AI Impact Summit 2026: कृषि और मातृभाषा शिक्षा में AI विस्तार पर पीएम मोदी ने स्टार्टअप्स से किया संवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित एक राउंडटेबल बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप-टेक क्षेत्र के 16 स्टार्टअप्स के सीईओ और संस्थापकों के साथ चर्चा की। इस दौरान स्टार्टअप्स ने अपने नवाचारी विचारों और चल रही परियोजनाओं को प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप एआई-आधारित समाधान विकसित करना था।
कृषि और पर्यावरण में AI की बढ़ती भूमिका
प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि फसल उत्पादकता की निगरानी, उर्वरकों के संतुलित प्रयोग और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में एआई महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु जोखिम प्रबंधन के लिए जियोस्पेशियल और अंडरवॉटर इंटेलिजेंस जैसी उन्नत तकनीकों के उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
मातृभाषा में उच्च शिक्षा के लिए AI उपकरण
मोदी ने भारतीय भाषाओं और संस्कृति को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा को मातृभाषा में सुलभ बनाने के लिए एआई उपकरणों का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, तकनीक की मदद से शिक्षा को अधिक समावेशी और सुलभ बनाया जा सकता है, जिससे हर वर्ग के लोग लाभान्वित हो सकें।
डेटा गवर्नेंस और गलत सूचना पर चेतावनी
बैठक में प्रधानमंत्री ने मजबूत डेटा गवर्नेंस की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने एआई के माध्यम से फैलने वाली गलत सूचना के खतरे को लेकर आगाह किया और कहा कि तकनीक का उपयोग जिम्मेदारी और नैतिकता के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि डेटा की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है।
UPI का उदाहरण और घरेलू उत्पादों पर भरोसा
मोदी ने नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा संचालित UPI मॉडल का उल्लेख करते हुए इसे सरल और स्केलेबल डिजिटल इनोवेशन का बेहतरीन उदाहरण बताया। उन्होंने भारतीय कंपनियों पर भरोसा जताया और घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की। साथ ही, अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ाने और स्टार्टअप्स में निवेशकों की बढ़ती रुचि का भी उल्लेख किया।
हेल्थकेयर से साइबर सिक्योरिटी तक AI का विस्तार
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, स्टार्टअप्स हेल्थकेयर में एडवांस डायग्नोस्टिक्स, जीन थेरेपी और मरीजों के रिकॉर्ड प्रबंधन में एआई का उपयोग कर रहे हैं, ताकि अंतिम छोर तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें। इसके अलावा, साइबर सिक्योरिटी, एथिकल एआई, स्पेस टेक्नोलॉजी, स्थानीय भाषाओं में न्याय और शिक्षा की पहुंच बढ़ाने तथा एंटरप्राइज सिस्टम्स के आधुनिकीकरण पर काम करने वाले वेंचर्स भी बैठक में शामिल थे। बयान में कहा गया कि यह इकोसिस्टम स्थानीय जरूरतों को पूरा करते हुए वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
स्टार्टअप्स ने भारत के प्रयासों की सराहना की
एआई स्टार्टअप्स ने भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता इकोसिस्टम को मजबूत करने के निरंतर प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि एआई सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है और इसमें अपार संभावनाएं हैं। उनका मानना है कि वैश्विक स्तर पर एआई इनोवेशन और तैनाती का केंद्र अब तेजी से भारत की ओर शिफ्ट हो रहा है। प्रतिभागियों ने AI Impact Summit को वैश्विक एआई विमर्श में भारत की बढ़ती भूमिका का प्रतीक बताया।
बैठक में शामिल प्रमुख स्टार्टअप्स
बैठक में एब्रिड, अदालत एआई, ब्रेनसाइट एआई, क्रेडो एआई, एका केयर, ग्लीन, इनोगल, इनवीडियो, मीको, ओरिजिन, प्रोफेज, रैसन, रूबरिक, सैटस्योर, सुपरनोवा और सायफा एआई के सीईओ और संस्थापक शामिल हुए। इस दौरान प्रधानमंत्री के साथ प्रधान सचिव पी. के. मिश्रा, प्रधान सचिव-2 शाक्तिकांत दास और केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी उपस्थित रहे।