मार्च 2026 में प्रदोष व्रत: भगवान शिव के 108 नामों का जाप करें और पाएं जीवन में सुख-शांति
हर माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखने की परंपरा है। मार्च 2026 में यह महत्वपूर्ण व्रत 1 मार्च, रविवार को पड़ रहा है। चूंकि यह दिन रविवार है, इसे ‘रवि प्रदोष व्रत’ के नाम से जाना जाएगा। इस पवित्र दिन पर भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। सच्चे मन और श्रद्धा से की गई आराधना से भोलेनाथ जल्दी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के सभी कष्टों को दूर करते हैं।
इस दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और दीप-धूप करने का विधान है। साथ ही, जरूरतमंदों को सफेद वस्तुओं का दान भी पुण्यदायी माना जाता है। प्रदोष व्रत पर भगवान शिव के 108 नामों का जाप करना और भी अधिक फलदायी होता है। ऐसा माना जाता है कि इस जप से साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख व शांति का वास होता है। आइए, महादेव के इन शक्तिशाली नामों के बारे में जानते हैं।
भगवान शिव के 108 शक्तिशाली नाम
- ॐ भोलेनाथ नमः
- ॐ कैलाश पति नमः
- ॐ भूतनाथ नमः
- ॐ नंदराज नमः
- ॐ नन्दी की सवारी नमः
- ॐ ज्योतिलिंग नमः
- ॐ महाकाल नमः
- ॐ रुद्रनाथ नमः
- ॐ भीमशंकर नमः
- ॐ नटराज नमः
- ॐ प्रलेयन्कार नमः
- ॐ चंद्रमोली नमः
- ॐ डमरूधारी नमः
- ॐ चंद्रधारी नमः
- ॐ मलिकार्जुन नमः
- ॐ भीमेश्वर नमः
- ॐ विषधारी नमः
- ॐ बम भोले नमः
- ॐ ओंकार स्वामी नमः
- ॐ ओंकारेश्वर नमः
- ॐ शंकर त्रिशूलधारी नमः
- ॐ विश्वनाथ नमः
- ॐ अनादिदेव नमः
- ॐ उमापति नमः
- ॐ गोरापति नमः
- ॐ गणपिता नमः
- ॐ भोले बाबा नमः
- ॐ शिवजी नमः
- ॐ शम्भु नमः
- ॐ नीलकंठ नमः
- ॐ महाकालेश्वर नमः
- ॐ त्रिपुरारी नमः
- ॐ त्रिलोकनाथ नमः
- ॐ त्रिनेत्रधारी नमः
- ॐ बर्फानी बाबा नमः
- ॐ जगतपिता नमः
- ॐ मृत्युन्जन नमः
- ॐ नागधारी नमः
- ॐ रामेश्वर नमः
- ॐ लंकेश्वर नमः
- ॐ अमरनाथ नमः
- ॐ केदारनाथ नमः
- ॐ मंगलेश्वर नमः
- ॐ अर्धनारीश्वर नमः
- ॐ नागार्जुन नमः
- ॐ जटाधारी नमः
- ॐ नीलेश्वर नमः
- ॐ गलसर्पमाला नमः
- ॐ दीनानाथ नमः
- ॐ सोमनाथ नमः
- ॐ जोगी नमः
- ॐ भंडारी बाबा नमः
- ॐ बमलेहरी नमः
- ॐ गोरीशंकर नमः
- ॐ शिवाकांत नमः
- ॐ महेश्वराए नमः
- ॐ महेश नमः
- ॐ ओलोकानाथ नमः
- ॐ आदिनाथ नमः
- ॐ देवदेवेश्वर नमः