गणतंत्र दिवस 2026: एआई स्मार्ट ग्लासेस से लैस होगी दिल्ली पुलिस, अपराधियों की पहचान होगी आसान

देश की राजधानी में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ा तकनीकी बदलाव देखने को मिलेगा। इस बार दिल्ली पुलिस के जवान साधारण चश्मों की जगह एआई-पावर्ड स्मार्ट ग्लासेस पहनकर सड़कों पर गश्त करते नजर आएंगे। ये हाई-टेक चश्मे फेशियल रिकॉग्निशन और थर्मल इमेजिंग तकनीक से लैस होंगे, जो भीड़ में छिपे संदिग्धों की तुरंत पहचान करने में सक्षम हैं। यह कदम राजधानी की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

कैसे काम करते हैं ये एआई सक्षम स्मार्ट ग्लासेस?

इन चश्मों की कार्यप्रणाली काफी रोचक और प्रभावी है। जैसे ही कोई पुलिसकर्मी भीड़ की ओर देखता है, चश्मे की स्क्रीन पर चेहरों के चारों ओर एक बॉक्स दिखाई देने लगता है। यह डिवाइस पुलिसकर्मी के मोबाइल फोन से कनेक्ट रहता है और रीयल-टाइम में डेटाबेस से मिलान करता है। पुलिस के अनुसार, अगर किसी चेहरे पर हरा बॉक्स दिखाई देता है, तो इसका मतलब है कि उस व्यक्ति का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। वहीं, लाल बॉक्स दिखने पर यह संकेत होता है कि व्यक्ति का अपराधिक रिकॉर्ड मौजूद है या वह वांछित अपराधियों की सूची में शामिल है। यह तकनीक पुलिस को त्वरित कार्रवाई करने में मदद करेगी।

खासियतें जो बनाती हैं इसे अलग

इन स्मार्ट ग्लासेस में कई ऐसी विशेषताएं हैं जो इसे पारंपरिक सुरक्षा उपायों से कहीं अधिक प्रभावी बनाती हैं।

  • उन्नत एल्गोरिदम: इस तकनीक में एक शक्तिशाली एल्गोरिदम का उपयोग किया गया है, जो मास्क पहनने, दाढ़ी बढ़ाने या मेकअप करने के बावजूद अपराधियों की पहचान कर सकता है। यहां तक कि अगर कोई अपराधी 20 साल बाद भी सामने आता है, तो यह चश्मा उसे पहचान लेगा।
  • थर्मल इमेजिंग: ये चश्मे थर्मल विजन तकनीक से लैस हैं, जिससे कपड़ों के नीचे छिपे हथियारों या अन्य संदिग्ध वस्तुओं का तुरंत पता लगाया जा सकेगा।
  • बिना इंटरनेट के काम: सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, ये ग्लासेस इंटरनेट से कनेक्ट नहीं होते। ये मोबाइल फोन में स्टोर एन्क्रिप्टेड डेटाबेस पर काम करते हैं, जिससे डेटा हैक होने का खतरा कम हो जाता है।

सुरक्षा के अन्य कड़े इंतजाम

इस बार गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा के लिए कई अन्य पुख्ता इंतजाम भी किए गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से छह स्तरीय बैरिकेडिंग की गई है। लगभग दस हजार जवानों और हजारों सीसीटीवी कैमरों के साथ ये एआई चश्मे हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखेंगे। इस तकनीकी पहल से राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने का प्रयास किया गया है।