RBSE के नए नियम: सत्र 2026-27 से 10वीं की पूरक परीक्षा खत्म, जानें छात्रों के लिए नई व्यवस्था
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने कक्षा 10वीं के परिणाम घोषित करते हुए शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। इस वर्ष कुल 94.23 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। वहीं, प्रवेशिका परीक्षा में 87.11 प्रतिशत छात्र सफल रहे। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने स्पष्ट किया कि सत्र 2026-27 से 10वीं कक्षा के लिए अलग से कोई पूरक या सप्लीमेंट्री परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। यह फैसला छात्रों के मूल्यांकन प्रणाली को अधिक लचीला और प्रभावी बनाने के लिए लिया गया है।
पूरक परीक्षा की जगह क्या होगा?
शिक्षा मंत्री ने बताया कि जिन छात्रों की प्रथम बोर्ड परीक्षा में एक या दो विषयों में कमी रह जाती है, उन्हें अब सप्लीमेंट्री परीक्षा के बजाय दूसरी बोर्ड परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा। यह व्यवस्था उन छात्रों के लिए राहत लेकर आई है जो किसी कारणवश पहली परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते।
2027 से साल में दो बार होंगी 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं
राजस्थान बोर्ड ने साल 2027 से 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं को दो चरणों में आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस नई प्रणाली के तहत:
- सभी छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य होगा।
- दूसरी बोर्ड परीक्षा में केवल वही छात्र भाग ले सकेंगे जिन्होंने पहली परीक्षा दी हो।
- पहली परीक्षा फरवरी-मार्च में आयोजित की जाएगी, जबकि दूसरी सुधारात्मक परीक्षा मई महीने में होगी।
कितने विषयों में सुधार कर सकेंगे छात्र?
नए नियमों के अनुसार, छात्रों को अपने प्रदर्शन को सुधारने के लिए अधिकतम तीन विषयों में दूसरी बोर्ड परीक्षा देने की अनुमति होगी। यदि कोई छात्र पहली बोर्ड परीक्षा में तीन या उससे अधिक विषयों की परीक्षा में शामिल नहीं हुआ है, तो वह दूसरी परीक्षा में भाग नहीं ले सकेगा। ऐसे छात्रों को अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया जाएगा और उन्हें अगले सत्र में ही परीक्षा देने का मौका मिलेगा।
खिलाड़ी छात्रों के लिए विशेष प्रावधान
खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्रों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। यदि किसी खिलाड़ी छात्र की परीक्षा तिथि उसके खेल आयोजन से टकराती है, तो वह दूसरी बोर्ड परीक्षा में उन विषयों की परीक्षा दे सकेगा जिन्हें वह पहली बार में नहीं दे पाया। यह कदम खेल और शिक्षा के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
नई प्रणाली के लाभ
- छात्रों को अपने अंक सुधारने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा।
- पूरक परीक्षा के लिए अलग से तैयारी का दबाव कम होगा।
- दो बार परीक्षा होने से छात्रों का मूल्यांकन अधिक व्यापक और निष्पक्ष होगा।
- खिलाड़ी छात्रों को खेल और पढ़ाई दोनों में बेहतर प्रदर्शन का मौका मिलेगा।
राजस्थान बोर्ड का यह कदम शिक्षा प्रणाली को अधिक लचीला और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। नई व्यवस्था से छात्रों को अपनी गलतियों को सुधारने और बेहतर परिणाम प्राप्त करने का एक और अवसर मिलेगा, जिससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।