परीक्षा पे चर्चा 2026 का दूसरा सत्र: पीएम मोदी ने छात्रों को दिए जीवन के अनमोल मंत्र

परीक्षा पे चर्चा 2026 के दूसरे सत्र का आयोजन 9 फरवरी 2026 को सुबह दस बजे किया गया। इस वार्षिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित किया। इस बार के सत्र का मुख्य संदेश यह रहा कि सीखना कोई एक दिन का काम नहीं, बल्कि जीवनभर चलने वाली यात्रा है। पीएम मोदी ने छात्रों को परीक्षा के तनाव से दूर रहने और ज्ञान को एक सतत प्रक्रिया के रूप में अपनाने की सलाह दी।

अनुशासन और प्रेरणा का महत्व

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में अनुशासन को जीवन की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि प्रेरणा तब तक बेकार है जब तक उसमें अनुशासन का साथ न हो। अनुशासन प्रेरणा को सही दिशा देता है और उसे सफलता में बदलता है। उन्होंने समझाया कि अगर अनुशासन न हो तो कितनी भी प्रेरणा क्यों न हो, वह अंततः बोझ और निराशा का कारण बन सकती है।

देशभर के छात्रों से सीधा संवाद

इस सत्र की शुरुआत तमिलनाडु के छात्रों से हुई, जिसके बाद प्रधानमंत्री ने रायपुर, गुजरात और गुवाहाटी के छात्रों से भी बातचीत की। इस दौरान छात्रों ने अपने मन की बात साझा की और पीएम मोदी ने उनके सवालों के जवाब बड़ी सादगी से दिए। यह संवाद छात्रों को यह एहसास दिलाने में सफल रहा कि उनकी समस्याओं को समझा जा रहा है और उनके सवालों को गंभीरता से सुना जा रहा है।

अच्छी नींद और स्वस्थ जीवनशैली पर जोर

परीक्षा के तनाव को कम करने के लिए पीएम मोदी ने छात्रों को अच्छी नींद और हंसने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अच्छी नींद दिमाग को तरोताजा रखती है और नए विचारों को जन्म देती है। जब दिमाग ताजा होता है तो पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ती है और चीजें आसानी से समझ में आती हैं। उन्होंने छात्रों को यह भी बताया कि हंसने से तनाव कम होता है और मानसिक संतुलन बना रहता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से डरने की जरूरत नहीं

एक छात्र ने जब एआई के बढ़ते उपयोग से होने वाले डर के बारे में पूछा, तो पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी तकनीक से डरना नहीं चाहिए। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि एआई को अपना मालिक न बनने दें, बल्कि उसे अपने कामों में मूल्य जोड़ने का एक साधन मात्र बनाए रखें। उन्होंने कहा कि आज कई बच्चे मोबाइल के गुलाम बन गए हैं, जो सही नहीं है। हमें तकनीक का उपयोग करना चाहिए, न कि उसके द्वारा संचालित होना चाहिए।

परीक्षा में रिवीजन का सही तरीका

रिवीजन से जुड़े एक सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि परीक्षा से कम से कम एक सप्ताह पहले नियमित रूप से दोहराने की आदत डालनी चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए समझाया कि जिस तरह एक खिलाड़ी लगातार अभ्यास से अपने खेल में सुधार लाता है, उसी तरह पढ़ाई में भी निरंतर अभ्यास जरूरी है। एक दिलचस्प सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि अगर कोई विषय कमजोर लगता है तो उसे किसी दोस्त को पढ़ाने की कोशिश करें। दूसरों को पढ़ाने से आपकी समझ गहरी होती है और अवधारणाएं लंबे समय तक याद रहती हैं।

भारत घूमने की प्रेरणा

छत्तीसगढ़ के एक छात्र ने देश में घूमने की बेहतर जगहों के बारे में पूछा। इस पर पीएम मोदी ने सबसे पहले अपने आसपास के क्षेत्रों को जानने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अपने जिले और आसपास के पर्यटन स्थलों की सूची बनाएं और धीरे-धीरे उन्हें देखें। यात्रा के दौरान स्थानीय संस्कृति, खानपान और जीवनशैली से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। उन्होंने भारत की विविधता की सराहना करते हुए कहा कि देश में देखने और सीखने के लिए इतना कुछ है कि एक पूरी जिंदगी भी कम पड़ सकती है।

कार्यक्रम का उद्देश्य और बढ़ती लोकप्रियता

परीक्षा पे चर्चा भारत के सबसे बड़े शिक्षा संबंधी कार्यक्रमों में से एक बन चुका है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के परीक्षा के तनाव को कम करना और उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाना है। यह कोई प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि एक खुला मंच है जहां सीखने, दबाव और मानसिक संतुलन जैसे विषयों पर खुलकर बातचीत की जा सकती है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को उनकी प्रतिभा और कौशल का सार्थक उपयोग करने के लिए प्रेरित करना है।

रिकॉर्ड तोड़ पंजीकरण

इस वर्ष परीक्षा पे चर्चा में छात्रों का उत्साह देखने लायक रहा। अब तक 4.5 करोड़ से अधिक छात्रों ने इसमें भाग लेने के लिए पंजीकरण कराया है, जो पिछले साल बने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से भी अधिक है। आंकड़ों के अनुसार, 4.19 करोड़ से अधिक छात्र, लगभग 24.84 लाख शिक्षक और करीब 6.15 लाख अभिभावक इस पहल से जुड़ चुके हैं। इतनी बड़ी संख्या में भागीदारी यह दर्शाती है कि परीक्षा के दबाव को कम करने में यह कार्यक्रम कितना प्रभावी और लोकप्रिय साबित हो रहा है।

छात्रों के लिए एक प्रेरणादायक मंच

दूसरे सत्र ने एक बार फिर साबित कर दिया कि परीक्षा पे चर्चा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों के लिए एक प्रेरणादायक मंच है। यहां छात्रों को न केवल परीक्षा की तैयारी के टिप्स मिलते हैं, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाई जाती है। पीएम मोदी का छात्रों से सीधा संवाद उन्हें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच प्रदान करता है, जो किसी भी परीक्षा या चुनौती का सामना करने के लिए आवश्यक है।