PRCD एडॉप्टर: गर्मियों में AC से होने वाले ब्लास्ट और आग के खतरों से बचने का सस्ता उपाय
गर्मी का मौसम अपने चरम पर है और ऐसे में एयर कंडीशनर (AC) ही एकमात्र सहारा बनता है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, घरों में AC का उपयोग भी बढ़ जाता है। लेकिन इस बढ़ते उपयोग के साथ ही आग लगने और ब्लास्ट जैसी दुखद घटनाओं की खबरें भी सामने आने लगती हैं। हाल ही में दिल्ली के हौज खास इलाके में एक ऐसी ही घटना घटी, जहां AC की इनडोर यूनिट में ब्लास्ट होने से एक IAS अधिकारी की जान चली गई। ऐसे हादसों का मुख्य कारण अक्सर बिजली के वोल्टेज में अचानक होने वाला उतार-चढ़ाव होता है।
हालांकि बिजली के इस उतार-चढ़ाव को रोकना आपके हाथ में नहीं है, लेकिन इससे होने वाले खतरों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके लिए एक छोटा सा लेकिन बेहद कारगर उपाय है – PRCD (पोर्टेबल RCD) एडॉप्टर। महज 700 से 800 रुपये में उपलब्ध यह डिवाइस आपकी जान और आपके महंगे उपकरणों दोनों की सुरक्षा कर सकता है।
AC में आग लगने के कारण
AC में आग लगने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें तकनीकी खामी, गैस रिसाव, पुरानी या खराब वायरिंग और AC यूनिट का बहुत पुराना हो जाना शामिल है। कोई भी निर्माता यह 100 प्रतिशत गारंटी नहीं दे सकता कि किसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में कभी खराबी नहीं आएगी। लेकिन करंट को ओवरफ्लो होने से रोककर ऐसी घटनाओं को टाला जा सकता है। यही काम PRCD एडॉप्टर बखूबी करता है।
PRCD एडॉप्टर क्या है?
PRCD एडॉप्टर एक छोटा लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण उपकरण है। यह आपके घर के भारी उपकरणों जैसे AC, गीजर, या फ्रिज और पावर सप्लाई के बीच एक सुरक्षा कवच का काम करता है। इसे इस्तेमाल करने का तरीका बेहद सरल है – पहले आप अपने उपकरण का प्लग इस एडॉप्टर में लगाते हैं, और फिर इस एडॉप्टर को दीवार के सॉकेट में डालते हैं। इस तरह यह आपके उपकरण और बिजली की आपूर्ति के बीच एक सुरक्षा दीवार की तरह काम करता है।
इसे आसान भाषा में समझें तो यह आपके डिवाइस के लिए एक सिक्योरिटी गार्ड की तरह है। जब तक बिजली की आपूर्ति सामान्य रहती है, यह चुपचाप अपना काम करता है। लेकिन जैसे ही करंट में 30 मिली एम्पियर (30mA) से अधिक का उतार-चढ़ाव होता है, यह तुरंत सक्रिय हो जाता है।
PRCD एडॉप्टर कैसे काम करता है?
- पावर सप्लाई कट: जैसे ही करंट में अचानक वृद्धि या कमी होती है, यह डिवाइस कुछ ही मिलीसेकंड में बिजली की आपूर्ति को पूरी तरह से काट देता है।
- झटके से बचाव: सप्लाई तुरंत बंद होने से न केवल आपका महंगा AC या फ्रिज जलने से बच जाता है, बल्कि किसी व्यक्ति को बिजली का तेज झटका लगने का खतरा भी कम हो जाता है।
- आसान रीसेट: जब वोल्टेज सामान्य हो जाता है, तो आप इसमें दिए गए रीसेट बटन को दबाकर आसानी से पावर सप्लाई वापस चालू कर सकते हैं।
PRCD एडॉप्टर और घर की MCB में अंतर
आपको लग सकता है कि यह तो घर में लगी MCB (मिनिएचर सर्किट ब्रेकर) की तरह ही काम करता है, तो फिर इसकी अलग से क्या जरूरत है? यह सच है कि MCB भी सुरक्षा के लिए ही होती है, लेकिन इसमें कुछ अंतर हैं।
घर की MCB पूरे घर के करंट को नियंत्रित करती है और इसका प्रतिक्रिया समय अपेक्षाकृत धीमा होता है। खासकर गर्मियों में जब वोल्टेज बहुत तेजी से और अत्यधिक मात्रा में उतार-चढ़ाव करता है, तो कई बार MCB समय पर ट्रिप नहीं कर पाती और इसके परिणामस्वरूप डिवाइस में ब्लास्ट हो सकता है। वहीं, PRCD एडॉप्टर सिर्फ एक विशेष डिवाइस के लिए लगाया जाता है और पलक झपकते ही करंट को रोकने में सक्षम होता है। यह अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करता है जहां MCB कम पड़ सकती है।
कीमत और सुझाव
अगर आपके इलाके में बिजली के वोल्टेज में बार-बार उतार-चढ़ाव होता है, तो आपको अपने सभी भारी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे AC, फ्रिज और गीजर के साथ PRCD एडॉप्टर का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। यह कोई महंगा सामान नहीं है।
यह डिवाइस किसी भी स्थानीय इलेक्ट्रिकल दुकान या ऑनलाइन स्टोर पर 700 से 800 रुपये के बीच आसानी से उपलब्ध है। कुछ सौ रुपये का यह छोटा सा निवेश आपके लाखों रुपये के घर, महंगे उपकरणों और सबसे महत्वपूर्ण, आपके परिवार की जान-माल की सुरक्षा कर सकता है। गर्मियों की तपिश में सुरक्षा का यह सस्ता और कारगर उपाय निश्चित रूप से अपनाने लायक है।