बीजिंग हाफ मैराथन: जब रोबोट ने इंसानों को पीछे छोड़ा, 50 मिनट में रचा इतिहास

बीजिंग में आयोजित ह्यूमनॉइड रोबोट हाफ मैराथन ने तकनीक की दुनिया में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। इस प्रतियोगिता में पहली बार रोबोट्स ने पेशेवर मानव धावकों को पीछे छोड़ते हुए न सिर्फ रेस जीती, बल्कि कई रिकॉर्ड भी तोड़ दिए। 21.1 किलोमीटर की इस दौड़ में एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने महज 50 मिनट 26 सेकंड में दूरी पूरी कर सबको हैरान कर दिया।

‘लाइटनिंग’ रोबोट का दबदबा

इस ऐतिहासिक रेस का सबसे बड़ा आकर्षण ‘लाइटनिंग’ नाम का रोबोट रहा, जिसे चीनी टेक कंपनी ऑनर (Honor) ने विकसित किया है। इस रोबोट ने 21.1 किमी की दूरी 50 मिनट 26 सेकंड में पूरी कर मानव विश्व रिकॉर्ड को लगभग 7 मिनट पीछे छोड़ दिया। बता दें कि मानव विश्व रिकॉर्ड जैकब किपलीमो के नाम है, जिन्होंने 57 मिनट 20 सेकंड में यह दूरी तय की थी। पिछले साल यानी 2025 में सबसे तेज रोबोट को यही दूरी तय करने में 2 घंटे 40 मिनट से अधिक का समय लगा था, जो इस साल की उपलब्धि को और भी खास बनाता है।

ऑनर का पोडियम पर कब्जा

इस प्रतियोगिता में ऑनर कंपनी ने अपनी तकनीकी श्रेष्ठता साबित कर दी। पहले तीनों स्थान इसी कंपनी के रोबोट्स ने हासिल किए। दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाले रोबोट्स ने क्रमशः लगभग 51 और 53 मिनट में रेस पूरी की। इन रोबोट्स में स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली एडवांस लिक्विड कूलिंग तकनीक का उपयोग किया गया, जिससे दौड़ के दौरान उत्पन्न होने वाली गर्मी को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सका।

AI और ऑटोनॉमस नेविगेशन में बड़ी छलांग

इस बार की रेस में तकनीक का स्तर पिछले साल के मुकाबले काफी उन्नत देखने को मिला। जहां 2025 में सभी रोबोट्स को रिमोट से कंट्रोल किया जाता था, वहीं इस बार लगभग 40% रोबोट्स ने अपने ऑनबोर्ड सेंसर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से खुद ही रास्ता तय किया। यह ऑटोनॉमस नेविगेशन में चीन की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।

रेस के दौरान कई अनोखे दृश्य भी देखने को मिले। एक रोबोट ट्रैफिक मार्शल की भूमिका में तैनात था, जो इशारों और आवाज के जरिए धावकों को दिशा दे रहा था। हालांकि, सभी रोबोट्स का प्रदर्शन परफेक्ट नहीं रहा। कुछ रोबोट स्टार्ट लाइन पर ही गिर गए, जबकि कुछ रास्ता भटक गए या बैरियर से टकरा गए।

सबसे तेज रोबोट को नहीं मिली जीत

एक दिलचस्प पहलू यह रहा कि ऑनर का ही एक अन्य रोबोट 48 मिनट 19 सेकंड के समय के साथ सबसे तेज रहा, लेकिन उसे विजेता नहीं माना गया। इसका कारण यह था कि प्रतियोगिता में ऑटोनॉमस परफॉर्मेंस को प्राथमिकता दी गई थी। यानी जो रोबोट पूरी तरह से स्वायत्त रूप से दौड़ा, उसे ही विजेता घोषित किया गया, न कि केवल सबसे तेज समय निकालने वाले को।

रोबोटिक्स में चीन का बढ़ता वर्चस्व

चीन इस उभरती हुई तकनीक में खुद को वैश्विक नेता बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार की ओर से सब्सिडी, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और अनुकूल नीतियों के जरिए इस सेक्टर को लगातार प्रोत्साहन दिया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एजीबॉट, यूनिट्री रोबोटिक्स और यूबीटेक रोबोटिक्स जैसी कंपनियां दुनिया में सबसे अधिक ह्यूमनॉइड रोबोट्स की आपूर्ति कर रही हैं।

इस तकनीकी प्रगति का उदाहरण हाल ही में आयोजित सीटीवी स्प्रिंग फेस्टिवल गाला में भी देखने को मिला, जहां कई ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने डांस और मार्शल आर्ट्स का शानदार प्रदर्शन किया। यह साफ संकेत है कि चीन न केवल रोबोटिक्स में निवेश कर रहा है, बल्कि इसे वास्तविक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सफलतापूर्वक लागू भी कर रहा है।

  • बीजिंग ई-टाउन ह्यूमनॉइड रोबोट हाफ मैराथन में 100 से अधिक रोबोट और लगभग 12,000 मानव धावकों ने भाग लिया।
  • सुरक्षा के लिए रोबोट और मानव धावकों के बीच बैरियर लगाए गए थे।
  • यह पहली बार था जब इतने बड़े पैमाने पर रोबोट्स ने इंसानों के साथ प्रतिस्पर्धा की।
  • रेस में ऑटोनॉमस परफॉर्मेंस को सबसे अधिक महत्व दिया गया।