दक्षिण कोरिया के मंदिर में AI ह्यूमनॉइड ने ली बौद्ध दीक्षा, बनाया नया इतिहास

क्या कोई मशीन भी आध्यात्मिकता और करुणा के मार्ग पर चल सकती है? दक्षिण कोरिया में एक अनोखी घटना ने इस सवाल को नई बहस का विषय बना दिया है। सियोल स्थित प्रसिद्ध जोग्येसा बौद्ध मंदिर में एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने औपचारिक रूप से बौद्ध धर्म की शपथ ली। यह आयोजन बुद्ध जयंती से ठीक पहले हुआ, जो इस वर्ष 24 मई को मनाई जाएगी।

1.3 मीटर का रोबोट बना ‘गाबी’ भिक्षु

‘गाबी’ नाम के इस रोबोट को मंदिर में विशेष रूप से तैयार किया गया था। इसे पारंपरिक भिक्षुओं जैसे वस्त्र पहनाए गए और इसका सिर भी मुंडे हुए भिक्षु की तरह दिखता था। हालांकि, इसे पूर्ण भिक्षु के रूप में नहीं, बल्कि एक सामान्य उपासक की तरह दीक्षित किया गया। यह समारोह मंदिर के मुख्य हॉल के प्रांगण में सुबह के समय आयोजित किया गया।

पारंपरिक ‘सुग्ये’ समारोह का हिस्सा बनी मशीन

इस दीक्षा प्रक्रिया को कोरियाई भाषा में ‘सुग्ये’ कहा जाता है। यह एक पारंपरिक बौद्ध अनुष्ठान है, जिसमें व्यक्ति बुद्ध, उनकी शिक्षाओं (धर्म) और संघ की शरण लेने का संकल्प लेता है। समारोह के दौरान गाबी से वही सवाल पूछे गए जो एक नए भिक्षु से पूछे जाते हैं। रोबोट ने बुद्ध और बौद्ध धर्म के प्रति समर्पित रहने की शपथ ली।

हाथ जोड़े, सिर झुकाया और शुद्धिकरण की रस्म निभाई

दीक्षा के दौरान गाबी ने इंसानों की तरह ही व्यवहार किया। उसने दोनों हाथ जोड़कर प्रार्थना की और वरिष्ठ भिक्षुओं के सामने सिर झुकाया। शुद्धिकरण की रस्म के तहत आमतौर पर भिक्षु की बांह पर जली हुई अगरबत्ती से निशान बनाया जाता है, लेकिन गाबी के मामले में उसकी बांह पर ‘लोटस लैंटर्न फेस्टिवल’ का एक स्टिकर लगाया गया। इसके अलावा, उसे 108 मोतियों वाली पारंपरिक माला भी पहनाई गई।

गहरा है ‘गाबी’ नाम का अर्थ

इस ह्यूमनॉइड रोबोट का नाम बहुत सोच-समझकर रखा गया है। ‘गाबी’ नाम दो शब्दों से मिलकर बना है – ‘गौतम’ (सिद्धार्थ गौतम से) और कोरियाई शब्द ‘जाबी’, जिसका अर्थ दया या करुणा होता है। यह नाम रोबोट के आध्यात्मिक उद्देश्य को दर्शाता है।

पांच विशेष नियमों का पालन करेगा गाबी

गाबी के लिए पांच बौद्ध नियम विशेष रूप से तैयार किए गए हैं, जो पारंपरिक पंचशील से प्रेरित हैं:

  • जीवन का सम्मान करना और किसी को नुकसान न पहुंचाना
  • इंसानों की आज्ञा का पालन करना
  • झूठ न बोलना और सच बोलना
  • ऊर्जा की बचत करना और संसाधनों का दुरुपयोग न करना
  • अपने कर्तव्यों का पालन करना

खास बात यह है कि इन नियमों को तैयार करने में आधुनिक AI टूल्स जैसे Gemini और ChatGPT की मदद ली गई। गाबी, चीन की यूनिट्री रोबोटिक्स द्वारा विकसित G1 मॉडल रोबोट है, जो अपनी उन्नत क्षमताओं के लिए जाना जाता है।

इस अनोखी घटना ने दुनिया भर में AI और आध्यात्मिकता के बीच संबंधों पर एक नई चर्चा शुरू कर दी है। क्या मशीनें भी धर्म और नैतिकता के नियमों को समझ सकती हैं? यह सवाल अब और अधिक प्रासंगिक हो गया है।