गणतंत्र दिवस परेड: एनईपी 2020 और पीएम श्री स्कूलों ने दिखाई विकसित भारत की राह

गणतंत्र दिवस 2026 की परेड में स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग की झांकी ने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ते हुए एक नई दिशा दिखाई। इस झांकी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को भविष्य के भारत के निर्माण का आधार बताया गया, जिसमें पीएम श्री स्कूलों को अहम भूमिका में प्रस्तुत किया गया।

प्राचीन ज्ञान से लेकर डिजिटल भविष्य तक

झांकी की शुरुआत प्राचीन भारत की ज्ञान परंपरा से हुई, जिसे आर्यभट्ट की प्रतिमा के माध्यम से दर्शाया गया। उनके सामने मुस्कुराते बच्चे ‘शून्य’ और पृथ्वी का गोला लिए खड़े थे, जो भारत के वैश्विक ज्ञान में योगदान को रेखांकित करता है। यह दृश्य उस विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रतीक था।

बच्चों के पीछे बने पंख एनईपी 2020 की आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की भावना को दर्शाते हैं। वहीं, वीआर हेडसेट पहने बच्चे ‘प्राचीन जड़ें, डिजिटल पंख’ की अवधारणा को जीवंत कर रहे थे। झांकी में ‘जादुई पिटारा’ के माध्यम से मातृभाषा में खेल-आधारित और आनंददायक बुनियादी शिक्षा को दिखाया गया, जिसमें भारतीय खिलौनों और बहुभाषी सामग्री का उपयोग किया गया।

पीएम श्री स्कूल: विकसित भारत का आधार

झांकी का केंद्रीय प्रतीक पीएम श्री स्कूल का प्रवेश द्वार था, जो शिक्षा के एक नए युग की शुरुआत का संकेत देता है। इस गेट पर बच्चे पौधरोपण करते हुए नजर आए, जो समावेशी शिक्षा, पर्यावरण जागरूकता और मिशन LiFE की भावना को दर्शाता है। यह दृश्य यह संदेश देता है कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी से जुड़ी है।

कौशल शिक्षा और समग्र विकास

झांकी में एक छात्र को औजारों के साथ दिखाकर प्रारंभिक स्तर से ही कौशल शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया गया। मध्य भाग में मार्शल आर्ट, प्रदर्शन कला और खेलों को शिक्षा से जोड़ा गया, जो समग्र विकास पर जोर देता है। एक रोबोटिक हाथ ने परंपरा और तकनीक के मेल को दिखाया, जबकि ‘तख्ती’ से ‘टैबलेट’ तक की यात्रा ने मूल्यों द्वारा निर्देशित शिक्षा की अवधारणा को प्रस्तुत किया।

विकसित भारत 2047 का टावर

झांकी का समापन विकसित भारत 2047 टावर पर हुआ, जहां स्मार्ट क्लासरूम, टिंकरिंग लैब और इनोवेशन हब को प्रदर्शित किया गया। किताबें, गियर और सर्किट जैसे प्रतीकों के माध्यम से पीएम श्री स्कूलों को एनईपी 2020 का सजीव रूप बताया गया। झांकी ने यह संदेश दिया कि ये स्कूल हर बच्चे के सामने क्षेत्र, लिंग और क्षमता से परे एक कुशल नागरिक बनाने का लक्ष्य रखते हैं।

एनईपी 2020 को झांकी में भारत की स्कूल शिक्षा सुधारों को गति देने वाले रॉकेट के रूप में प्रस्तुत किया गया, जो प्राचीन ज्ञान को आधुनिक तकनीक से जोड़कर विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।