प्रदोष व्रत 2026: 27 या 28 मई को रखा जाएगा व्रत? जानें पूजा मुहूर्त और शिवलिंग पर चढ़ाने की शुभ सामग्री
प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का एक अत्यंत पुण्यदायी अवसर है। यह व्रत प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से शिव परिवार की पूजा और प्रदोष काल में महादेव की आराधना करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होते हैं। साथ ही, शिवलिंग पर प्रिय वस्तुएं अर्पित करने से भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इस व्रत को करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। आइए जानते हैं मई माह में प्रदोष व्रत किस दिन रखा जाएगा।
प्रदोष व्रत 2026 तिथि और मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 28 मई 2026 को सुबह 07 बजकर 56 मिनट पर होगा। वहीं, त्रयोदशी तिथि का समापन 29 मई 2026 को सुबह 09 बजकर 50 मिनट पर होगा। इस प्रकार, प्रदोष व्रत 28 मई 2026, गुरुवार के दिन रखा जाएगा। चूंकि यह व्रत गुरुवार को पड़ रहा है, इसलिए इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाएगा।
प्रदोष काल में पूजा का शुभ समय
प्रदोष व्रत के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 07 बजकर 04 मिनट से रात 09 बजकर 09 मिनट तक रहेगा। इस दौरान शिव पूजा और महादेव का रुद्राभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस समय में भगवान शिव की आराधना करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है।
शिवलिंग पर चढ़ाने की शुभ सामग्री
प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग पर कुछ विशेष चीजें अर्पित करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। यहां जानिए क्या चढ़ाना शुभ रहेगा:
- बेलपत्र: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है। सच्चे मन से बेलपत्र अर्पित करने से महादेव भक्त की सभी परेशानियां दूर करते हैं। इससे वैवाहिक जीवन से जुड़ी समस्याएं भी कम होती हैं।
- जल: शिवलिंग पर जल अर्पित करना सबसे सरल और पुण्यदायी उपाय माना जाता है। इससे भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और कलह से मुक्ति मिलती है।
- दूध और दही: ज्योतिषियों के अनुसार, शिवलिंग पर दूध और दही से अभिषेक करने से मानसिक तनाव कम होता है और घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। इससे चंद्र दोष भी शांत होता है।
- भांग: भांग भगवान शिव की प्रिय वस्तुओं में से एक मानी जाती है। प्रदोष व्रत पर भांग अर्पित करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और साधक को आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है। इसके प्रभाव से महादेव की विशेष कृपा जीवन पर बनी रहती है।
- अनाज: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिवलिंग पर अनाज चढ़ाने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है और घर में अन्न व धन की कमी नहीं रहती। इसके अलावा महादेव की विशेष कृपा भी साधक को प्राप्त होती है।
प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से सुख-समृद्धि, वैवाहिक जीवन में खुशहाली और आर्थिक उन्नति के योग बनते हैं। इसलिए इस व्रत को विधिपूर्वक करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।