साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की नकली वेबसाइट बनाकर ठगी का नया तरीका
साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया तरीका खोज निकाला है। अब वे सरकारी साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल की ही नकली वेबसाइट बनाकर लोगों को शिकार बना रहे हैं। यह खतरा उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा है जो ऑनलाइन धोखाधड़ी या साइबर क्राइम की शिकायत करने के लिए इंटरनेट पर सर्च करते हैं।
कैसे काम करता है यह नया स्कैम?
हाल ही में सामने आई एक घटना में पता चला है कि साइबर अपराधी ‘नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल’ के मूल स्क्रीनशॉट और उसके जैसे दिखने वाले फर्जी पेज तैयार कर रहे हैं। जब कोई व्यक्ति ब्राउज़र पर ‘साइबर क्राइम कैसे रिपोर्ट करें’ या ‘साइबर क्राइम वेबसाइट’ जैसे कीवर्ड सर्च करता है, तो वह इन नकली प्लेटफॉर्म पर पहुंच जाता है।
साइबर सुरक्षा एजेंसी I4C ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से इस बारे में चेतावनी जारी की है। उनके द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में साफ दिखाया गया है कि कैसे जालसाज असली वेबसाइट की हूबहू नकल करके लोगों को धोखा दे रहे हैं।
नकली पोर्टल पर पहुंचने के बाद क्या होता है?
जैसे ही आप इस फर्जी वेबसाइट पर क्लिक करते हैं, आपकी स्क्रीन पर एक चेतावनी संदेश दिखाई देता है। यह संदेश कुछ इस तरह का होता है: ‘आपका डिवाइस/कंप्यूटर ब्लॉक कर दिया गया है’। इसके बाद डिवाइस को अनब्लॉक करने के लिए स्कैमर्स आपसे पैसे मांगते हैं।
डर और घबराहट में कई लोग इस झांसे में आ जाते हैं और स्कैमर्स की मांगी गई रकम का भुगतान कर देते हैं। हालांकि, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह से एक फर्जी चेतावनी है। किसी भी सरकारी पोर्टल पर इस तरह का कोई पॉप-अप नहीं आता है।
अपनी सुरक्षा कैसे करें?
इस प्रकार की ठगी से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है। नीचे दिए गए उपायों को अपनाकर आप सुरक्षित रह सकते हैं:
- सीधे वेबसाइट टाइप करें: कभी भी ब्राउज़र पर ‘साइबर क्राइम वेबसाइट’ या ‘रिपोर्ट साइबर क्राइम’ जैसे शब्द सर्च न करें। इसके बजाय, सीधे एड्रेस बार में सरकारी पोर्टल का सही पता टाइप करें।
- किसी को पैसे न दें: यदि कोई वेबसाइट आपसे डिवाइस अनब्लॉक करने के लिए पैसे मांगती है, तो समझ जाएं कि यह एक स्कैम है। किसी भी स्थिति में भुगतान न करें।
- सतर्क रहें: कोई भी लिंक खोलने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। आधिकारिक पोर्टल का नाम और डोमेन हमेशा याद रखें।
- अनजान पॉप-अप से बचें: यदि कोई अप्रत्याशित पॉप-अप चेतावनी आती है, तो उस पर क्लिक न करें। ब्राउज़र को बंद कर दें और अपने डिवाइस को एंटीवायरस से स्कैन करें।
आधिकारिक पोर्टल की पहचान कैसे करें?
सरकार द्वारा संचालित साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल का एक निश्चित डोमेन होता है। यह पोर्टल पूरी तरह से मुफ्त है और यहां किसी भी तरह का कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। यदि कोई वेबसाइट आपको शिकायत दर्ज कराने के लिए पैसे मांगती है, तो वह निश्चित रूप से फर्जी है।
साइबर दोस्त I4C ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह के किसी भी संदिग्ध पेज पर न जाएं और न ही अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा करें। यदि आप किसी साइबर अपराध के शिकार हुए हैं, तो केवल सरकारी पोर्टल पर ही शिकायत दर्ज कराएं।
यह जरूरी है कि साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए और हर संभव कदम उठाकर खुद को इन नए-नए स्कैम से बचाया जाए। याद रखें, सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है।