पीएम-युवा 3.0 के परिणाम घोषित: 43 युवा लेखकों का चयन, मिलेगी पचास हजार की छात्रवृत्ति
शिक्षा मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी-इंडिया) ने प्रधानमंत्री युवा लेखक मार्गदर्शन योजना के तीसरे चरण के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस योजना के तहत देशभर से 30 वर्ष से कम आयु के 43 प्रतिभाशाली युवाओं को लेखक के रूप में चुना गया है। चयनित उम्मीदवारों की सूची एनबीटी-इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। इस पहल का उद्देश्य नई पीढ़ी के रचनाकारों को प्रोत्साहित करना, उन्हें लेखन का प्रशिक्षण देना और उनकी पुस्तकों के प्रकाशन में सहायता करना है।
देशभर से 43 युवा लेखक चयनित
पीएम-युवा योजना के तीसरे चरण में देश के कोने-कोने से युवा लेखकों ने भाग लिया। इस बार कुल 43 लेखकों का चयन किया गया है, जिनमें 19 महिलाएं और 24 पुरुष शामिल हैं। चयन प्रक्रिया में 22 भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में प्रस्तुत पुस्तक प्रस्तावों को आधार बनाया गया। चयनित लेखक हिंदी, तमिल, तेलुगु, मराठी, बांग्ला, उर्दू, संस्कृत और अन्य भाषाओं में अपनी रचनात्मकता को दर्शाएंगे। यह विविधता भारतीय साहित्य की समृद्ध परंपरा को दर्शाती है।
पचास हजार रुपये प्रति माह छात्रवृत्ति
चयनित युवा लेखकों को एक अनूठा अवसर प्रदान किया जाएगा। उनके पुस्तक प्रस्तावों को देश के जाने-माने विद्वानों और साहित्यकारों के मार्गदर्शन में पुस्तक का रूप दिया जाएगा। यह मार्गदर्शन छह महीने तक चलेगा, जिसके दौरान लेखकों को लेखन तकनीक, शोध और संपादन का विशेष प्रशिक्षण भी मिलेगा। इस अवधि में प्रत्येक चयनित लेखक को 50,000 रुपये प्रति माह की छात्रवृत्ति दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, जब उनकी पुस्तक प्रकाशित होगी, तो उन्हें आजीवन 10 प्रतिशत रॉयल्टी भी प्राप्त होगी।
राष्ट्रीय शिविर और पुस्तक प्रकाशन की तैयारी
पीएम-युवा तृतीय चरण के तहत चयनित लेखकों के लिए जनवरी 2026 में एक राष्ट्रीय शिविर आयोजित किया जाएगा। यह शिविर नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले के दौरान 10 से 18 जनवरी तक आयोजित होगा। इस शिविर में लेखकों को एक-दूसरे से सीखने और विचारों के आदान-प्रदान का मौका मिलेगा। योजना के तहत तैयार की गई पुस्तकों का पहला खंड अगले वर्ष प्रकाशित किया जाएगा। इसका उद्देश्य भारत में युवा लेखकों की एक नई पीढ़ी तैयार करना और भारतीय साहित्य को देश और विदेश में एक मजबूत पहचान दिलाना है।
- योजना का संचालन शिक्षा मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा किया जाता है।
- चयनित लेखकों को लेखन, शोध और संपादन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- पुस्तक प्रकाशन के बाद लेखकों को आजीवन रॉयल्टी का लाभ मिलेगा।
- यह योजना भारतीय भाषाओं में साहित्य सृजन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।