रिपोर्ट में मौजूदा पाठ्यक्रमों की कमियों और सुधार के सुझाव देने होंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर ही पाठ्यक्रमों की अंतिम समीक्षा की जाएगी और आवश्यक बदलाव लागू किए जाएंगे। यह कदम स्वयं प्लेटफॉर्म को और अधिक प्रभावी और छात्रों के लिए उपयोगी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।