गूगल और एयरटेल की साझेदारी: आरसीएस स्पैम पर लगाम लगाने की नई पहल

भारत में रिच कम्युनिकेशन सर्विसेज (RCS) के जरिए होने वाली स्पैम और धोखाधड़ी की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। इस समस्या से निपटने के लिए गूगल ने एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने भारती एयरटेल के साथ साझेदारी कर नेटवर्क स्तर पर स्पैम फिल्टरिंग लागू करने की योजना बनाई है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य फर्जी संदेशों और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।

नेटवर्क स्तर पर होगी रियल-टाइम जांच

इस समझौते के तहत, एयरटेल की नेटवर्क इंटेलिजेंस को गूगल के आरसीएस प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत किया जाएगा। इस एकीकरण से बिजनेस मैसेजिंग की रियल-टाइम जांच संभव हो सकेगी। यह पहली बार है जब किसी दूरसंचार ऑपरेटर की स्पैम फिल्टरिंग प्रणाली को सीधे किसी ओवर-द-टॉप (OTT) मैसेजिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है। नई प्रणाली में मैसेज भेजने वाले की पहचान सत्यापित की जाएगी और संदिग्ध या स्पैम संदेशों को तुरंत चिह्नित किया जाएगा। इसके अलावा, उपयोगकर्ताओं की “डू नॉट डिस्टर्ब” (DND) प्राथमिकताओं को भी सख्ती से लागू किया जाएगा।

क्या है रिच कम्युनिकेशन सर्विस (RCS)?

रिच कम्युनिकेशन सर्विसेज (RCS) पारंपरिक एसएमएस का एक उन्नत और आधुनिक विकल्प है। यह एंड्रॉइड और iOS 18 या उसके बाद के वर्जन वाले आईफोन में डिफॉल्ट मैसेजिंग ऐप के रूप में काम करता है। RCS वाई-फाई या मोबाइल डेटा का उपयोग करके हाई-क्वालिटी फोटो, वीडियो, ग्रुप चैट, रीड रिसीप्ट्स और टाइपिंग इंडिकेटर जैसी सुविधाएं प्रदान करता है। यह व्हाट्सएप जैसे ऐप्स की तरह काम करता है, लेकिन इसके लिए किसी अलग एप्लिकेशन को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होती। यह एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन प्रदान करता है, जिससे बातचीत सुरक्षित रहती है। अधिकांश आधुनिक एंड्रॉइड फोन में यह गूगल मैसेज ऐप के माध्यम से उपलब्ध है।

आरसीएस स्पैम क्या है और यह कैसे काम करता है?

आरसीएस स्पैम मुख्य रूप से एंड्रॉइड के ‘गूगल मैसेज’ ऐप के जरिए आता है। इसमें स्कैमर्स वेरिफाइड बिजनेस प्रोफाइल या फर्जी अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं। ये धोखेबाज नकली इनाम, नौकरी या लॉटरी के लालच देकर वीडियो और GIF भेजते हैं। ये संदेश आमतौर पर व्हाट्सएप जैसे ऐप्स की तुलना में अधिक भरोसेमंद लगते हैं, जिससे लोग आसानी से इनके झांसे में आ जाते हैं। कई उपयोगकर्ता इन फर्जी ऑफरों के चक्कर में फंसकर अपने पैसे गंवा रहे हैं।

स्पैम की बढ़ती शिकायतों का समाधान

भारत में आरसीएस मैसेजिंग पर स्पैम की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। उपयोगकर्ताओं को अवांछित विज्ञापन और संदिग्ध संदेश मिलने से इस प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। इस चुनौती से निपटने के लिए गूगल ने टेलीकॉम कंपनियों के साथ बेहतर समन्वय बनाने की दिशा में यह कदम उठाया है। एयरटेल के साथ यह साझेदारी न केवल स्पैम को रोकने में मदद करेगी, बल्कि उपयोगकर्ताओं के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद मैसेजिंग अनुभव सुनिश्चित करेगी।